दीपावली पर मिठाइयों की शुद्धता जांचने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान तेज
हल्दीराम, बीकानेरवाला समेत 13 मिठाई निर्माणशालाओं से लिए नमूने, 12 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस
गौतमबुद्धनगर, 29 अक्टूबर 2026। दीपावली पर्व के मद्देनजर गौतमबुद्धनगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिठाई निर्माणशालाओं के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर विभाग की टीमों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में मिठाई बनाने वाली इकाइयों की जांच की। इस दौरान 13 मिठाई निर्माणशालाओं से कुल 35 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। साथ ही, साफ-सफाई और आवश्यक अभिलेखों से संबंधित कमियां मिलने पर 12 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए।
मुख्य बिंदु
- खाद्य सुरक्षा विभाग ने 13 मिठाई निर्माणशालाओं से 35 नमूने लिए।
- हल्दीराम, बीकानेरवाला और अन्य मिठाई निर्माण इकाइयों की जांच की गई।
- खोया, पनीर, लड्डू, रसगुल्ला, बर्फी और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।
- आवश्यक दस्तावेज मौके पर उपलब्ध न होने और स्वच्छता संबंधी कमियों पर 12 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए।
- विभाग ने दीपावली तक जांच अभियान जारी रखने की बात कही।
देर रात से शुरू हुई जांच कार्रवाई
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि 28 अक्टूबर की देर रात और 29 अक्टूबर 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग की विभिन्न अंतरजनपदीय टीमों ने मिठाई निर्माणशालाओं में जांच अभियान चलाया। इसका उद्देश्य दीपावली के दौरान लोगों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
जांच के दौरान अधिकारियों ने मिठाई निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और तैयार खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। इसके साथ ही निर्माण परिसर की साफ-सफाई, कामगारों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल और पानी की जांच रिपोर्ट जैसे जरूरी दस्तावेजों की भी जांच की गई।
हल्दीराम, बीकानेरवाला समेत कई इकाइयों से नमूने
विभागीय जानकारी के अनुसार, सेक्टर-63 नोएडा स्थित हल्दीराम की मिठाई निर्माण इकाई से खोया का एक नमूना लिया गया। सेक्टर-57 स्थित बीकानेरवाला की निर्माणशाला से बूंदी लड्डू, छेना रसगुल्ला, पनीर सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल नौ नमूने लिए गए।
इकोटेक-1, ग्रेटर नोएडा स्थित रबरीज की निर्माणशाला से गुलाब जामुन और काजू कतली के नमूने लिए गए। साइट-सी स्थित ओम एवरग्रीन से काजू मिठाई, रसभरी और बेसन लड्डू के नमूने एकत्र किए गए।
बिसरख स्थित बादामी स्वीट की निर्माण इकाई से खोया, काजू-कीवी बर्फी और पिंक सैंडविच स्वीट के नमूने लिए गए। सेक्टर-46 स्थित गणेश्वरम से खोया का नमूना लिया गया, जबकि साइट-सी सूरजपुर स्थित नमस्कार स्वीट से बेसन लड्डू और मिल्क केक के नमूने लिए गए।
सेक्टर-10 नोएडा स्थित स्टैंडर्ड स्वीट्स से बेसन, खोया और छेना के नमूने लिए गए। दादरी स्थित सिंघल स्वीट से खोया, परवल मिठाई और पनीर की जांच के लिए नमूने एकत्र किए गए।
अन्य मिठाई निर्माणशालाओं की भी जांच
उद्योग विहार, इकोटेक-2 स्थित शगुन स्वीट्स की निर्माण इकाई से कोकोनट बर्फी और रंगीन मिठाई के नमूने लिए गए। सेक्टर-87 नोएडा स्थित हीरा स्वीट्स से खोया और राजभोग के नमूने एकत्र किए गए। सेक्टर-7 नोएडा स्थित श्री जी श्याम डेयरी की निर्माण इकाई से खोया का नमूना लिया गया।
इसके अलावा, सेक्टर-155 स्थित नाथू स्वीट्स की निर्माणशाला से लाल मिर्च पाउडर, घिया बर्फी और नारियल बर्फी के नमूने लिए गए।
विभाग के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई में 13 मिठाई निर्माणशालाओं से कुल 35 नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं। नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
दस्तावेज और साफ-सफाई की कमियों पर नोटिस
जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों पर कामगारों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल से संबंधित दस्तावेज और पानी की जांच रिपोर्ट जैसे अभिलेख मौके पर प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके अलावा, कुछ परिसरों में स्वच्छता संबंधी कमियां भी पाई गईं।
इन कमियों को दूर करने के लिए विभाग ने 12 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए हैं। हालांकि, नमूने लिए जाने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि हो गई है। इसकी जानकारी प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिलेगी।
दीपावली तक जारी रहेगा जांच अभियान
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर आगे भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच जारी रहेगी। विभाग का उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराना है।
यह कार्रवाई सहायक आयुक्त खाद्य, मेरठ मंडल, विनीत कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय, गौतमबुद्धनगर, सर्वेश मिश्रा और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेंद्र द्विवेदी के पर्यवेक्षण में की गई।
दीपावली के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में विभागीय जांच और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। नमूनों की जांच रिपोर्ट और प्रतिष्ठानों की ओर से कमियों को दूर करने की स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।


