3,919 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग
बिल्डर प्रबंधन की जवाबदेही तय करने, सुरक्षा एजेंसी बदलने और लंबित रजिस्ट्रियों को पूरा कराने की उठी आवाज
ग्रेटर नोएडा। पैरामाउंट गोल्फ फोरेस्ट सोसाइटी में सुरक्षा व्यवस्था, लंबित रजिस्ट्री, मेंटेनेंस और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को लेकर निवासियों ने बिल्डर प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से ठोस कार्रवाई की मांग की है। निवासियों का कहना है कि सोसाइटी में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा, संपत्ति के कानूनी अधिकार और बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित पक्षों को जवाबदेह बनाते हुए समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना जरूरी है।
सोसाइटी में बड़ी संख्या में आवासीय और व्यावसायिक इकाइयां हैं। ऐसे में सुरक्षा, रखरखाव और संपत्ति की रजिस्ट्री जैसे मुद्दे केवल कुछ परिवारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे परिसर में रहने वाले लोगों और संपत्ति मालिकों के हितों से जुड़े हैं। निवासियों ने मांग की है कि संबंधित प्रबंधन और अधिकारी समस्याओं पर गंभीरता से संज्ञान लें तथा प्रत्येक मुद्दे के समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें।
पैरामाउंट गोल्फ फोरेस्ट सोसाइटी में 3,919 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयां
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पैरामाउंट गोल्फ फोरेस्ट सोसाइटी में आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का विवरण इस प्रकार है।
1,988 विला
256 फ्लैट
1,360 स्टूडियो अपार्टमेंट
106 दुकानें
209 ऑफिस स्पेस
इस प्रकार सोसाइटी में कुल 3,919 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयां हैं। इतने बड़े परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना, सार्वजनिक सुविधाओं का नियमित रखरखाव करना और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
निवासियों के अनुसार, सोसाइटी की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए केवल मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं। इसके बजाय शिकायतों पर कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और समस्याओं के निस्तारण की समय-सीमा स्पष्ट होनी चाहिए।
बिल्डर प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की मांग
निवासियों ने श्री मुनीश शर्मा और संबंधित बिल्डर प्रबंधन की भूमिका एवं जवाबदेही की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सोसाइटी से जुड़े मामलों में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
निवासियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग भी उठाई है। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का आधार जांच में सामने आने वाले तथ्य और लागू कानूनी प्रावधान होने चाहिए।
निवासियों की मांग है कि संबंधित अधिकारी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करें और जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित कदम उठाएं, ताकि लोगों का व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके।
महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा पर जोर
सोसाइटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निवासियों ने विशेष चिंता जताई है। उनका कहना है कि महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम होने चाहिए। किसी भी आवासीय परिसर में प्रवेश नियंत्रण, सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता और शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था में संभावित लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
इसके साथ ही सुरक्षा से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए स्पष्ट प्रक्रिया बनाए जाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है। निवासियों का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे परिवार बिना किसी अनावश्यक चिंता के सोसाइटी में रह सकें।
वर्तमान सुरक्षा एजेंसी की समीक्षा और नई एजेंसी की मांग
निवासियों ने वर्तमान सुरक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में सुरक्षा संबंधी लापरवाही सामने आती है, तो वर्तमान एजेंसी को हटाकर नई एजेंसी नियुक्त की जानी चाहिए।
नई एजेंसी के चयन में सुरक्षा कर्मियों का पुलिस सत्यापन, आवश्यक दस्तावेजों की जांच, प्रशिक्षण और लागू वैधानिक मानकों के अनुपालन को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
इसके अलावा, सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी, सोसाइटी के प्रवेश द्वारों पर निगरानी और सुरक्षा संबंधी शिकायतों की रिपोर्टिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की जानी चाहिए।
निवासियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार तभी प्रभावी होगा, जब एजेंसी के कामकाज की नियमित निगरानी हो और किसी भी शिकायत पर जिम्मेदारी तय की जाए।
लंबित रजिस्ट्रियों का जल्द निस्तारण कराने की मांग
पैरामाउंट गोल्फ फोरेस्ट सोसाइटी में लंबित रजिस्ट्रियों का मुद्दा भी निवासियों की प्रमुख मांगों में शामिल है। निवासियों ने मांग की है कि जिन विला, फ्लैट और स्टूडियो अपार्टमेंट की रजिस्ट्री लंबित है, उनकी प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी कराई जाए।
संपत्ति की रजिस्ट्री खरीदार के कानूनी अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए लंबित मामलों में स्पष्ट जानकारी देना, आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति बताना और प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय-सीमा निर्धारित करना जरूरी है।
निवासियों का कहना है कि संबंधित प्रबंधन और अधिकारियों को लंबित रजिस्ट्रियों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रत्येक मामले में यह बताया जाना चाहिए कि प्रक्रिया कहां अटकी है और उसे पूरा करने के लिए किन कदमों की आवश्यकता है।
उन्होंने मांग की है कि रजिस्ट्री से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए लिखित कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि संपत्ति मालिकों को बार-बार जानकारी के लिए परेशान न होना पड़े।
मेंटेनेंस शुल्क और बुनियादी सुविधाओं में पारदर्शिता की मांग
सोसाइटी में सफाई, बागवानी, लिफ्ट, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के नियमित रखरखाव को लेकर भी सुधार की मांग की गई है।
निवासियों का कहना है कि बड़े आवासीय परिसर में सुविधाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए मेंटेनेंस व्यवस्था व्यवस्थित और जवाबदेह होनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि रखरखाव से संबंधित शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की जाए और सेवाओं की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा हो।
मेंटेनेंस शुल्क के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता की मांग भी उठाई गई है। निवासियों को यह जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए कि उनसे वसूली गई राशि का उपयोग किन कार्यों और सुविधाओं पर किया जा रहा है।
इसके साथ ही मेंटेनेंस से संबंधित आय-व्यय का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराने और शिकायतों के निस्तारण की समय-सीमा तय करने की मांग की गई है।
निवासियों के अनुसार, पारदर्शी व्यवस्था से न केवल लोगों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि प्रबंधन और निवासियों के बीच विवादों को कम करने में भी मदद मिलेगी।
अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई हो
निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था, लंबित रजिस्ट्री, मेंटेनेंस और अन्य समस्याओं से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि संबंधित शिकायतों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी निर्धारित की जानी चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति, एजेंसी या प्रबंधन की ओर से नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो सक्षम अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
निवासियों ने यह भी मांग की है कि शिकायतों को संबंधित विभागों और सक्षम अधिकारियों के समक्ष रखा जाए तथा उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ताओं को दी जाए।
उनके अनुसार, समस्याओं का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब शिकायत दर्ज कराने से लेकर अंतिम निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी हो।
केवल आश्वासन नहीं, लिखित समय-सीमा के साथ कार्रवाई की मांग
पैरामाउंट गोल्फ फोरेस्ट सोसाइटी के निवासियों की प्रमुख मांग है कि सुरक्षा, रजिस्ट्री, मेंटेनेंस और अन्य समस्याओं पर कार्रवाई के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए।
निवासियों का कहना है कि संबंधित प्रबंधन और अधिकारियों को प्रत्येक मुद्दे पर लिखित जवाब देना चाहिए। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि किस समस्या के समाधान की जिम्मेदारी किस अधिकारी या विभाग की होगी और उसका निस्तारण कब तक किया जाएगा।
निवासियों के अनुसार, केवल आश्वासन देने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। इसके लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई, नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करना आवश्यक है।
सोसाइटी में हजारों आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयां होने के कारण यहां की व्यवस्थाओं का प्रभाव बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ता है। ऐसे में सुरक्षा, संपत्ति के कानूनी अधिकार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
अब देखना होगा कि बिल्डर प्रबंधन और संबंधित अधिकारी निवासियों की इन मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और समस्याओं के समाधान के लिए क्या समय-सीमा निर्धारित की जाती है।


