Friday, October 9, 2026
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ग्रेटर नोएडा में 11 से 20 अक्टूबर तक भव्य रामलीला एवं दशहरा महोत्सव 2026, 65 फीट ऊंचा होगा रावण का पुतला

325 फीट लंबे बहुमंजिला मंच पर 100 से अधिक कलाकार करेंगे रामलीला का मंचन

एलईडी स्क्रीन, आधुनिक लाइट-साउंड सिस्टम, विशाल मेला और भव्य आतिशबाजी रहेंगी प्रमुख आकर्षण

ग्रेटर नोएडा। श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक शाम 7 बजे से भव्य रामलीला एवं दशहरा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस बार आयोजन में आधुनिक तकनीक, विशाल मंच, आकर्षक दृश्य प्रभाव और पारंपरिक धार्मिक प्रस्तुतियों का संगम देखने को मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, रामलीला के मंचन में 100 से अधिक कलाकार हिस्सा लेंगे। वहीं, दशहरा महोत्सव में 65 फीट ऊंचे रावण, 60 फीट ऊंचे कुंभकरण और 55 फीट ऊंचे मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा।

आयोजन का उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। कमेटी का मानना है कि धन-संपत्ति से अधिक महत्वपूर्ण चरित्र और अच्छे संस्कार हैं। रामलीला के माध्यम से परिवारों और बच्चों को मर्यादा, धैर्य, कर्तव्य, त्याग तथा सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

संस्कृति, संस्कार और चरित्र को समर्पित होगा रामलीला महोत्सव

श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के अनुसार, भगवान श्रीराम का जीवन आदर्श चरित्र, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। रामलीला और दशहरा महोत्सव भारतीय सनातन संस्कृति की ऐसी परंपराएं हैं, जिनके माध्यम से समाज को अच्छाई की बुराई पर जीत का संदेश दिया जाता है।

आयोजकों का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से रामलीला को पारंपरिक स्वरूप के साथ आधुनिक प्रस्तुति तकनीकों से जोड़ा जा रहा है, ताकि बच्चे और युवा इसकी कहानियों तथा उनके संदेशों को आसानी से समझ सकें।

संस्था के संस्थापक एवं मार्गदर्शक गोस्वामी सुशील जी महाराज को रामलीला के निर्देशन और मंचन का 60 वर्ष से अधिक का अनुभव बताया गया है। वहीं, संस्था के अध्यक्ष आनंद भाटी आयोजन की योजनाओं को धरातल पर उतारने और टीम के साथ समन्वय बनाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

325 फीट लंबे मंच पर होगा भव्य मंचन

इस वर्ष रामलीला के लिए 325 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा बहुमंजिला मंच तैयार किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, मंच पर 100 से अधिक कलाकार विभिन्न प्रसंगों का जीवंत मंचन करेंगे।

रामलीला को आकर्षक बनाने के लिए पिछले तीन वर्षों से पारंपरिक पर्दों की जगह विशाल एलईडी स्क्रीन और ग्राफिक्स तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बार इन व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की तैयारी है। इसके माध्यम से दर्शकों को दृश्यों की विस्तृत प्रस्तुति और आधुनिक थिएटर जैसा अनुभव देने का प्रयास किया जाएगा।

इसके साथ ही प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि तकनीक का विशेष संयोजन किया जाएगा। मंच पर होने वाले प्रसंगों के अनुरूप रोशनी, ध्वनि प्रभाव और ग्राफिक्स का इस्तेमाल दर्शकों के अनुभव को और प्रभावशाली बनाएगा।

रामलीला के साथ विशाल मेले का भी होगा आयोजन

रामलीला और दशहरा महोत्सव के दौरान दर्शकों के लिए विशाल मेले की व्यवस्था भी की जाएगी। इसमें देश की विभिन्न संस्कृतियों से जुड़े हस्तशिल्प स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके अलावा, विभिन्न प्रकार के झूले भी मेले के आकर्षण का हिस्सा होंगे।

इस तरह धार्मिक आयोजन के साथ लोगों को सांस्कृतिक गतिविधियों, हस्तशिल्प और मनोरंजन का अवसर मिलेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि रामलीला और मेले में परिवारों, बच्चों तथा युवाओं की भागीदारी रहेगी।

65 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन

दशहरा महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतलों का दहन शामिल रहेगा। आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुतलों की ऊंचाई इस प्रकार होगी:

– रावण: 65 फीट

– कुंभकरण: 60 फीट

– मेघनाथ: 55 फीट

पुतला दहन के साथ भव्य आतिशबाजी की भी तैयारी की जा रही है। दशहरा पर्व पर होने वाला यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देगा। विशाल पुतलों और आतिशबाजी के कारण यह कार्यक्रम दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है।

11 से 20 अक्टूबर तक इन प्रसंगों का होगा मंचन

श्री धार्मिक रामलीला कमेटी ने आयोजन के दौरान प्रस्तुत किए जाने वाले प्रमुख प्रसंगों का कार्यक्रम भी साझा किया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रतिदिन शाम 7 बजे से रामलीला का मंचन किया जाएगा।

11 अक्टूबर 2026: गणेश पूजन और शिव-पार्वती विवाह।

12 अक्टूबर 2026: नारद मोह लीला, रावण दरबार और देवासुर संग्राम।

13 अक्टूबर 2026: राम जन्म, सीता जन्म, बाल लीला और विद्या अभ्यास।

14 अक्टूबर 2026: ताड़का वध, सीता स्वयंवर और राम बारात।

15 अक्टूबर 2026: कैकेयी-मंथरा संवाद, राम वनवास और चित्रकूट प्रसंग।

16 अक्टूबर 2026: ऋषि मिलन, पंचवटी, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण और जटायु वध।

17 अक्टूबर 2026: राम-भरत मिलाप, शबरी प्रसंग, राम-हनुमान मिलन, किष्किंधा प्रसंग, बाली वध और अशोक वाटिका।

18 अक्टूबर 2026: लंका दहन, सेतु निर्माण और रावण-अंगद संवाद।

19 अक्टूबर 2026: लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध तथा राम-कुंभकरण और रावण युद्ध से जुड़े प्रसंग।

20 अक्टूबर 2026: रावण, मेघनाद और कुम्भकरण पुतला दहन।

आयोजन को सफल बनाने में जुटी कमेटी

श्री धार्मिक रामलीला कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों के अनुसार, आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। इस मौके पर संस्था के संस्थापक गोस्वामी सुशील जी महाराज संस्थापक श्री राजकुमार नागर श्री प्रदीप शर्मा श्री शेर सिंह भाटी श्री हरवीर मावी मुख्य संरक्षक श्री नरेश गुप्ता संरक्षक श्री सुशील नागर श्री धीरेंद्र भाटी श्री धीरज शर्मा श्री बालकिशन सफीपुर श्री दिनेश गुप्ता श्री पवन नागर श्री मनोज गुप्ता श्री सतीश भाटी अध्यक्ष श्री आनंद भाटी महासचिव श्रीमती ममता तिवारी कोषाध्यक्ष श्री अजय नागर वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री महेश शर्मा बदौली श्री उमेश गौतम श्री सत्यवीर मुखिया श्रीमती रोशनी सिंह श्री महेश कमांडो श्री चैन पाल प्रधान श्री जितेंद्र भाटी श्री सुभाष भाटी श्री मनीष डाबर मीडिया प्रभारी श्री अतुल आनंद उपाध्यक्ष श्री फिरे प्रधान श्री पी पी शर्मा श्री श्याम सुंदर फौजी श्री यशपाल नागर सचिव श्रीमती ज्योति सिंह श्रीमती गीता शागर श्री राकेश भाटी श्री भगवत भाटी श्री तेज कुमार भाटी श्री पवन भाटी श्री वीरपाल मावी उपस्थित रहे हैं।

धार्मिक परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम

श्री धार्मिक रामलीला कमेटी का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक मंच तकनीक को एक साथ प्रस्तुत करने की तैयारी में है। विशाल मंच, एलईडी स्क्रीन, प्रकाश एवं ध्वनि प्रभाव, सांस्कृतिक स्टॉल, झूले और दशहरा पुतला दहन कार्यक्रम को विशेष स्वरूप देंगे।

रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत करते हुए नई पीढ़ी तक संस्कार और मर्यादा का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह महोत्सव क्षेत्रवासियों के लिए मनोरंजन के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव और पारिवारिक सहभागिता का अवसर बनेगा।

 

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ग्रेटर नोएडा में 11 से 20 अक्टूबर तक भव्य रामलीला एवं दशहरा महोत्सव 2026, 65 फीट ऊंचा होगा रावण का पुतला

325 फीट लंबे बहुमंजिला मंच पर 100 से अधिक कलाकार करेंगे रामलीला का मंचन

एलईडी स्क्रीन, आधुनिक लाइट-साउंड सिस्टम, विशाल मेला और भव्य आतिशबाजी रहेंगी प्रमुख आकर्षण

ग्रेटर नोएडा। श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक शाम 7 बजे से भव्य रामलीला एवं दशहरा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस बार आयोजन में आधुनिक तकनीक, विशाल मंच, आकर्षक दृश्य प्रभाव और पारंपरिक धार्मिक प्रस्तुतियों का संगम देखने को मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, रामलीला के मंचन में 100 से अधिक कलाकार हिस्सा लेंगे। वहीं, दशहरा महोत्सव में 65 फीट ऊंचे रावण, 60 फीट ऊंचे कुंभकरण और 55 फीट ऊंचे मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा।

आयोजन का उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। कमेटी का मानना है कि धन-संपत्ति से अधिक महत्वपूर्ण चरित्र और अच्छे संस्कार हैं। रामलीला के माध्यम से परिवारों और बच्चों को मर्यादा, धैर्य, कर्तव्य, त्याग तथा सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

संस्कृति, संस्कार और चरित्र को समर्पित होगा रामलीला महोत्सव

श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के अनुसार, भगवान श्रीराम का जीवन आदर्श चरित्र, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। रामलीला और दशहरा महोत्सव भारतीय सनातन संस्कृति की ऐसी परंपराएं हैं, जिनके माध्यम से समाज को अच्छाई की बुराई पर जीत का संदेश दिया जाता है।

आयोजकों का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से रामलीला को पारंपरिक स्वरूप के साथ आधुनिक प्रस्तुति तकनीकों से जोड़ा जा रहा है, ताकि बच्चे और युवा इसकी कहानियों तथा उनके संदेशों को आसानी से समझ सकें।

संस्था के संस्थापक एवं मार्गदर्शक गोस्वामी सुशील जी महाराज को रामलीला के निर्देशन और मंचन का 60 वर्ष से अधिक का अनुभव बताया गया है। वहीं, संस्था के अध्यक्ष आनंद भाटी आयोजन की योजनाओं को धरातल पर उतारने और टीम के साथ समन्वय बनाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

325 फीट लंबे मंच पर होगा भव्य मंचन

इस वर्ष रामलीला के लिए 325 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा बहुमंजिला मंच तैयार किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, मंच पर 100 से अधिक कलाकार विभिन्न प्रसंगों का जीवंत मंचन करेंगे।

रामलीला को आकर्षक बनाने के लिए पिछले तीन वर्षों से पारंपरिक पर्दों की जगह विशाल एलईडी स्क्रीन और ग्राफिक्स तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बार इन व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की तैयारी है। इसके माध्यम से दर्शकों को दृश्यों की विस्तृत प्रस्तुति और आधुनिक थिएटर जैसा अनुभव देने का प्रयास किया जाएगा।

इसके साथ ही प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि तकनीक का विशेष संयोजन किया जाएगा। मंच पर होने वाले प्रसंगों के अनुरूप रोशनी, ध्वनि प्रभाव और ग्राफिक्स का इस्तेमाल दर्शकों के अनुभव को और प्रभावशाली बनाएगा।

रामलीला के साथ विशाल मेले का भी होगा आयोजन

रामलीला और दशहरा महोत्सव के दौरान दर्शकों के लिए विशाल मेले की व्यवस्था भी की जाएगी। इसमें देश की विभिन्न संस्कृतियों से जुड़े हस्तशिल्प स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके अलावा, विभिन्न प्रकार के झूले भी मेले के आकर्षण का हिस्सा होंगे।

इस तरह धार्मिक आयोजन के साथ लोगों को सांस्कृतिक गतिविधियों, हस्तशिल्प और मनोरंजन का अवसर मिलेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि रामलीला और मेले में परिवारों, बच्चों तथा युवाओं की भागीदारी रहेगी।

65 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन

दशहरा महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतलों का दहन शामिल रहेगा। आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुतलों की ऊंचाई इस प्रकार होगी:

– रावण: 65 फीट

– कुंभकरण: 60 फीट

– मेघनाथ: 55 फीट

पुतला दहन के साथ भव्य आतिशबाजी की भी तैयारी की जा रही है। दशहरा पर्व पर होने वाला यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देगा। विशाल पुतलों और आतिशबाजी के कारण यह कार्यक्रम दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है।

11 से 20 अक्टूबर तक इन प्रसंगों का होगा मंचन

श्री धार्मिक रामलीला कमेटी ने आयोजन के दौरान प्रस्तुत किए जाने वाले प्रमुख प्रसंगों का कार्यक्रम भी साझा किया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रतिदिन शाम 7 बजे से रामलीला का मंचन किया जाएगा।

11 अक्टूबर 2026: गणेश पूजन और शिव-पार्वती विवाह।

12 अक्टूबर 2026: नारद मोह लीला, रावण दरबार और देवासुर संग्राम।

13 अक्टूबर 2026: राम जन्म, सीता जन्म, बाल लीला और विद्या अभ्यास।

14 अक्टूबर 2026: ताड़का वध, सीता स्वयंवर और राम बारात।

15 अक्टूबर 2026: कैकेयी-मंथरा संवाद, राम वनवास और चित्रकूट प्रसंग।

16 अक्टूबर 2026: ऋषि मिलन, पंचवटी, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण और जटायु वध।

17 अक्टूबर 2026: राम-भरत मिलाप, शबरी प्रसंग, राम-हनुमान मिलन, किष्किंधा प्रसंग, बाली वध और अशोक वाटिका।

18 अक्टूबर 2026: लंका दहन, सेतु निर्माण और रावण-अंगद संवाद।

19 अक्टूबर 2026: लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध तथा राम-कुंभकरण और रावण युद्ध से जुड़े प्रसंग।

20 अक्टूबर 2026: रावण, मेघनाद और कुम्भकरण पुतला दहन।

आयोजन को सफल बनाने में जुटी कमेटी

श्री धार्मिक रामलीला कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों के अनुसार, आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। इस मौके पर संस्था के संस्थापक गोस्वामी सुशील जी महाराज संस्थापक श्री राजकुमार नागर श्री प्रदीप शर्मा श्री शेर सिंह भाटी श्री हरवीर मावी मुख्य संरक्षक श्री नरेश गुप्ता संरक्षक श्री सुशील नागर श्री धीरेंद्र भाटी श्री धीरज शर्मा श्री बालकिशन सफीपुर श्री दिनेश गुप्ता श्री पवन नागर श्री मनोज गुप्ता श्री सतीश भाटी अध्यक्ष श्री आनंद भाटी महासचिव श्रीमती ममता तिवारी कोषाध्यक्ष श्री अजय नागर वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री महेश शर्मा बदौली श्री उमेश गौतम श्री सत्यवीर मुखिया श्रीमती रोशनी सिंह श्री महेश कमांडो श्री चैन पाल प्रधान श्री जितेंद्र भाटी श्री सुभाष भाटी श्री मनीष डाबर मीडिया प्रभारी श्री अतुल आनंद उपाध्यक्ष श्री फिरे प्रधान श्री पी पी शर्मा श्री श्याम सुंदर फौजी श्री यशपाल नागर सचिव श्रीमती ज्योति सिंह श्रीमती गीता शागर श्री राकेश भाटी श्री भगवत भाटी श्री तेज कुमार भाटी श्री पवन भाटी श्री वीरपाल मावी उपस्थित रहे हैं।

धार्मिक परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम

श्री धार्मिक रामलीला कमेटी का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक मंच तकनीक को एक साथ प्रस्तुत करने की तैयारी में है। विशाल मंच, एलईडी स्क्रीन, प्रकाश एवं ध्वनि प्रभाव, सांस्कृतिक स्टॉल, झूले और दशहरा पुतला दहन कार्यक्रम को विशेष स्वरूप देंगे।

रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत करते हुए नई पीढ़ी तक संस्कार और मर्यादा का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह महोत्सव क्षेत्रवासियों के लिए मनोरंजन के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव और पारिवारिक सहभागिता का अवसर बनेगा।

 

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