प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका की अपनी महत्वपूर्ण यात्रा समाप्त कर भारत लौट आए हैं। जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 Summit में उनकी उपस्थिति बेहद प्रभावशाली रही। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने कई बड़े वैश्विक नेताओं से मुलाकात की और भारत की भूमिका को और मजबूत तरीके से रखा। यह यात्रा भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंधों को भी एक नई दिशा देने वाली साबित हुई।
वैश्विक नेताओं से हुई अहम मुलाकातें
जोहान्सबर्ग में पीएम मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी समेत कई विश्व नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें कीं। इसके साथ ही उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी बातचीत की। इन बैठकों में व्यापार, तकनीक, सुरक्षा, निवेश और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इन मुलाकातों ने भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को और मजबूती दी।
#WATCH | PM Narendra Modi reaches Delhi after concluding his visit to South Africa, where he attended the G20 Summit.
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— ANI (@ANI) November 24, 2025
जी20 पर पीएम मोदी का बड़ा बयान
जी20 सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने इसे एक सफल और ऐतिहासिक आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन हमारी पृथ्वी को समृद्ध और टिकाऊ बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि विश्व नेताओं से हुई चर्चा सार्थक रही और इससे भारत के द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने सम्मेलन के शानदार आयोजन के लिए दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और वहां की जनता का धन्यवाद भी किया।
AI के दुरुपयोग पर वैश्विक समझौते की मांग
जी20 मंच पर पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गलत उपयोग को रोकने के लिए एक वैश्विक समझौते की बात कही। उनका कहना था कि तकनीक का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मादक पदार्थों और आतंकवाद के गठजोड़ के खिलाफ वैश्विक पहल का सुझाव दिया। पीएम मोदी ने एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया दल बनाने का भी प्रस्ताव रखा ताकि भविष्य में किसी भी महामारी के समय तेजी से और प्रभावी तरीके से काम किया जा सके।
UNSC सुधारों पर पीएम मोदी का सख्त संदेश
पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि विश्व लगातार बदल रहा है इसलिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार अब विकल्प नहीं बल्कि जरूरत है। भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के इब्सा मंच को साफ संदेश देना चाहिए कि UNSC में बदलाव अत्यंत जरूरी है। पीएम मोदी का यह बयान बताता है कि भारत वैश्विक राजनीति में सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाना चाहता है।


