ग्रेटर नोएडा में श्री रामलीला कमेटी की तीसरे दिन की लीला का भव्य मंचन
धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर और राम-सीता विवाह का मंचन 15 अक्टूबर को, 50 फीट का धनुष 55 फीट की ऊंचाई पर होगा खंडित
14 अक्टूबर, ग्रेटर नोएडा। श्री रामलीला कमेटी ग्रेटर नोएडा की ओर से साइट-4 में आयोजित विजय महोत्सव के तीसरे दिन भगवान श्रीराम द्वारा अहिल्या उद्धार और माता सीता से वाटिका में मुलाकात की सुंदर लीला का मंचन किया गया। धार्मिक प्रसंगों पर आधारित इस लीला ने दर्शकों को रामायण के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों से रूबरू कराया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना के साथ हुई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के डीजीएम विजय रावल, विशिष्ट अतिथि एसएम राजेश गौतम और भाजपा पिछड़ा वर्ग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय चौधरी उपस्थित रहे। इसके अलावा मेरठ-सहारनपुर स्नातक क्षेत्र के एमएलसी प्रत्याशी प्रमेन्द्र सिंह भाटी, एडवोकेट अजीत सिंह डोला सहित अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
श्रीराम ने अहिल्या का किया उद्धार, गुरु विश्वामित्र के साथ पहुंचे जनकपुरी
श्री रामलीला कमेटी के महासचिव विजेन्द्र सिंह आर्य ने बताया कि तीसरे दिन की लीला में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण ऋषि विश्वामित्र के आश्रम में पहुंचते हैं। वहां वे आश्रमवासियों की पीड़ा सुनते हैं। इसी दौरान राजा जनक का दूत आश्रम में पहुंचकर ऋषि विश्वामित्र को जनकपुरी आने का निमंत्रण देता है।
निमंत्रण मिलने के बाद ऋषि विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ जनकपुरी के लिए प्रस्थान करते हैं। रास्ते में उन्हें गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या मिलती हैं। भगवान श्रीराम के चरणों का स्पर्श पाकर अहिल्या का उद्धार होता है। इस प्रसंग को देखकर दर्शकों को रामायण की एक महत्वपूर्ण धार्मिक कथा का स्मरण हुआ।
इसके बाद गुरु विश्वामित्र के साथ दोनों भाई जनकपुरी पहुंचते हैं। वहां राजा जनक उनका स्वागत करते हैं। गुरु की आज्ञा लेकर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुरी के बाजार में घूमने जाते हैं और नगर की सुंदरता का आनंद लेते हैं।
बाद में दोनों भाई संध्या पूजन के लिए पुष्प लेने वाटिका में पहुंचते हैं। उसी समय माता सीता भी अपनी सखियों के साथ माता गौरी की पूजा करने वहां आती हैं। वाटिका में भगवान श्रीराम और माता सीता का पहली बार आमना-सामना होता है। इसके बाद माता सीता विधि-विधान से माता गौरी का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।
15 अक्टूबर को होगा धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर का भव्य मंचन
कमेटी के कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि विजय महोत्सव के अंतर्गत अगले दिन 15 अक्टूबर को कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इनमें धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, लक्ष्मण-परशुराम संवाद, जनकपुरी में बारात का स्वागत, भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का विवाह तथा विदाई समारोह प्रमुख रूप से शामिल हैं।
संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने बताया कि अगले दिन की लीला दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। धार्मिक प्रसंगों को भव्य मंचन के माध्यम से प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है, जिससे दर्शकों को रामायण की घटनाओं का सजीव अनुभव मिल सके।
कमेटी के मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि 15 अक्टूबर की लीला में 50 फीट के विशाल धनुष को 55 फीट की ऊंचाई पर खंडित किया जाएगा। यह दृश्य महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में से एक होगा। उन्होंने नगरवासियों से परिवार सहित पहुंचकर रामलीला का आनंद लेने की अपील की।
कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य रहे उपस्थित
कार्यक्रम के दौरान श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह, धर्मपाल प्रधान, महासचिव विजेन्द्र सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग, संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल, मीडिया प्रभारी विनोद कसाना, हरेंद्र भाटी, ओमप्रकाश अग्रवाल, कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, केके शर्मा, मुकुल गोयल, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, कमल सिंह आर्य, सुनील प्रधान, श्यामवीर भाटी, सुभाष चंदेल, अजय चेची रामपुर, मनोज यादव, अनुज उपाध्याय, अरुण गुप्ता, अंकुर गर्ग, अतुल जैन, मोनू अग्रवाल, विकास, रिंकू, दीपक और राहुल नंबरदार सहित कमेटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
कमेटी की ओर से आयोजित यह विजय महोत्सव धार्मिक परंपराओं और रामायण के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है। आगामी दिनों में होने वाले प्रमुख प्रसंगों को लेकर भी दर्शकों में उत्साह बना हुआ है।


