Wednesday, October 14, 2026
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आईएचजीएफ दिल्ली मेला 2026 के दूसरे दिन उमड़े विदेशी खरीदार, भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की बढ़ी मांग

यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खरीदारों ने भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और कारीगरी को सराहा

ग्लोबल बायर ट्रेंड्स 2027 और एआई आधारित उत्पादन एवं सोर्सिंग पर सेमिनार में उद्योग जगत की भागीदारी, निर्यातकों को मिले नए व्यावसायिक अवसर

ग्रेटर नोएडा, 14 अक्टूबर 2026। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित 62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 के दूसरे दिन विदेशी खरीदारों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा आयोजित यह पांच दिवसीय मेला 13 से 17 अक्टूबर तक चल रहा है। मेले में दुनिया के विभिन्न देशों से आए खरीदार भारतीय हस्तशिल्प, होम डेकोर, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग और फर्नीचर उत्पादों की नई श्रृंखलाओं में रुचि दिखा रहे हैं।

मेले के दूसरे दिन प्रदर्शनी हॉल में खरीदारों की लगातार बढ़ती संख्या, निर्यातकों के साथ व्यावसायिक बातचीत और ऑर्डर फाइनल करने की गतिविधियों ने आयोजन की अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाया। इसके साथ ही, भविष्य के बाजार रुझानों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर आयोजित सेमिनारों में भी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

विदेशी खरीदारों की भागीदारी से भारतीय हस्तशिल्प उद्योग को मिला प्रोत्साहन

नए उत्पादों और डिजाइन को मिल रही अंतरराष्ट्रीय पहचान

ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने मेले के दूसरे दिन विदेशी खरीदारों की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से यूरोप से आए खरीदारों की उत्साहजनक उपस्थिति देखने को मिली। प्रदर्शकों के स्टॉल पर पूरे दिन गतिविधियां बनी रहीं। खरीदारों ने नए उत्पाद संग्रह देखे, नवीन डिजाइन और उत्पाद श्रेणियों की सराहना की तथा कई व्यावसायिक ऑर्डर भी फाइनल किए।

डॉ. खन्ना के अनुसार, इस बार हैंडलूम, हस्तशिल्प और होम लाइफस्टाइल उत्पादों की थीम आधारित प्रस्तुतियां खरीदारों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। मेले में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की भी सराहना की गई।

उन्होंने कहा कि पहली बार मेले में आने वाले कई विदेशी खरीदारों के लिए यह आयोजन भारतीय हस्तशिल्प उद्योग की व्यापकता, विविधता और रचनात्मक क्षमता को समझने का महत्वपूर्ण अवसर है।

भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और व्यावसायिक दक्षता की सराहना

ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि मेले में आने वाले नियमित विदेशी खरीदार भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता के साथ भारतीय उद्यमियों की व्यावसायिक दक्षता की भी सराहना करते हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों में हस्तशिल्प उद्योग, विशेषकर होम और लाइफस्टाइल उत्पादों के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव हुए हैं। डिजाइन, उत्पादन, विपणन और प्रौद्योगिकी के उपयोग ने इस क्षेत्र को नई दिशा दी है।

डॉ. कुमार के अनुसार, लंबे समय से भारत से उत्पादों की सोर्सिंग करने वाले अंतरराष्ट्रीय खरीदार इन बदलावों को करीब से देख रहे हैं। भारतीय निर्यातकों ने उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और निर्माण प्रक्रिया में सुधार किया है। इसका सकारात्मक प्रभाव भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार में स्वीकार्यता पर पड़ा है।

सैयद जफर इस्लाम ने किया मेले का दौरा

विभिन्न प्रदर्शनी हॉल में निर्यातकों से की बातचीत

62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 के दूसरे दिन राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद श्री सैयद जफर इस्लाम ने भी मेले का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न प्रदर्शनी हॉल का भ्रमण किया और वहां भाग ले रहे निर्यातकों से बातचीत की।

इस दौरान उन्हें भारतीय हस्तशिल्प, होम डेकोर, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग और फर्नीचर उत्पादों की विविधता के बारे में जानकारी दी गई।

मेले के माध्यम से भारतीय निर्माता, निर्यातक और कारीगर दुनिया भर के खरीदारों तथा सोर्सिंग विशेषज्ञों से सीधे जुड़ रहे हैं। इससे उन्हें अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने और नए व्यावसायिक संबंध स्थापित करने का अवसर मिल रहा है।

निर्यातकों और सोर्सिंग विशेषज्ञों के बीच सहयोग के लिए एमओयू

मेले के दौरान एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स और सोर्सिंग प्रोफेशनल्स एलायंस के बीच रणनीतिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस साझेदारी का उद्देश्य निर्यातकों और सोर्सिंग प्रोफेशनल्स के बीच संपर्क मजबूत करना है। इसके तहत बायर-सेलर मीट, बिजनेस नेटवर्किंग, व्यापार मेलों में भागीदारी और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके अलावा, क्षमता निर्माण, जिम्मेदार सोर्सिंग और बाजार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों के आदान-प्रदान पर भी ध्यान दिया जाएगा। इस सहयोग से भारतीय हस्तशिल्प निर्यातकों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जर्मनी से न्यूजीलैंड तक के खरीदारों ने साझा किए अनुभव

होम डेकोर और कैंडल होल्डर में दिखी रुचि

जर्मनी से आए खरीदार जैन फिलिप पहली बार आईएचजीएफ दिल्ली मेले में पहुंचे। वे विशेष रूप से होम डेकोर उत्पादों और कैंडल होल्डर की तलाश में आए हैं। उन्होंने कहा कि वे मेले में उत्पादों की अधिक विविधता देखना चाहते हैं और भविष्य में भी इसके आगामी संस्करणों में शामिल होने की उम्मीद रखते हैं।

अमेरिका से आईं रिटेल खरीदार स्टेवी बोस्कोविच दूसरी बार इस मेले में पहुंचीं। उन्होंने होमवेयर और बैग सहित विभिन्न उत्पाद श्रेणियों को देखा। उनके अनुसार, उत्पादों की कीमतें गुणवत्ता और श्रेणी के अनुरूप प्रतिस्पर्धी हैं।

उन्होंने प्रदर्शकों के सहयोगपूर्ण व्यवहार और मेले में उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। उनके मुताबिक, इस बार का अनुभव सकारात्मक और सुखद रहा।

ऑस्ट्रेलियाई खरीदारों को पसंद आई भारतीय कारीगरी

ऑस्ट्रेलिया से आईं जूडिथ मेज़ोन और केट मालवेनन वर्ष 2024 में भी आईएचजीएफ दिल्ली मेले में शामिल हुई थीं। इस बार वे फिर से होम डेकोर और फर्नीचर उत्पादों की सोर्सिंग के लिए पहुंचीं।

दोनों खरीदार अपने व्यवसाय की जरूरतों के अनुसार विशेष डिजाइन और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तलाश रही हैं। उन्होंने भारतीय उत्पादों की बारीक कारीगरी और कुशल कारीगरों के हुनर की सराहना की।

मेले में प्रदर्शकों से बातचीत और नए संग्रह देखने के बाद उनकी भारतीय आपूर्तिकर्ताओं के साथ संभावित व्यावसायिक साझेदारी तलाशने में रुचि बनी हुई है।

न्यूजीलैंड के खरीदार के लिए भारत महत्वपूर्ण सोर्सिंग बाजार

न्यूजीलैंड स्थित एक लाइफस्टाइल ब्रांड से जुड़ी वनेसा ब्रैमली लगभग 30 वर्षों से आईएचजीएफ दिल्ली मेले में आ रही हैं। उन्होंने इसके शुरुआती संस्करणों से लेकर वर्तमान स्वरूप तक मेले के विकास को देखा है।

वह अपने व्यवसाय के लिए लाइटिंग, गिफ्टवेयर, क्रिसमस सजावट और अन्य उत्पादों की सोर्सिंग करती हैं। उनके अनुसार, उनकी कंपनी के कुल निर्यात में भारत की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत है।

वनेसा ने भारतीय उत्पादों की विभिन्न श्रेणियों में गुणवत्ता में हुए सुधार की सराहना की। उन्होंने आईएचजीएफ दिल्ली मेले को अपने व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण सोर्सिंग मंच बताया।

भारतीय कारीगरी और विविधता है मेले की विशेष पहचान

ईपीसीएच के उपाध्यक्ष श्री सागर मेहता ने कहा कि मेले के विस्तार और नए प्रदर्शकों की भागीदारी से होम, हॉस्पिटैलिटी तथा व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े आयातकों और खुदरा कारोबारियों को नए उत्पादों और डिजाइन से परिचित होने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता यहां के हस्तशिल्प उत्पादों में दिखाई देती है। देश के विभिन्न हिस्सों में उपलब्ध कच्चे माल, पारंपरिक कारीगरी और स्थानीय कौशल के आधार पर उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला तैयार की जाती है।

आईएचजीएफ दिल्ली मेला खरीदारों को सीधे निर्माताओं से जुड़ने, नए विचार तलाशने और अपनी जरूरतों के अनुसार उत्पादों को अनुकूलित कराने का अवसर देता है। आधुनिक डिजाइन और पारंपरिक कारीगरी का मेल भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए आकर्षक बनाता है।

ग्लोबल बायर ट्रेंड्स 2027 और एआई पर हुए महत्वपूर्ण सेमिनार

बदलती वैश्विक मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने पर जोर

आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 के दूसरे दिन आयोजित सेमिनारों में भविष्य के बाजार रुझानों और तकनीकी बदलावों पर चर्चा हुई।

‘ग्लोबल बायर ट्रेंड्स 2027 – व्हाट विल सेल इन होम, लाइफस्टाइल, फैशन एंड इंटीरियर्स?’ विषय पर आयोजित सेमिनार में निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की बदलती प्राथमिकताओं और उपभोक्ताओं की नई पसंद के बारे में जानकारी दी गई।

इसमें उभरते बाजार अवसरों, उत्पाद और बाजार के बीच बेहतर तालमेल, सामग्री के चयन, डिजाइन के रुझानों तथा सस्टेनेबिलिटी पर चर्चा हुई। निर्यातकों को यह समझने में मदद मिली कि वैश्विक मांग के अनुरूप उत्पाद संग्रह तैयार करके व्यावसायिक अवसरों को कैसे बढ़ाया जा सकता है।

एआई से उत्पादन और सोर्सिंग में बदलाव की संभावनाएं

दूसरे सेमिनार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के बढ़ते उपयोग पर चर्चा की गई। उद्योग विशेषज्ञ ने बताया कि एआई उत्पादन योजना, उत्पाद विकास, सोर्सिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और सप्लाई चेन प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

निर्यातकों को एआई का जिम्मेदारी से उपयोग करने और तकनीक के माध्यम से कार्यक्षमता बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गई। बदलती वैश्विक प्रतिस्पर्धा में तकनीकी समाधान अपनाना भारतीय निर्यातकों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

आगामी दिनों में भी जारी रहेंगे व्यावसायिक कार्यक्रम

आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 की स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री अवधेश अग्रवाल ने कहा कि मेला अपने सहायक कार्यक्रमों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सेमिनारों से प्रदर्शकों और प्रतिभागियों को उपयोगी जानकारी मिल रही है।

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने कहा कि तीन दशकों से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का आईएचजीएफ दिल्ली मेले में लगातार भाग लेना भारतीय हस्तशिल्प उद्योग के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि मेले में खरीदारों का पंजीकरण, प्रदर्शनी हॉल में गतिविधियां और व्यावसायिक बातचीत उत्साहजनक बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में आयोजित कार्यक्रमों से खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच संपर्क बढ़ने तथा नए व्यापारिक अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

हस्तशिल्प निर्यात में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका

ईपीसीएच देश से दुनिया के विभिन्न बाजारों में हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने वाली प्रमुख संस्था है। इसका उद्देश्य भारतीय हस्तशिल्प को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है।

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान भारत से हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,168 करोड़ रुपये यानी 3,754 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।

आईएचजीएफ दिल्ली मेला जैसे आयोजन भारतीय निर्माताओं, निर्यातकों और कारीगरों को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंचाने, नए व्यावसायिक संबंध स्थापित करने और निर्यात की संभावनाओं को मजबूत करने का अवसर मिलता है।

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आईएचजीएफ दिल्ली मेला 2026 के दूसरे दिन उमड़े विदेशी खरीदार, भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की बढ़ी मांग

यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खरीदारों ने भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और कारीगरी को सराहा

ग्लोबल बायर ट्रेंड्स 2027 और एआई आधारित उत्पादन एवं सोर्सिंग पर सेमिनार में उद्योग जगत की भागीदारी, निर्यातकों को मिले नए व्यावसायिक अवसर

ग्रेटर नोएडा, 14 अक्टूबर 2026। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित 62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 के दूसरे दिन विदेशी खरीदारों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा आयोजित यह पांच दिवसीय मेला 13 से 17 अक्टूबर तक चल रहा है। मेले में दुनिया के विभिन्न देशों से आए खरीदार भारतीय हस्तशिल्प, होम डेकोर, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग और फर्नीचर उत्पादों की नई श्रृंखलाओं में रुचि दिखा रहे हैं।

मेले के दूसरे दिन प्रदर्शनी हॉल में खरीदारों की लगातार बढ़ती संख्या, निर्यातकों के साथ व्यावसायिक बातचीत और ऑर्डर फाइनल करने की गतिविधियों ने आयोजन की अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाया। इसके साथ ही, भविष्य के बाजार रुझानों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर आयोजित सेमिनारों में भी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

विदेशी खरीदारों की भागीदारी से भारतीय हस्तशिल्प उद्योग को मिला प्रोत्साहन

नए उत्पादों और डिजाइन को मिल रही अंतरराष्ट्रीय पहचान

ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने मेले के दूसरे दिन विदेशी खरीदारों की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से यूरोप से आए खरीदारों की उत्साहजनक उपस्थिति देखने को मिली। प्रदर्शकों के स्टॉल पर पूरे दिन गतिविधियां बनी रहीं। खरीदारों ने नए उत्पाद संग्रह देखे, नवीन डिजाइन और उत्पाद श्रेणियों की सराहना की तथा कई व्यावसायिक ऑर्डर भी फाइनल किए।

डॉ. खन्ना के अनुसार, इस बार हैंडलूम, हस्तशिल्प और होम लाइफस्टाइल उत्पादों की थीम आधारित प्रस्तुतियां खरीदारों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। मेले में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की भी सराहना की गई।

उन्होंने कहा कि पहली बार मेले में आने वाले कई विदेशी खरीदारों के लिए यह आयोजन भारतीय हस्तशिल्प उद्योग की व्यापकता, विविधता और रचनात्मक क्षमता को समझने का महत्वपूर्ण अवसर है।

भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और व्यावसायिक दक्षता की सराहना

ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि मेले में आने वाले नियमित विदेशी खरीदार भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता के साथ भारतीय उद्यमियों की व्यावसायिक दक्षता की भी सराहना करते हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों में हस्तशिल्प उद्योग, विशेषकर होम और लाइफस्टाइल उत्पादों के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव हुए हैं। डिजाइन, उत्पादन, विपणन और प्रौद्योगिकी के उपयोग ने इस क्षेत्र को नई दिशा दी है।

डॉ. कुमार के अनुसार, लंबे समय से भारत से उत्पादों की सोर्सिंग करने वाले अंतरराष्ट्रीय खरीदार इन बदलावों को करीब से देख रहे हैं। भारतीय निर्यातकों ने उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और निर्माण प्रक्रिया में सुधार किया है। इसका सकारात्मक प्रभाव भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार में स्वीकार्यता पर पड़ा है।

सैयद जफर इस्लाम ने किया मेले का दौरा

विभिन्न प्रदर्शनी हॉल में निर्यातकों से की बातचीत

62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 के दूसरे दिन राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद श्री सैयद जफर इस्लाम ने भी मेले का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न प्रदर्शनी हॉल का भ्रमण किया और वहां भाग ले रहे निर्यातकों से बातचीत की।

इस दौरान उन्हें भारतीय हस्तशिल्प, होम डेकोर, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग और फर्नीचर उत्पादों की विविधता के बारे में जानकारी दी गई।

मेले के माध्यम से भारतीय निर्माता, निर्यातक और कारीगर दुनिया भर के खरीदारों तथा सोर्सिंग विशेषज्ञों से सीधे जुड़ रहे हैं। इससे उन्हें अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने और नए व्यावसायिक संबंध स्थापित करने का अवसर मिल रहा है।

निर्यातकों और सोर्सिंग विशेषज्ञों के बीच सहयोग के लिए एमओयू

मेले के दौरान एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स और सोर्सिंग प्रोफेशनल्स एलायंस के बीच रणनीतिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस साझेदारी का उद्देश्य निर्यातकों और सोर्सिंग प्रोफेशनल्स के बीच संपर्क मजबूत करना है। इसके तहत बायर-सेलर मीट, बिजनेस नेटवर्किंग, व्यापार मेलों में भागीदारी और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके अलावा, क्षमता निर्माण, जिम्मेदार सोर्सिंग और बाजार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों के आदान-प्रदान पर भी ध्यान दिया जाएगा। इस सहयोग से भारतीय हस्तशिल्प निर्यातकों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जर्मनी से न्यूजीलैंड तक के खरीदारों ने साझा किए अनुभव

होम डेकोर और कैंडल होल्डर में दिखी रुचि

जर्मनी से आए खरीदार जैन फिलिप पहली बार आईएचजीएफ दिल्ली मेले में पहुंचे। वे विशेष रूप से होम डेकोर उत्पादों और कैंडल होल्डर की तलाश में आए हैं। उन्होंने कहा कि वे मेले में उत्पादों की अधिक विविधता देखना चाहते हैं और भविष्य में भी इसके आगामी संस्करणों में शामिल होने की उम्मीद रखते हैं।

अमेरिका से आईं रिटेल खरीदार स्टेवी बोस्कोविच दूसरी बार इस मेले में पहुंचीं। उन्होंने होमवेयर और बैग सहित विभिन्न उत्पाद श्रेणियों को देखा। उनके अनुसार, उत्पादों की कीमतें गुणवत्ता और श्रेणी के अनुरूप प्रतिस्पर्धी हैं।

उन्होंने प्रदर्शकों के सहयोगपूर्ण व्यवहार और मेले में उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। उनके मुताबिक, इस बार का अनुभव सकारात्मक और सुखद रहा।

ऑस्ट्रेलियाई खरीदारों को पसंद आई भारतीय कारीगरी

ऑस्ट्रेलिया से आईं जूडिथ मेज़ोन और केट मालवेनन वर्ष 2024 में भी आईएचजीएफ दिल्ली मेले में शामिल हुई थीं। इस बार वे फिर से होम डेकोर और फर्नीचर उत्पादों की सोर्सिंग के लिए पहुंचीं।

दोनों खरीदार अपने व्यवसाय की जरूरतों के अनुसार विशेष डिजाइन और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तलाश रही हैं। उन्होंने भारतीय उत्पादों की बारीक कारीगरी और कुशल कारीगरों के हुनर की सराहना की।

मेले में प्रदर्शकों से बातचीत और नए संग्रह देखने के बाद उनकी भारतीय आपूर्तिकर्ताओं के साथ संभावित व्यावसायिक साझेदारी तलाशने में रुचि बनी हुई है।

न्यूजीलैंड के खरीदार के लिए भारत महत्वपूर्ण सोर्सिंग बाजार

न्यूजीलैंड स्थित एक लाइफस्टाइल ब्रांड से जुड़ी वनेसा ब्रैमली लगभग 30 वर्षों से आईएचजीएफ दिल्ली मेले में आ रही हैं। उन्होंने इसके शुरुआती संस्करणों से लेकर वर्तमान स्वरूप तक मेले के विकास को देखा है।

वह अपने व्यवसाय के लिए लाइटिंग, गिफ्टवेयर, क्रिसमस सजावट और अन्य उत्पादों की सोर्सिंग करती हैं। उनके अनुसार, उनकी कंपनी के कुल निर्यात में भारत की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत है।

वनेसा ने भारतीय उत्पादों की विभिन्न श्रेणियों में गुणवत्ता में हुए सुधार की सराहना की। उन्होंने आईएचजीएफ दिल्ली मेले को अपने व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण सोर्सिंग मंच बताया।

भारतीय कारीगरी और विविधता है मेले की विशेष पहचान

ईपीसीएच के उपाध्यक्ष श्री सागर मेहता ने कहा कि मेले के विस्तार और नए प्रदर्शकों की भागीदारी से होम, हॉस्पिटैलिटी तथा व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े आयातकों और खुदरा कारोबारियों को नए उत्पादों और डिजाइन से परिचित होने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता यहां के हस्तशिल्प उत्पादों में दिखाई देती है। देश के विभिन्न हिस्सों में उपलब्ध कच्चे माल, पारंपरिक कारीगरी और स्थानीय कौशल के आधार पर उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला तैयार की जाती है।

आईएचजीएफ दिल्ली मेला खरीदारों को सीधे निर्माताओं से जुड़ने, नए विचार तलाशने और अपनी जरूरतों के अनुसार उत्पादों को अनुकूलित कराने का अवसर देता है। आधुनिक डिजाइन और पारंपरिक कारीगरी का मेल भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए आकर्षक बनाता है।

ग्लोबल बायर ट्रेंड्स 2027 और एआई पर हुए महत्वपूर्ण सेमिनार

बदलती वैश्विक मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने पर जोर

आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 के दूसरे दिन आयोजित सेमिनारों में भविष्य के बाजार रुझानों और तकनीकी बदलावों पर चर्चा हुई।

‘ग्लोबल बायर ट्रेंड्स 2027 – व्हाट विल सेल इन होम, लाइफस्टाइल, फैशन एंड इंटीरियर्स?’ विषय पर आयोजित सेमिनार में निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की बदलती प्राथमिकताओं और उपभोक्ताओं की नई पसंद के बारे में जानकारी दी गई।

इसमें उभरते बाजार अवसरों, उत्पाद और बाजार के बीच बेहतर तालमेल, सामग्री के चयन, डिजाइन के रुझानों तथा सस्टेनेबिलिटी पर चर्चा हुई। निर्यातकों को यह समझने में मदद मिली कि वैश्विक मांग के अनुरूप उत्पाद संग्रह तैयार करके व्यावसायिक अवसरों को कैसे बढ़ाया जा सकता है।

एआई से उत्पादन और सोर्सिंग में बदलाव की संभावनाएं

दूसरे सेमिनार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के बढ़ते उपयोग पर चर्चा की गई। उद्योग विशेषज्ञ ने बताया कि एआई उत्पादन योजना, उत्पाद विकास, सोर्सिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और सप्लाई चेन प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

निर्यातकों को एआई का जिम्मेदारी से उपयोग करने और तकनीक के माध्यम से कार्यक्षमता बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गई। बदलती वैश्विक प्रतिस्पर्धा में तकनीकी समाधान अपनाना भारतीय निर्यातकों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

आगामी दिनों में भी जारी रहेंगे व्यावसायिक कार्यक्रम

आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 की स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री अवधेश अग्रवाल ने कहा कि मेला अपने सहायक कार्यक्रमों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सेमिनारों से प्रदर्शकों और प्रतिभागियों को उपयोगी जानकारी मिल रही है।

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने कहा कि तीन दशकों से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का आईएचजीएफ दिल्ली मेले में लगातार भाग लेना भारतीय हस्तशिल्प उद्योग के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि मेले में खरीदारों का पंजीकरण, प्रदर्शनी हॉल में गतिविधियां और व्यावसायिक बातचीत उत्साहजनक बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में आयोजित कार्यक्रमों से खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच संपर्क बढ़ने तथा नए व्यापारिक अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

हस्तशिल्प निर्यात में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका

ईपीसीएच देश से दुनिया के विभिन्न बाजारों में हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने वाली प्रमुख संस्था है। इसका उद्देश्य भारतीय हस्तशिल्प को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है।

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान भारत से हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,168 करोड़ रुपये यानी 3,754 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।

आईएचजीएफ दिल्ली मेला जैसे आयोजन भारतीय निर्माताओं, निर्यातकों और कारीगरों को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंचाने, नए व्यावसायिक संबंध स्थापित करने और निर्यात की संभावनाओं को मजबूत करने का अवसर मिलता है।

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