17 हॉल और 900 स्थायी शोरूम में दिखेगी भारतीय हस्तशिल्प की विविधता
3,000 से अधिक प्रदर्शक होम डेकोर, फर्नीचर, लाइटिंग और लाइफस्टाइल उत्पादों का करेंगे प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा। 62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 का आयोजन 13 से 17 अक्टूबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में किया जाएगा। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में लगभग 100 देशों के खरीदारों के शामिल होने की उम्मीद है। मेले में 3,000 से अधिक प्रदर्शक 17 हॉल और 900 स्थायी शोरूम में भारतीय हस्तशिल्प, होम डेकोर, फर्नीचर, फैशन, फर्निशिंग और लाइटिंग उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।
12 अक्टूबर 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता में मेले से जुड़ी तैयारियों और प्रमुख आकर्षणों की जानकारी साझा की गई। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय निर्माताओं, निर्यातकों, डिजाइनरों और कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ना तथा निर्यात के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
भारतीय हस्तशिल्प को मिलेगा वैश्विक बाजार
वर्ष 1994 में शुरू हुआ आईएचजीएफ दिल्ली फेयर भारतीय हस्तशिल्प उद्योग के प्रमुख व्यापारिक मंचों में शामिल है। इस बार मेले में होम, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्नीचर और इंटीरियर से संबंधित उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला देखने को मिलेगी।
ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि यह मेला वैश्विक खरीदारों और भारतीय निर्यातकों के बीच विश्वसनीय संपर्क स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस संस्करण से व्यापारिक नेटवर्किंग मजबूत होगी और भारतीय हस्तशिल्प क्षेत्र को नए अवसर मिलेंगे।
उन्होंने भारत के विभिन्न देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों को भी निर्यात की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
16 उत्पाद श्रेणियों में होंगे नए डिजाइन
मेले में होम डेकोर एवं एक्सेंट्स, होम फर्निशिंग, कालीन एवं रग, टेक्सटाइल एवं लिनन, गिफ्ट्स, फर्नीचर, फैशन ज्वेलरी, बैग एवं एक्सेसरीज, लैंप एवं लाइटिंग एक्सेसरीज, आउटडोर एवं गार्डन, किचन एवं डिनरवेयर तथा अन्य उत्पाद श्रेणियां शामिल होंगी।
इसके अलावा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों, केन एवं बांस से बने सामान, बाथरूम एक्सेसरीज, खिलौनों और फेस्टिव डेकोर का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को विभिन्न उत्पादों और डिजाइन विकल्पों की एक ही स्थान पर जानकारी मिलेगी।
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता के अनुसार, मेले में ट्रेंड बूथ, यंग डिजाइनर्स कलेक्टिव, क्षेत्रीय शिल्प प्रदर्शन और चयनित हैंडलूम बुनकरों की भागीदारी भी प्रमुख आकर्षण होगी। इन पहलों के माध्यम से पारंपरिक शिल्प को आधुनिक डिजाइन और बाजार की मांग से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
100 देशों के खरीदारों की भागीदारी की उम्मीद
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया कि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, इटली, संयुक्त अरब अमीरात और कई अन्य देशों से खरीदारों के आने की उम्मीद है।
भारतीय बाजार से भी रिलायंस रिटेल, फैबइंडिया, शॉपर्स स्टॉप, ट्रेंट, लुलु ग्रुप और मिनिसो लाइफस्टाइल जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मेले में आने की पुष्टि की है।
आयोजकों के अनुसार, खरीदारों को उत्पाद निर्माताओं से सीधे बातचीत करने और अपनी बाजार जरूरतों के अनुसार कस्टमाइज्ड उत्पादों की सोर्सिंग करने का अवसर मिलेगा।
निर्यातकों के लिए होंगे ज्ञानवर्धक सत्र
मेले के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वैश्विक खरीदार रुझानों, डिजिटल माध्यमों से ऑर्डर प्राप्त करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। यूरोपीय संघ के पर्यावरण एवं पैकेजिंग संबंधी नियमों और भारत के मुक्त व्यापार समझौतों पर भी चर्चा होगी।
ईपीसीएच के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का हस्तशिल्प निर्यात 33,168 करोड़ रुपये यानी 3,754 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
पांच दिनों तक चलने वाला यह आयोजन भारतीय हस्तशिल्प, डिजाइन और विनिर्माण क्षमता को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने तथा निर्यातकों के लिए नए व्यापारिक अवसर विकसित करने का मंच बनेगा।


