Thursday, October 1, 2026
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यूपीआईटीएस 2026: ग्लोबल सोर्सिंग हब बनेगा उत्तर प्रदेश, 85 देशों के खरीदार होंगे शामिल

25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ के जरिए दुनिया तक पहुंचेगी यूपी की खान-पान और सांस्कृतिक पहचान

ग्रेटर नोएडा, 24 सितंबर। उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख ग्लोबल सोर्सिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। आयोजन में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों, 85 देशों के 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और लाखों घरेलू खरीदारों एवं आगंतुकों के पहुंचने की उम्मीद है।

यूपीआईटीएस 2026 का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस बार आयोजन में व्यापार और निवेश के साथ उत्तर प्रदेश की संस्कृति, खान-पान, हस्तशिल्प, नवाचार और उद्यमिता को भी वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

यूपी के एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर

उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं, निर्यातकों और कारोबारियों को देश-दुनिया के बाजारों से जोड़ने का बड़ा मंच बनेगा।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं। सरकार ऐसा इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दे रही है, जिससे उद्यमी नवाचार कर सकें, अपना कारोबार बढ़ा सकें और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।

यूपीआईटीएस के माध्यम से स्थानीय उद्यमों को बाजार पहुंच के साथ निवेश, कारोबार विस्तार और रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

85 देशों के 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी

यूपीआईटीएस 2026 का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप इस बार और व्यापक किया गया है। आयोजन में ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम पार्टनर देशों के रूप में भाग ले रहे हैं।

इन देशों की भागीदारी से व्यापार साझेदारी, तकनीकी सहयोग, सोर्सिंग, निवेश और नए बाजारों तक पहुंच के अवसर बढ़ने की संभावना है। अब तक 72 देशों से विदेशी खरीदारों के पंजीकरण प्राप्त होने की जानकारी दी गई है।

एफआईईओ के होस्टेड बायर प्रोग्राम के माध्यम से आयातकों, वितरकों, रिटेलर्स, सोर्सिंग एजेंट्स, प्रोक्योरमेंट प्रमुखों और व्यापारिक संस्थाओं को आयोजन से जोड़ा जा रहा है।

बीटूबी मैचमेकिंग से सीधे कारोबारी संवाद

यूपीआईटीएस 2026 में बीटूबी मैचमेकिंग, नेटवर्किंग और बिजनेस सेशंस को प्रमुखता दी गई है। इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, घरेलू खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच सीधे कारोबारी संवाद का अवसर मिलेगा।

आयोजन के लिए डिजिटल सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है। यूपीआईटीएस ऐप के माध्यम से खरीदार और प्रदर्शक संभावित कारोबारी अवसरों की पहचान कर सकेंगे। साथ ही बीटूबी बैठकों को पहले से निर्धारित करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

ऑटोमोबाइल से लेकर आईटी और रक्षा तक दिखेगा औद्योगिक विस्तार

यूपीआईटीएस 2026 में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक विविधता को व्यापक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, ऑटोमोबाइल, ईवी एवं ऑटो कंपोनेंट्स, एविएशन, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-कॉमर्स, आईटी और स्मार्ट-सिटी सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।

इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग एवं एफएमसीजी, हैंडलूम, हस्तशिल्प एवं टेक्सटाइल्स, स्वास्थ्य, वेलनेस, आयुष, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल इक्विपमेंट, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, रियल एस्टेट, लेदर, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, स्पोर्ट्स, टॉयज, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, रिटेल, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा एवं कौशल विकास और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों की भी भागीदारी होगी।

सरकारी योजनाओं और सेक्टोरल पॉलिसी की भी मिलेगी जानकारी

ट्रेड शो में एमएसएमई विकास, उद्यमिता और कौशल विकास, क्लस्टर विकास, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, प्रोक्योरमेंट एवं मार्केटिंग सहायता तथा रोजगार सृजन से जुड़ी सरकारी योजनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

इसके अलावा ग्रामीण एवं शहरी विकास, औद्योगिक निवेश, निर्यात, टेक्सटाइल्स और गारमेंटिंग से संबंधित उत्तर प्रदेश की सेक्टोरल पॉलिसीज को भी प्रमुखता दी जाएगी।

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ बनेगा खास आकर्षण

इस बार यूपीआईटीएस में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और पाक पहचान को विशेष स्थान दिया गया है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ODOP) के साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ को भी विशेष पहचान दी जाएगी।

इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों की पारंपरिक पाक विधियों, स्थानीय व्यंजनों और खाद्य विरासत को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इससे व्यापारिक आयोजन के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को भी वैश्विक मंच मिलने की उम्मीद है।

पांच दिनों तक कारोबार के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम

25 से 29 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में बिजनेस एंगेजमेंट्स और नॉलेज सेशंस के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव परफॉर्मेंस, अवॉर्ड्स, फैशन शो और लेजर शो भी आयोजित किए जाएंगे।

नॉलेज प्रोग्राम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्रेड, फूड प्रोसेसिंग, एमएसएमई, ग्लोबल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स और अन्य उभरते क्षेत्रों पर चर्चा होगी।

इससे उद्योग जगत के विशेषज्ञों, उद्यमियों और कारोबारियों को ज्ञान-विनिमय तथा सहयोग के नए अवसर मिलने की संभावना है।

पिछले संस्करण में 5 लाख से अधिक आगंतुक पहुंचे थे

यूपीआईटीएस 2026 पिछले तीन संस्करणों की उपलब्धियों के आधार पर आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2025 के संस्करण में कुल 5,07,099 आगंतुक पहुंचे थे। इनमें 1,40,735 बीटूबी आगंतुक शामिल थे।

35,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में आयोजित पिछले संस्करण में 2,228 प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया था। एफआईईओ के माध्यम से 85 देशों के 550 से अधिक विदेशी खरीदारों की भागीदारी हुई थी।

आधिकारिक यूपीआईटीएस प्लेटफॉर्म के अनुसार, 2025 संस्करण में ₹1,882 करोड़ मूल्य के 2,400 से अधिक एमओयू तथा ₹11,200 करोड़ से अधिक की बिजनेस इन्क्वायरी दर्ज की गई थी। इसी आधार पर इस वर्ष आयोजन का दायरा और अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाई गई है।

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रयास

यूपीआईटीएस 2026 का उद्देश्य केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है। इसके जरिए उत्तर प्रदेश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, एमएसएमई इकोसिस्टम, ओडीओपी और ओडीओसी उत्पादों, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल्स, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, नवाचार और उभरते उद्योगों को वैश्विक खरीदारों एवं निवेशकों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने के संदर्भ में भी ऐसे व्यापारिक मंचों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यूपीआईटीएस 2026: प्रमुख जानकारी

आयोजन: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026

संस्करण: चौथा

थीम: “Ultimate Sourcing Begins Here…”

तिथि: 25 से 29 सितंबर 2026

स्थान: इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा

बिजनेस आवर्स: सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक

पब्लिक आवर्स: दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक

आयोजक: उत्तर प्रदेश सरकार एवं इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड (IEML)

पार्टनर देश: ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम

अपेक्षित प्रदर्शक: 2,400 से अधिक

अपेक्षित बीटूबी ट्रेड विजिटर्स: 1.5 लाख से अधिक

अपेक्षित बीटूसी आगंतुक: 4.5 लाख से अधिक

इस अवसर पर प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग शशि भूषण लाल सुशील, आईएएस, गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी तथा इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार सहित उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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यूपीआईटीएस 2026: ग्लोबल सोर्सिंग हब बनेगा उत्तर प्रदेश, 85 देशों के खरीदार होंगे शामिल

25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ के जरिए दुनिया तक पहुंचेगी यूपी की खान-पान और सांस्कृतिक पहचान

ग्रेटर नोएडा, 24 सितंबर। उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख ग्लोबल सोर्सिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। आयोजन में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों, 85 देशों के 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और लाखों घरेलू खरीदारों एवं आगंतुकों के पहुंचने की उम्मीद है।

यूपीआईटीएस 2026 का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस बार आयोजन में व्यापार और निवेश के साथ उत्तर प्रदेश की संस्कृति, खान-पान, हस्तशिल्प, नवाचार और उद्यमिता को भी वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

यूपी के एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर

उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं, निर्यातकों और कारोबारियों को देश-दुनिया के बाजारों से जोड़ने का बड़ा मंच बनेगा।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं। सरकार ऐसा इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दे रही है, जिससे उद्यमी नवाचार कर सकें, अपना कारोबार बढ़ा सकें और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।

यूपीआईटीएस के माध्यम से स्थानीय उद्यमों को बाजार पहुंच के साथ निवेश, कारोबार विस्तार और रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

85 देशों के 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी

यूपीआईटीएस 2026 का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप इस बार और व्यापक किया गया है। आयोजन में ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम पार्टनर देशों के रूप में भाग ले रहे हैं।

इन देशों की भागीदारी से व्यापार साझेदारी, तकनीकी सहयोग, सोर्सिंग, निवेश और नए बाजारों तक पहुंच के अवसर बढ़ने की संभावना है। अब तक 72 देशों से विदेशी खरीदारों के पंजीकरण प्राप्त होने की जानकारी दी गई है।

एफआईईओ के होस्टेड बायर प्रोग्राम के माध्यम से आयातकों, वितरकों, रिटेलर्स, सोर्सिंग एजेंट्स, प्रोक्योरमेंट प्रमुखों और व्यापारिक संस्थाओं को आयोजन से जोड़ा जा रहा है।

बीटूबी मैचमेकिंग से सीधे कारोबारी संवाद

यूपीआईटीएस 2026 में बीटूबी मैचमेकिंग, नेटवर्किंग और बिजनेस सेशंस को प्रमुखता दी गई है। इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, घरेलू खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच सीधे कारोबारी संवाद का अवसर मिलेगा।

आयोजन के लिए डिजिटल सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है। यूपीआईटीएस ऐप के माध्यम से खरीदार और प्रदर्शक संभावित कारोबारी अवसरों की पहचान कर सकेंगे। साथ ही बीटूबी बैठकों को पहले से निर्धारित करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

ऑटोमोबाइल से लेकर आईटी और रक्षा तक दिखेगा औद्योगिक विस्तार

यूपीआईटीएस 2026 में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक विविधता को व्यापक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, ऑटोमोबाइल, ईवी एवं ऑटो कंपोनेंट्स, एविएशन, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-कॉमर्स, आईटी और स्मार्ट-सिटी सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।

इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग एवं एफएमसीजी, हैंडलूम, हस्तशिल्प एवं टेक्सटाइल्स, स्वास्थ्य, वेलनेस, आयुष, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल इक्विपमेंट, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, रियल एस्टेट, लेदर, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, स्पोर्ट्स, टॉयज, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, रिटेल, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा एवं कौशल विकास और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों की भी भागीदारी होगी।

सरकारी योजनाओं और सेक्टोरल पॉलिसी की भी मिलेगी जानकारी

ट्रेड शो में एमएसएमई विकास, उद्यमिता और कौशल विकास, क्लस्टर विकास, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, प्रोक्योरमेंट एवं मार्केटिंग सहायता तथा रोजगार सृजन से जुड़ी सरकारी योजनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

इसके अलावा ग्रामीण एवं शहरी विकास, औद्योगिक निवेश, निर्यात, टेक्सटाइल्स और गारमेंटिंग से संबंधित उत्तर प्रदेश की सेक्टोरल पॉलिसीज को भी प्रमुखता दी जाएगी।

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ बनेगा खास आकर्षण

इस बार यूपीआईटीएस में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और पाक पहचान को विशेष स्थान दिया गया है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ODOP) के साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ को भी विशेष पहचान दी जाएगी।

इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों की पारंपरिक पाक विधियों, स्थानीय व्यंजनों और खाद्य विरासत को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इससे व्यापारिक आयोजन के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को भी वैश्विक मंच मिलने की उम्मीद है।

पांच दिनों तक कारोबार के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम

25 से 29 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में बिजनेस एंगेजमेंट्स और नॉलेज सेशंस के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव परफॉर्मेंस, अवॉर्ड्स, फैशन शो और लेजर शो भी आयोजित किए जाएंगे।

नॉलेज प्रोग्राम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्रेड, फूड प्रोसेसिंग, एमएसएमई, ग्लोबल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स और अन्य उभरते क्षेत्रों पर चर्चा होगी।

इससे उद्योग जगत के विशेषज्ञों, उद्यमियों और कारोबारियों को ज्ञान-विनिमय तथा सहयोग के नए अवसर मिलने की संभावना है।

पिछले संस्करण में 5 लाख से अधिक आगंतुक पहुंचे थे

यूपीआईटीएस 2026 पिछले तीन संस्करणों की उपलब्धियों के आधार पर आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2025 के संस्करण में कुल 5,07,099 आगंतुक पहुंचे थे। इनमें 1,40,735 बीटूबी आगंतुक शामिल थे।

35,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में आयोजित पिछले संस्करण में 2,228 प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया था। एफआईईओ के माध्यम से 85 देशों के 550 से अधिक विदेशी खरीदारों की भागीदारी हुई थी।

आधिकारिक यूपीआईटीएस प्लेटफॉर्म के अनुसार, 2025 संस्करण में ₹1,882 करोड़ मूल्य के 2,400 से अधिक एमओयू तथा ₹11,200 करोड़ से अधिक की बिजनेस इन्क्वायरी दर्ज की गई थी। इसी आधार पर इस वर्ष आयोजन का दायरा और अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाई गई है।

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रयास

यूपीआईटीएस 2026 का उद्देश्य केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है। इसके जरिए उत्तर प्रदेश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, एमएसएमई इकोसिस्टम, ओडीओपी और ओडीओसी उत्पादों, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल्स, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, नवाचार और उभरते उद्योगों को वैश्विक खरीदारों एवं निवेशकों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने के संदर्भ में भी ऐसे व्यापारिक मंचों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यूपीआईटीएस 2026: प्रमुख जानकारी

आयोजन: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026

संस्करण: चौथा

थीम: “Ultimate Sourcing Begins Here…”

तिथि: 25 से 29 सितंबर 2026

स्थान: इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा

बिजनेस आवर्स: सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक

पब्लिक आवर्स: दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक

आयोजक: उत्तर प्रदेश सरकार एवं इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड (IEML)

पार्टनर देश: ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम

अपेक्षित प्रदर्शक: 2,400 से अधिक

अपेक्षित बीटूबी ट्रेड विजिटर्स: 1.5 लाख से अधिक

अपेक्षित बीटूसी आगंतुक: 4.5 लाख से अधिक

इस अवसर पर प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग शशि भूषण लाल सुशील, आईएएस, गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी तथा इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार सहित उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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