Friday, October 30, 2026
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यूपी के 13 टोल प्लाजा होंगे बैरियर फ्री, बिना रुके गुजरेंगे वाहन; 9 महीने में पूरा होगा काम

NHAI की नई व्यवस्था से टोल पर नहीं लगेंगी लंबी कतारें

फास्टैग और AI कैमरों से कटेगा टोल, नियम तोड़ने पर लगेगा दोगुना शुल्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश और हरियाणा सीमा के आसपास स्थित 13 टोल प्लाजा को जल्द ही बैरियर फ्री किया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इन टोल प्लाजा पर मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है। इस व्यवस्था के तहत वाहनों को टोल भुगतान के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। करीब नौ महीने में इस परियोजना का काम पूरा होने की उम्मीद है। इससे हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही समय और ईंधन की बचत भी होगी।

मुख्य बिंदु

  • उत्तर प्रदेश और हरियाणा सीमा के 13 टोल प्लाजा होंगे बैरियर फ्री।
  • करीब नौ महीने में नई व्यवस्था लागू होने की उम्मीद।
  • फास्टैग और AI कैमरों से होगी वाहनों की पहचान।
  • वाहन बिना रुके टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे।
  • टोल नहीं चुकाने पर 72 घंटे के भीतर भुगतान करना होगा।
  • निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर दोगुना शुल्क लग सकता है।

क्या है मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम?

MLFF यानी मल्टी लेन फ्री फ्लो एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है। इसमें टोल प्लाजा पर वाहनों को रोकने के लिए बैरियर लगाने की जरूरत नहीं होती। वाहन सामान्य गति से टोल क्षेत्र से गुजरते हैं और तकनीकी उपकरण उनकी पहचान करके टोल की राशि वसूलते हैं।

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें नहीं लगेंगी। वर्तमान व्यवस्था में कई बार टोल भुगतान के लिए वाहनों को रुकना पड़ता है। व्यस्त समय में इससे जाम की स्थिति भी बन जाती है। हालांकि, नई तकनीक लागू होने के बाद वाहन बिना रुके आगे बढ़ सकेंगे।

फास्टैग और AI कैमरों से होगी वाहनों की पहचान

नई व्यवस्था में फास्टैग के साथ हाईस्पीड AI कैमरों और सेंसर का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए टोल प्लाजा के ऊपर और आसपास आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे।

ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट को पढ़ेंगे। इससे वाहन का पंजीकरण नंबर पहचानने में मदद मिलेगी। वहीं, ABC और ATCC सेंसर वाहनों की लंबाई, ऊंचाई और आकार के आधार पर उनकी श्रेणी की पहचान करेंगे।

इन सेंसर की मदद से कार, बस और ट्रक जैसे वाहनों को अलग-अलग पहचाना जा सकेगा। इसके अलावा रडार सेंसर वाहनों की गति भी रिकॉर्ड करेगा। इस तरह अलग-अलग तकनीकों के माध्यम से टोल वसूली की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित बनाने की योजना है।

फास्टैग खाते से अपने आप कटेगी टोल राशि

MLFF सिस्टम में वाहन की पहचान होने के बाद उसके फास्टैग खाते से निर्धारित टोल राशि स्वतः कट जाएगी। इसके लिए वाहन चालक को टोल बूथ पर रुकने या नकद भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी।

इस व्यवस्था से टोल भुगतान में लगने वाला समय कम होगा। इसके अलावा टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने और दोबारा गति पकड़ने से होने वाली ईंधन की खपत भी घट सकती है।

खास बात यह है कि वाहन चालकों को टोल पार करते समय पहले की तरह लंबी कतारों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे हाईवे पर यातायात का प्रवाह बेहतर होने की उम्मीद है।

टोल नहीं देने पर 72 घंटे में करना होगा भुगतान

बैरियर फ्री व्यवस्था में टोल भुगतान को लेकर नियमों का पालन करना भी जरूरी होगा। यदि कोई वाहन बिना टोल भुगतान किए निकलता है या उसका फास्टैग अमान्य पाया जाता है, तो संबंधित वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा।

नोटिस मिलने के बाद वाहन मालिक को 72 घंटे के भीतर टोल राशि जमा करनी होगी। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर दोगुना शुल्क लगाए जाने का प्रावधान बताया गया है।

इसके अलावा लगातार भुगतान नहीं करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में फास्टैग, वाहन का एनओसी, फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट जैसी सुविधाओं को ब्लॉक या प्रतिबंधित किया जा सकता है।

इसलिए नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालकों को अपने फास्टैग की वैधता और खाते में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखना होगा।

इन 13 टोल प्लाजा पर लागू होगी नई व्यवस्था

NHAI की योजना के तहत उत्तर प्रदेश और हरियाणा सीमा के आसपास के 13 टोल प्लाजा को MLFF सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इनमें निम्नलिखित टोल प्लाजा शामिल हैं:

  1. भनारा
  2. मवाना
  3. मुजेहरा
  4. कुराना
  5. जीवना
  6. दभेड़ी
  7. तामशाबाद
  8. जगाहेड़ी
  9. पटनी प्रतापपुर
  10. भूनी
  11. किरंज
  12. सिवाया
  13. बदरपुर-फरीदाबाद

इन टोल प्लाजा पर नई तकनीक लागू होने से संबंधित राजमार्गों पर यातायात को सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली-NCR और अन्य राज्यों के यात्रियों को मिलेगा फायदा

उत्तर प्रदेश से दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हो सकती है। खासकर उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें रोजाना हाईवे से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

टोल प्लाजा पर रुकने और कतार में इंतजार करने का समय कम होने से यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकती है। वहीं, मालवाहक वाहनों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में समय की बचत हो सकती है।

नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य

NHAI की इस पहल का उद्देश्य टोल वसूली को आधुनिक और सुगम बनाना है। करीब नौ महीने में 13 टोल प्लाजा पर बैरियर फ्री सिस्टम लागू करने की उम्मीद है।

हालांकि, नई व्यवस्था की सफलता तकनीकी उपकरणों की सटीकता, फास्टैग सिस्टम और भुगतान प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। इसके साथ ही वाहन चालकों को भी नई व्यवस्था के नियमों की जानकारी रखना जरूरी होगा।

यदि योजना निर्धारित समय पर पूरी होती है, तो उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के हाईवे पर यात्रा का अनुभव पहले से बेहतर हो सकता है।

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यूपी के 13 टोल प्लाजा होंगे बैरियर फ्री, बिना रुके गुजरेंगे वाहन; 9 महीने में पूरा होगा काम

NHAI की नई व्यवस्था से टोल पर नहीं लगेंगी लंबी कतारें

फास्टैग और AI कैमरों से कटेगा टोल, नियम तोड़ने पर लगेगा दोगुना शुल्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश और हरियाणा सीमा के आसपास स्थित 13 टोल प्लाजा को जल्द ही बैरियर फ्री किया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इन टोल प्लाजा पर मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है। इस व्यवस्था के तहत वाहनों को टोल भुगतान के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। करीब नौ महीने में इस परियोजना का काम पूरा होने की उम्मीद है। इससे हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही समय और ईंधन की बचत भी होगी।

मुख्य बिंदु

  • उत्तर प्रदेश और हरियाणा सीमा के 13 टोल प्लाजा होंगे बैरियर फ्री।
  • करीब नौ महीने में नई व्यवस्था लागू होने की उम्मीद।
  • फास्टैग और AI कैमरों से होगी वाहनों की पहचान।
  • वाहन बिना रुके टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे।
  • टोल नहीं चुकाने पर 72 घंटे के भीतर भुगतान करना होगा।
  • निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर दोगुना शुल्क लग सकता है।

क्या है मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम?

MLFF यानी मल्टी लेन फ्री फ्लो एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है। इसमें टोल प्लाजा पर वाहनों को रोकने के लिए बैरियर लगाने की जरूरत नहीं होती। वाहन सामान्य गति से टोल क्षेत्र से गुजरते हैं और तकनीकी उपकरण उनकी पहचान करके टोल की राशि वसूलते हैं।

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें नहीं लगेंगी। वर्तमान व्यवस्था में कई बार टोल भुगतान के लिए वाहनों को रुकना पड़ता है। व्यस्त समय में इससे जाम की स्थिति भी बन जाती है। हालांकि, नई तकनीक लागू होने के बाद वाहन बिना रुके आगे बढ़ सकेंगे।

फास्टैग और AI कैमरों से होगी वाहनों की पहचान

नई व्यवस्था में फास्टैग के साथ हाईस्पीड AI कैमरों और सेंसर का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए टोल प्लाजा के ऊपर और आसपास आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे।

ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट को पढ़ेंगे। इससे वाहन का पंजीकरण नंबर पहचानने में मदद मिलेगी। वहीं, ABC और ATCC सेंसर वाहनों की लंबाई, ऊंचाई और आकार के आधार पर उनकी श्रेणी की पहचान करेंगे।

इन सेंसर की मदद से कार, बस और ट्रक जैसे वाहनों को अलग-अलग पहचाना जा सकेगा। इसके अलावा रडार सेंसर वाहनों की गति भी रिकॉर्ड करेगा। इस तरह अलग-अलग तकनीकों के माध्यम से टोल वसूली की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित बनाने की योजना है।

फास्टैग खाते से अपने आप कटेगी टोल राशि

MLFF सिस्टम में वाहन की पहचान होने के बाद उसके फास्टैग खाते से निर्धारित टोल राशि स्वतः कट जाएगी। इसके लिए वाहन चालक को टोल बूथ पर रुकने या नकद भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी।

इस व्यवस्था से टोल भुगतान में लगने वाला समय कम होगा। इसके अलावा टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने और दोबारा गति पकड़ने से होने वाली ईंधन की खपत भी घट सकती है।

खास बात यह है कि वाहन चालकों को टोल पार करते समय पहले की तरह लंबी कतारों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे हाईवे पर यातायात का प्रवाह बेहतर होने की उम्मीद है।

टोल नहीं देने पर 72 घंटे में करना होगा भुगतान

बैरियर फ्री व्यवस्था में टोल भुगतान को लेकर नियमों का पालन करना भी जरूरी होगा। यदि कोई वाहन बिना टोल भुगतान किए निकलता है या उसका फास्टैग अमान्य पाया जाता है, तो संबंधित वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा।

नोटिस मिलने के बाद वाहन मालिक को 72 घंटे के भीतर टोल राशि जमा करनी होगी। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर दोगुना शुल्क लगाए जाने का प्रावधान बताया गया है।

इसके अलावा लगातार भुगतान नहीं करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में फास्टैग, वाहन का एनओसी, फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट जैसी सुविधाओं को ब्लॉक या प्रतिबंधित किया जा सकता है।

इसलिए नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालकों को अपने फास्टैग की वैधता और खाते में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखना होगा।

इन 13 टोल प्लाजा पर लागू होगी नई व्यवस्था

NHAI की योजना के तहत उत्तर प्रदेश और हरियाणा सीमा के आसपास के 13 टोल प्लाजा को MLFF सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इनमें निम्नलिखित टोल प्लाजा शामिल हैं:

  1. भनारा
  2. मवाना
  3. मुजेहरा
  4. कुराना
  5. जीवना
  6. दभेड़ी
  7. तामशाबाद
  8. जगाहेड़ी
  9. पटनी प्रतापपुर
  10. भूनी
  11. किरंज
  12. सिवाया
  13. बदरपुर-फरीदाबाद

इन टोल प्लाजा पर नई तकनीक लागू होने से संबंधित राजमार्गों पर यातायात को सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली-NCR और अन्य राज्यों के यात्रियों को मिलेगा फायदा

उत्तर प्रदेश से दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हो सकती है। खासकर उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें रोजाना हाईवे से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

टोल प्लाजा पर रुकने और कतार में इंतजार करने का समय कम होने से यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकती है। वहीं, मालवाहक वाहनों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में समय की बचत हो सकती है।

नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य

NHAI की इस पहल का उद्देश्य टोल वसूली को आधुनिक और सुगम बनाना है। करीब नौ महीने में 13 टोल प्लाजा पर बैरियर फ्री सिस्टम लागू करने की उम्मीद है।

हालांकि, नई व्यवस्था की सफलता तकनीकी उपकरणों की सटीकता, फास्टैग सिस्टम और भुगतान प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। इसके साथ ही वाहन चालकों को भी नई व्यवस्था के नियमों की जानकारी रखना जरूरी होगा।

यदि योजना निर्धारित समय पर पूरी होती है, तो उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के हाईवे पर यात्रा का अनुभव पहले से बेहतर हो सकता है।

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