Thursday, October 1, 2026
spot_img

National

spot_img

योगी सरकार के विजन को मिला वैश्विक मंच, UPITS 2026 बना व्यापार का नया केंद्र

UPITS 2026 में ₹5,500 करोड़ के व्यापारिक समझौते, ₹12,500 करोड़ की कारोबारी पूछताछ

35,387 B2B बैठकें और 5.48 लाख से अधिक फुटफॉल, अंतिम दिन से पहले ही बने नए रिकॉर्ड

ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर 2026। UPITS 2026 ने उत्तर प्रदेश की व्यापारिक और औद्योगिक क्षमता को वैश्विक मंच पर नई पहचान दी है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित हो रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे दिन तक कारोबार और भागीदारी के कई महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं।
28 सितंबर तक ट्रेड शो में करीब ₹5,500 करोड़ यानी 574 मिलियन अमेरिकी डॉलर के 3,765 व्यापारिक समझौते (MoUs) दर्ज किए गए। इसके अलावा देश-विदेश के खरीदारों और कंपनियों की ओर से करीब ₹12,500 करोड़ की कारोबारी पूछताछ प्राप्त हुई है। आयोजन का अंतिम दिन अभी बाकी है, इसलिए इन आंकड़ों में और बढ़ोतरी की संभावना है।

UPITS 2026 में 35,387 B2B बैठकें

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) के अपर महानिदेशक सुविध शाह के अनुसार, 28 सितंबर तक कुल 35,387 बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें आयोजित हुईं।
इनमें 11,887 बैठकें रिवर्स बायर-सेलर मीट (RBSM) के दौरान हुईं। वहीं मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच 23,500 B2B बैठकें दर्ज की गईं।
इन बैठकों के जरिए उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं और निर्यातकों को देश और विदेश के खरीदारों से सीधे संवाद का अवसर मिला। साथ ही नए कारोबारी संबंध बनाने और निर्यात के अवसर तलाशने के रास्ते खुले।

‘लोकल से ग्लोबल’ विजन को मिली नई गति

UPITS 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के अनुरूप आयोजित किया गया है। ट्रेड शो में प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, एमएसएमई, एक जिला-एक उत्पाद (ODOP), हथकरघा, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और आधुनिक विनिर्माण को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया।
इस आयोजन के माध्यम से छोटे और मध्यम उद्यमों को बड़े खरीदारों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला। इससे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, बाजार विस्तार और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देने का मंच तैयार हुआ।
25 सितंबर को ट्रेड शो का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। इसके बाद चार दिनों में हुई कारोबारी गतिविधियों ने आयोजन के बढ़ते दायरे को सामने रखा है।

5,48,881 लोगों ने ट्रेड शो में दर्ज कराई मौजूदगी

कारोबारी गतिविधियों के साथ UPITS 2026 में बड़ी जनभागीदारी भी देखने को मिली। 28 सितंबर तक के आधिकारिक संचयी आंकड़ों के अनुसार, ट्रेड शो में कुल 5,48,881 फुटफॉल दर्ज की गई।
इसमें 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदार और 3,92,358 सामान्य आगंतुक शामिल रहे। बड़ी संख्या में खरीदारों, उद्यमियों और आगंतुकों की मौजूदगी से इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट के विभिन्न प्रदर्शनी हॉल में लगातार कारोबारी गतिविधियां बनी रहीं।

खाद्य प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता पर जोर

चौथे दिन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से आयोजित ‘उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण नीति 2023’ पर केंद्रित सत्र में हिस्सा लिया।
सत्र में खाद्य अर्थव्यवस्था में मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, उद्यमिता और निवेश को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। केशव प्रसाद मौर्य ने कृषि उत्पादन को खाद्य प्रसंस्करण और बाजार के अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि उत्पादन के स्रोत के निकट प्रसंस्करण क्षमताओं को मजबूत करने से किसानों, युवाओं और ग्रामीण उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

वित्तीय समावेशन और आर्थिक विकास पर चर्चा

चौथे दिन वित्तीय समावेशन और उत्तरदायी आर्थिक विकास भी चर्चा के प्रमुख विषय रहे। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने दो महत्वपूर्ण सत्रों में हिस्सा लिया।
उन्होंने वित्तीय समावेशन, राजकोषीय अनुशासन और पारदर्शी सेवा वितरण पर जोर दिया। उनके अनुसार, प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं और कृषि, विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्र में लगातार गतिविधियां हो रही हैं।
एक अन्य सत्र ‘वित्तीय अनुशासन से पारदर्शी सेवा वितरण तक’ में वित्तीय अनुशासन को पारदर्शी शासन, संस्थागत वित्त और सुरक्षित सेवा वितरण से जोड़कर चर्चा की गई।
एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने छोटे उद्यमों के लिए वित्त के साथ-साथ तकनीक, बाजार और विस्तार के अवसर उपलब्ध कराने वाले इकोसिस्टम की आवश्यकता पर जोर दिया।

नई श्रम संहिताओं और उद्योग के बीच संतुलन पर जोर

श्रम विभाग की ओर से आयोजित ‘नए श्रम संहिताओं पर कार्यशाला’ में श्रमिक कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, अनुपालन और उद्योग के अनुकूल वातावरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बदलते श्रम ढांचे के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। साथ ही श्रमिकों के हितों और उद्योगों के लिए अनुपालन की सुगमता के बीच संतुलन पर जोर दिया।

रक्षा विनिर्माण और सप्लाई चेन पर भी फोकस

UPITS 2026 के चौथे दिन UPEIDA के ‘From Your Factory to the Front Line’ सत्र ने रक्षा विनिर्माण और सप्लाई चेन से जुड़े अवसरों को चर्चा के केंद्र में रखा।
औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि पारंपरिक उद्योगों और एमएसएमई से लेकर उच्च-मूल्य विनिर्माण तथा रणनीतिक क्षेत्रों तक, UPITS 2026 कारोबारियों को रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखलाओं में उभरती आवश्यकताओं और संभावनाओं को समझने का अवसर दे रहा है।

व्यापार के साथ संस्कृति का भी संगम

UPITS 2026 केवल कारोबारी गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा। चौथे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वाराणसी के पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्रा की सितार प्रस्तुति, लखनऊ की सबीना सैफी का सुगम संगीत और नोएडा की निशा केसरी की कथक प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
पीलीभीत के राजनेश राणा ने पारंपरिक थारू जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अलावा सूफी बैंड की प्रस्तुति ने सांस्कृतिक कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया।
इन कार्यक्रमों के जरिए उत्तर प्रदेश की कला, संगीत और लोक परंपराओं को भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के मंच पर जगह मिली।

29 सितंबर के अंतिम दिन पर टिकी नजर

28 सितंबर तक के आंकड़े बताते हैं कि UPITS 2026 ने चार दिनों में कारोबार, B2B संवाद और आगंतुकों की भागीदारी के स्तर पर महत्वपूर्ण गतिविधियां दर्ज की हैं। अब सभी की नजरें 29 सितंबर के अंतिम दिन पर हैं।
अंतिम दिन व्यापारिक समझौतों, कारोबारी पूछताछ, B2B बैठकों और फुटफॉल के आंकड़ों में और वृद्धि दर्ज होने की संभावना है। चार दिनों की गतिविधियों ने उत्तर प्रदेश के एमएसएमई, ODOP, हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र को घरेलू तथा वैश्विक खरीदारों से जोड़ने में ट्रेड शो की भूमिका को सामने रखा है।

International

spot_img

योगी सरकार के विजन को मिला वैश्विक मंच, UPITS 2026 बना व्यापार का नया केंद्र

UPITS 2026 में ₹5,500 करोड़ के व्यापारिक समझौते, ₹12,500 करोड़ की कारोबारी पूछताछ

35,387 B2B बैठकें और 5.48 लाख से अधिक फुटफॉल, अंतिम दिन से पहले ही बने नए रिकॉर्ड

ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर 2026। UPITS 2026 ने उत्तर प्रदेश की व्यापारिक और औद्योगिक क्षमता को वैश्विक मंच पर नई पहचान दी है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित हो रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे दिन तक कारोबार और भागीदारी के कई महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं।
28 सितंबर तक ट्रेड शो में करीब ₹5,500 करोड़ यानी 574 मिलियन अमेरिकी डॉलर के 3,765 व्यापारिक समझौते (MoUs) दर्ज किए गए। इसके अलावा देश-विदेश के खरीदारों और कंपनियों की ओर से करीब ₹12,500 करोड़ की कारोबारी पूछताछ प्राप्त हुई है। आयोजन का अंतिम दिन अभी बाकी है, इसलिए इन आंकड़ों में और बढ़ोतरी की संभावना है।

UPITS 2026 में 35,387 B2B बैठकें

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) के अपर महानिदेशक सुविध शाह के अनुसार, 28 सितंबर तक कुल 35,387 बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें आयोजित हुईं।
इनमें 11,887 बैठकें रिवर्स बायर-सेलर मीट (RBSM) के दौरान हुईं। वहीं मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच 23,500 B2B बैठकें दर्ज की गईं।
इन बैठकों के जरिए उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं और निर्यातकों को देश और विदेश के खरीदारों से सीधे संवाद का अवसर मिला। साथ ही नए कारोबारी संबंध बनाने और निर्यात के अवसर तलाशने के रास्ते खुले।

‘लोकल से ग्लोबल’ विजन को मिली नई गति

UPITS 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के अनुरूप आयोजित किया गया है। ट्रेड शो में प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, एमएसएमई, एक जिला-एक उत्पाद (ODOP), हथकरघा, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और आधुनिक विनिर्माण को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया।
इस आयोजन के माध्यम से छोटे और मध्यम उद्यमों को बड़े खरीदारों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला। इससे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, बाजार विस्तार और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देने का मंच तैयार हुआ।
25 सितंबर को ट्रेड शो का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। इसके बाद चार दिनों में हुई कारोबारी गतिविधियों ने आयोजन के बढ़ते दायरे को सामने रखा है।

5,48,881 लोगों ने ट्रेड शो में दर्ज कराई मौजूदगी

कारोबारी गतिविधियों के साथ UPITS 2026 में बड़ी जनभागीदारी भी देखने को मिली। 28 सितंबर तक के आधिकारिक संचयी आंकड़ों के अनुसार, ट्रेड शो में कुल 5,48,881 फुटफॉल दर्ज की गई।
इसमें 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदार और 3,92,358 सामान्य आगंतुक शामिल रहे। बड़ी संख्या में खरीदारों, उद्यमियों और आगंतुकों की मौजूदगी से इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट के विभिन्न प्रदर्शनी हॉल में लगातार कारोबारी गतिविधियां बनी रहीं।

खाद्य प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता पर जोर

चौथे दिन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से आयोजित ‘उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण नीति 2023’ पर केंद्रित सत्र में हिस्सा लिया।
सत्र में खाद्य अर्थव्यवस्था में मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, उद्यमिता और निवेश को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। केशव प्रसाद मौर्य ने कृषि उत्पादन को खाद्य प्रसंस्करण और बाजार के अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि उत्पादन के स्रोत के निकट प्रसंस्करण क्षमताओं को मजबूत करने से किसानों, युवाओं और ग्रामीण उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

वित्तीय समावेशन और आर्थिक विकास पर चर्चा

चौथे दिन वित्तीय समावेशन और उत्तरदायी आर्थिक विकास भी चर्चा के प्रमुख विषय रहे। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने दो महत्वपूर्ण सत्रों में हिस्सा लिया।
उन्होंने वित्तीय समावेशन, राजकोषीय अनुशासन और पारदर्शी सेवा वितरण पर जोर दिया। उनके अनुसार, प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं और कृषि, विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्र में लगातार गतिविधियां हो रही हैं।
एक अन्य सत्र ‘वित्तीय अनुशासन से पारदर्शी सेवा वितरण तक’ में वित्तीय अनुशासन को पारदर्शी शासन, संस्थागत वित्त और सुरक्षित सेवा वितरण से जोड़कर चर्चा की गई।
एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने छोटे उद्यमों के लिए वित्त के साथ-साथ तकनीक, बाजार और विस्तार के अवसर उपलब्ध कराने वाले इकोसिस्टम की आवश्यकता पर जोर दिया।

नई श्रम संहिताओं और उद्योग के बीच संतुलन पर जोर

श्रम विभाग की ओर से आयोजित ‘नए श्रम संहिताओं पर कार्यशाला’ में श्रमिक कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, अनुपालन और उद्योग के अनुकूल वातावरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बदलते श्रम ढांचे के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। साथ ही श्रमिकों के हितों और उद्योगों के लिए अनुपालन की सुगमता के बीच संतुलन पर जोर दिया।

रक्षा विनिर्माण और सप्लाई चेन पर भी फोकस

UPITS 2026 के चौथे दिन UPEIDA के ‘From Your Factory to the Front Line’ सत्र ने रक्षा विनिर्माण और सप्लाई चेन से जुड़े अवसरों को चर्चा के केंद्र में रखा।
औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि पारंपरिक उद्योगों और एमएसएमई से लेकर उच्च-मूल्य विनिर्माण तथा रणनीतिक क्षेत्रों तक, UPITS 2026 कारोबारियों को रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखलाओं में उभरती आवश्यकताओं और संभावनाओं को समझने का अवसर दे रहा है।

व्यापार के साथ संस्कृति का भी संगम

UPITS 2026 केवल कारोबारी गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा। चौथे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वाराणसी के पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्रा की सितार प्रस्तुति, लखनऊ की सबीना सैफी का सुगम संगीत और नोएडा की निशा केसरी की कथक प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
पीलीभीत के राजनेश राणा ने पारंपरिक थारू जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अलावा सूफी बैंड की प्रस्तुति ने सांस्कृतिक कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया।
इन कार्यक्रमों के जरिए उत्तर प्रदेश की कला, संगीत और लोक परंपराओं को भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के मंच पर जगह मिली।

29 सितंबर के अंतिम दिन पर टिकी नजर

28 सितंबर तक के आंकड़े बताते हैं कि UPITS 2026 ने चार दिनों में कारोबार, B2B संवाद और आगंतुकों की भागीदारी के स्तर पर महत्वपूर्ण गतिविधियां दर्ज की हैं। अब सभी की नजरें 29 सितंबर के अंतिम दिन पर हैं।
अंतिम दिन व्यापारिक समझौतों, कारोबारी पूछताछ, B2B बैठकों और फुटफॉल के आंकड़ों में और वृद्धि दर्ज होने की संभावना है। चार दिनों की गतिविधियों ने उत्तर प्रदेश के एमएसएमई, ODOP, हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र को घरेलू तथा वैश्विक खरीदारों से जोड़ने में ट्रेड शो की भूमिका को सामने रखा है।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES