Tuesday, October 6, 2026
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64.7% प्रतिकर की स्वीकृति पर किसानों ने जताई खुशी, शेष 4% भूखंड की मांग को लेकर उठाई आवाज

भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने जनप्रतिनिधियों का जताया आभार, शेष 4% भूखंड की स्वीकृति जल्द देने की मांग

बैकलीज और आबादी के लंबित मामलों के निस्तारण की मांग, 22 अक्टूबर को यमुना प्राधिकरण पर महापंचायत का ऐलान

ग्रेटर नोएडा। भारतीय किसान यूनियन (कृषक) की ओर से किसानों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें संगठन के पदाधिकारियों ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर की स्वीकृति को लेकर खुशी जताई, वहीं शेष 4 प्रतिशत भूखंड की मांग सहित किसानों से जुड़े कई लंबित मामलों को जल्द हल करने की मांग शासन और प्राधिकरण से की।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने कहा कि 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर की स्वीकृति किसानों के लिए खुशी की बात है। उन्होंने इस समझौते को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाने वाले जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार जताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि शेष 4 प्रतिशत भूखंड की स्वीकृति नहीं होने से किसानों में निराशा और दर्द भी है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन जल्द ही किसानों के हित में शेष 4 प्रतिशत भूखंड को लेकर भी निर्णय लेगा। संगठन का कहना है कि किसानों की लंबित मांगों का समाधान होने से क्षेत्र में लंबे समय से चल रही समस्याओं का निस्तारण हो सकेगा।

15 साल से लंबित बैकलीज का मुद्दा उठाया

भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री विजय भाटी मायचा ने कहा कि किसानों की बैकलीज का मुद्दा पिछले करीब 15 वर्षों से लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की नीतियों के कारण इस मामले में किसानों को अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी है।

उन्होंने कहा कि गांवों में लंबे समय से लंबित आबादी से जुड़े मामलों का भी जल्द से जल्द निस्तारण किया जाना चाहिए। किसानों को अपने ही मामलों के समाधान के लिए लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

विजय भाटी मायचा ने न्यू नोएडा में किसानों के अधिकारों को लेकर भी संगठन की आगामी रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन किसानों को मुआवजे के साथ 10 प्रतिशत भूखंड दिए जाने की मांग को लेकर जागरूकता अभियान शुरू करेगा। इसके माध्यम से किसानों को उनके अधिकारों और संबंधित मुद्दों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

1997 से 2001 के बीच अधिग्रहित भूमि के किसानों के लिए भी मांग

जिला अध्यक्ष विक्रम भाटी ने कहा कि वर्ष 1997 से 2001 के बीच जिन किसानों की भूमि का अधिग्रहण हुआ है, उन्हें भी 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर और 10 प्रतिशत भूखंड दिए जाने की मांग संगठन की ओर से की जा रही है।

उन्होंने कहा कि ऐंच्छर, कासना, हल्दोन और गुजरपुर गांवों के किसानों को 10 प्रतिशत भूखंड दिए जाने की नीति शासन स्तर पर स्वीकृत होने की बात सामने आई है, लेकिन संगठन का आरोप है कि इसके बावजूद ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की ओर से किसानों को भूखंड आवंटित नहीं किए जा रहे हैं।

विक्रम भाटी ने ऐंच्छर गांव के किसानों से जुड़े अतिरिक्त प्रतिकर के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 26 रुपये अतिरिक्त प्रतिकर से जुड़े मामले में किसान पिछले करीब 30 वर्षों से प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं। संगठन ने इस मामले में भी जल्द समाधान की मांग की।

बिजली की समस्या पर एनपीएसएल कार्यालय में होगी वार्ता

प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल नागर ने बताया कि किसानों की बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर बुधवार को एनपीएसएल कार्यालय पर अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण वार्ता प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों की बिजली से जुड़ी समस्याओं को वार्ता के माध्यम से उठाया जाएगा और उनके समाधान की मांग की जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि आगामी 22 अक्टूबर को यमुना प्राधिकरण पर विशाल किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। संगठन के अनुसार, महापंचायत में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के पदाधिकारी और किसान रहे मौजूद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर, राष्ट्रीय संचार मंत्री विजय भाटी मायचा, प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल नागर, जिला अध्यक्ष विक्रम भाटी, आशीष नागर, ललित भाटी, परवीन भाटी, यासीन खान सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

संगठन ने कहा कि किसानों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान और उनके अधिकारों की मांग को लेकर आगे भी जागरूकता अभियान और कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे।

International

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64.7% प्रतिकर की स्वीकृति पर किसानों ने जताई खुशी, शेष 4% भूखंड की मांग को लेकर उठाई आवाज

भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने जनप्रतिनिधियों का जताया आभार, शेष 4% भूखंड की स्वीकृति जल्द देने की मांग

बैकलीज और आबादी के लंबित मामलों के निस्तारण की मांग, 22 अक्टूबर को यमुना प्राधिकरण पर महापंचायत का ऐलान

ग्रेटर नोएडा। भारतीय किसान यूनियन (कृषक) की ओर से किसानों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें संगठन के पदाधिकारियों ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर की स्वीकृति को लेकर खुशी जताई, वहीं शेष 4 प्रतिशत भूखंड की मांग सहित किसानों से जुड़े कई लंबित मामलों को जल्द हल करने की मांग शासन और प्राधिकरण से की।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने कहा कि 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर की स्वीकृति किसानों के लिए खुशी की बात है। उन्होंने इस समझौते को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाने वाले जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार जताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि शेष 4 प्रतिशत भूखंड की स्वीकृति नहीं होने से किसानों में निराशा और दर्द भी है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन जल्द ही किसानों के हित में शेष 4 प्रतिशत भूखंड को लेकर भी निर्णय लेगा। संगठन का कहना है कि किसानों की लंबित मांगों का समाधान होने से क्षेत्र में लंबे समय से चल रही समस्याओं का निस्तारण हो सकेगा।

15 साल से लंबित बैकलीज का मुद्दा उठाया

भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री विजय भाटी मायचा ने कहा कि किसानों की बैकलीज का मुद्दा पिछले करीब 15 वर्षों से लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की नीतियों के कारण इस मामले में किसानों को अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी है।

उन्होंने कहा कि गांवों में लंबे समय से लंबित आबादी से जुड़े मामलों का भी जल्द से जल्द निस्तारण किया जाना चाहिए। किसानों को अपने ही मामलों के समाधान के लिए लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

विजय भाटी मायचा ने न्यू नोएडा में किसानों के अधिकारों को लेकर भी संगठन की आगामी रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन किसानों को मुआवजे के साथ 10 प्रतिशत भूखंड दिए जाने की मांग को लेकर जागरूकता अभियान शुरू करेगा। इसके माध्यम से किसानों को उनके अधिकारों और संबंधित मुद्दों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

1997 से 2001 के बीच अधिग्रहित भूमि के किसानों के लिए भी मांग

जिला अध्यक्ष विक्रम भाटी ने कहा कि वर्ष 1997 से 2001 के बीच जिन किसानों की भूमि का अधिग्रहण हुआ है, उन्हें भी 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर और 10 प्रतिशत भूखंड दिए जाने की मांग संगठन की ओर से की जा रही है।

उन्होंने कहा कि ऐंच्छर, कासना, हल्दोन और गुजरपुर गांवों के किसानों को 10 प्रतिशत भूखंड दिए जाने की नीति शासन स्तर पर स्वीकृत होने की बात सामने आई है, लेकिन संगठन का आरोप है कि इसके बावजूद ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की ओर से किसानों को भूखंड आवंटित नहीं किए जा रहे हैं।

विक्रम भाटी ने ऐंच्छर गांव के किसानों से जुड़े अतिरिक्त प्रतिकर के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 26 रुपये अतिरिक्त प्रतिकर से जुड़े मामले में किसान पिछले करीब 30 वर्षों से प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं। संगठन ने इस मामले में भी जल्द समाधान की मांग की।

बिजली की समस्या पर एनपीएसएल कार्यालय में होगी वार्ता

प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल नागर ने बताया कि किसानों की बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर बुधवार को एनपीएसएल कार्यालय पर अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण वार्ता प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों की बिजली से जुड़ी समस्याओं को वार्ता के माध्यम से उठाया जाएगा और उनके समाधान की मांग की जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि आगामी 22 अक्टूबर को यमुना प्राधिकरण पर विशाल किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। संगठन के अनुसार, महापंचायत में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के पदाधिकारी और किसान रहे मौजूद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर, राष्ट्रीय संचार मंत्री विजय भाटी मायचा, प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल नागर, जिला अध्यक्ष विक्रम भाटी, आशीष नागर, ललित भाटी, परवीन भाटी, यासीन खान सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

संगठन ने कहा कि किसानों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान और उनके अधिकारों की मांग को लेकर आगे भी जागरूकता अभियान और कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे।

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