रामलीला मैदान साइट-4 में 12 से 21 अक्टूबर तक होगा रामलीला मंचन, 20 अक्टूबर को रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का होगा दहन
श्री रामलीला कमेटी ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी, रामलीला के साथ लगेगा विशाल मेला; सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे और गार्ड रहेंगे तैनात
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में विजय महोत्सव 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। श्री रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित होने वाले इस महोत्सव का आगाज 11 अक्टूबर को भक्ति और देशभक्ति से जुड़े रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होगा। रामलीला मैदान, साइट-4 में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कमेटी के पदाधिकारियों ने महोत्सव की तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। आयोजकों के अनुसार, इस बार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों व अकादमियों के लगभग 800 बच्चे अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
800 बच्चों की प्रस्तुतियों से होगा विजय महोत्सव का आगाज
श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह ने बताया कि पिछले वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी विजय महोत्सव की शुरुआत भक्ति और देशभक्ति पर आधारित कार्यक्रमों से की जाएगी। इसमें शहर और देहात क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों तथा अकादमियों के बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।उन्होंने कहा कि बच्चों को मंच प्रदान करना और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। इसी उद्देश्य से कमेटी हर वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करती है, ताकि बच्चों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिल सके।
12 से 21 अक्टूबर तक होगा रामलीला मंचन
कमेटी के महासचिव विजेन्द्र सिंह आर्य ने बताया कि 12 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक प्रतिदिन रामलीला का मंचन किया जाएगा। इस दौरान भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों और रामायण के प्रमुख दृश्यों का मंचन होगा। आयोजकों के मुताबिक, दर्शकों को प्रतिदिन आकर्षक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।
रामलीला मंचन में साकेत कला मंच के 65 कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। कलाकारों की ओर से रामायण के विभिन्न प्रसंगों को मंच पर जीवंत करने की तैयारी की जा रही है।
20 अक्टूबर को दशहरा उत्सव और पुतला दहन
कमेटी के कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि 20 अक्टूबर को विजयदशमी के अवसर पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा। इसके बाद रंगीन आतिशबाजी का आयोजन होगा, जो दशहरा उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों के महोत्सव में पहुंचने की उम्मीद है। पुतला दहन और आतिशबाजी को लेकर आयोजकों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे गार्ड, CCTV कैमरों से होगी निगरानी
कमेटी के संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने बताया कि महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए सिक्योरिटी गार्ड तैनात करने के साथ-साथ CCTV कैमरों की भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
आयोजकों का कहना है कि रामलीला और मेले में आने वाले लोगों की सुविधा तथा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। आयोजन के दौरान भीड़ प्रबंधन और व्यवस्था बनाए रखना भी कमेटी की प्राथमिकताओं में शामिल है।
रामलीला के साथ लगेगा विशाल मेला, खाने-पीने और खरीदारी के मिलेंगे विकल्प
मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि इस बार विजय महोत्सव में रामलीला मंचन के साथ विशाल मेले का भी आयोजन किया जाएगा। मेले में जयंती कैटर्स के अलावा खाने-पीने की विभिन्न वस्तुओं के स्टॉल लगाए जाएंगे। इससे लोगों को मनोरंजन के साथ खानपान का भी आनंद मिलेगा।
मेले में बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए कई प्रकार के नए झूले लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा नाव, कोलंबस, मारुति कार और सर्कस जैसे आकर्षण भी आयोजन का हिस्सा होंगे। खरीदारी के शौकीन लोगों के लिए विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाए जाएंगे।
इस तरह विजय महोत्सव में धार्मिक आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मेले का संगम देखने को मिलेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि यह कार्यक्रम ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
प्रेस वार्ता में कमेटी के सदस्य रहे मौजूद
विजय महोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में कमेटी के कई सदस्य उपस्थित रहे। इनमें कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, हरेंद्र भाटी, श्यामवीर भाटी, अमित गोयल, अरुण गुप्ता, मुकुल गोयल, गिरीश जिंदल, कमल सिंह आर्य, सुनील प्रधान, सुभाष चंदेल, मनोज यादव, अंकुर गर्ग, अतुल जैन, विशाल जैन और सुरेंद्र तायल सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
ग्रेटर नोएडा के साइट-4 स्थित रामलीला मैदान में होने वाला यह महोत्सव 11 अक्टूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुरू होगा। इसके बाद 12 से 21 अक्टूबर तक रामलीला मंचन और मेले की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। दशहरा पर्व पर 20 अक्टूबर को पुतला दहन विशेष आकर्षण रहेगा।


