मेघनाथ और कुंभकरण के वध के बाद भगवान श्रीराम ने किया रावण का अंत
भव्य दशहरा महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का दिया संदेश
ग्रेटर नोएडा, 20 अक्टूबर। श्री धार्मिक रामलीला के तत्वावधान में आयोजित भव्य दशहरा महोत्सव 2026 में मेघनाथ, कुंभकरण और रावण के पुतलों का दहन किया गया। इस अवसर पर रामलीला परिसर में करीब 25 से 30 हजार लोगों की मौजूदगी रही। पूरा परिसर जय श्रीराम और माता सीता के जयकारों से गूंज उठा। लोगों ने रामलीला मंचन के साथ मेले और झूलों का भी आनंद लिया।
परम श्रद्धेय गोस्वामी सुशील जी महाराज के दिशा-निर्देशन तथा संस्था के अध्यक्ष आनंद भाटी के मार्गदर्शन में आयोजित रामलीला में युद्ध के दृश्यों का भव्य मंचन किया गया। सबसे पहले भगवान लक्ष्मण ने मेघनाथ का वध किया। इसके बाद भगवान श्रीराम के हाथों कुंभकरण वीरगति को प्राप्त हुआ। अंत में भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र सिंह नागर, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य मोहित बेनिवाल, पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भाजपा की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष कांता कर्दम तथा भाजपा पश्चिम उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय महामंत्री हरिश सिंह ठाकुर उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों की मौजूदगी में क्रमशः मेघनाथ, कुंभकरण और रावण के पुतलों का दहन किया गया।
संस्था के अध्यक्ष आनंद भाटी ने कहा कि रावण के अंत से हमें सीख मिलती है कि अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित है। जब तीनों लोकों पर नियंत्रण रखने वाले रावण का अभिमान नहीं बच सका, तो प्रत्येक व्यक्ति को अपने अहंकार का त्याग कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
पुतला दहन के दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजता रहा। दर्शकों ने उत्साह के साथ भगवान श्रीराम और माता सीता के जयकारे लगाए। इस वर्ष का दशहरा महोत्सव क्षेत्रवासियों के लिए आनंददायक और यादगार आयोजन बना, जिसने धार्मिक आस्था के साथ नई पीढ़ी को संस्कारों और नैतिक मूल्यों का संदेश भी दिया।
इस अवसर पर संस्था के संस्थापक गोस्वामी सुशील जी महाराज, राजकुमार नागर, प्रदीप शर्मा, शेर सिंह भाटी, हरवीर मावी, मुख्य संरक्षक नरेश गुप्ता, संरक्षक सुशील नागर, धीरेंद्र भाटी, धीरज शर्मा, बालकिशन सफीपुर, दिनेश गुप्ता, पवन नागर, मनोज गुप्ता, सतीश भाटी, महासचिव ममता तिवारी, कोषाध्यक्ष अजय नागर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश शर्मा बदौली, उमेश गौतम, सत्यवीर मुखिया, रोशनी सिंह, महेश कमांडो, चैन पाल प्रधान, जितेंद्र भाटी, सुभाष भाटी, मनीष डाबर, मीडिया प्रभारी अतुल आनंद, उपाध्यक्ष फिरे प्रधान, पीपी शर्मा, श्याम सुंदर फौजी, यशपाल नागर, ज्योति सिंह, गीता शागर, राकेश भाटी, भगवत भाटी, तेज कुमार भाटी, सुंदर भाटी, पवन भाटी, वीरपाल मावी और जय शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


