
Hyderabad: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के सुल्तान बाजार क्षेत्र में रविवार रात को ‘Paras Fireworks‘ नामक पटाखों की दुकान में एक भयंकर आग लग गई। इस घटना में एक महिला को मामूली जलन के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया है।
आग लगने का कारण और घटनाक्रम
प्रारंभिक जांच के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आग पटाखों के कारण लगी। आग लगने की सूचना मिलने के तुरंत बाद चार दमकल गाड़ियाँ मौके पर भेजी गईं। पुलिस ने बताया कि एक महिला के हाथ में मामूली चोट आई है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दुकान से निकलती हुई लपटें और लगातार पटाखों के फटने की आवाज सुनाई दे रही है, जबकि लोग दुकान से भागते हुए दिखाई दे रहे हैं।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आग पहले एक रेस्टोरेंट में लगी, जिसके बाद यह निकटवर्ती पटाखों की दुकान तक पहुँच गई। सुल्तान बाजार के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ACP) के. शंकर ने बताया कि पटाखों की दुकान अवैध थी और इसके मालिक के पास कोई लाइसेंस नहीं था। जिला अग्निशामक अधिकारी ए. वेंकट ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी रात 9:18 बजे मिली थी और आग की तीव्रता को देखते हुए और अधिक दमकल गाड़ियों को भेजा गया।
आग की स्थिति और जानकारी
ACP शंकर ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। रेस्टोरेंट पूरी तरह जलकर खाक हो गया है और 7-8 गाड़ियाँ भी जल गई हैं। रेस्टोरेंट में लगी आग पास की पटाखों की दुकान में फैल गई। शंकर ने कहा, “हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हालांकि, आग लगने का कारण अभी तक ज्ञात नहीं है।”
प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही
वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शी यदवगिरी ने बताया कि वह अपने बेटे के साथ पटाखे खरीदने के लिए दुकान में गया था। उन्होंने कहा, “हमने दुकान के अंदर चिंगारी देखी। सबसे पहले मैंने अपने बेटे और एक महिला को दुकान से बाहर निकाला। फिर मैं खुद कूदकर भाग गया। जैसे ही हम बाहर आए, एक बड़ा विस्फोट हुआ। बच्चे को विस्फोटों से डर लग गया और वह रोने लगा।”
हैदराबाद में धारा 144 लागू
दूसरी ओर, धरना-प्रदर्शनों को देखते हुए हैदराबाद पुलिस ने 27 अक्टूबर से एक महीने के लिए अपने सीमाओं पर धारा 144 लागू कर दी है। आदेश में कहा गया है कि कई संगठन और पार्टियाँ हैदराबाद शहर में सार्वजनिक शांति और व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं।
सुरक्षा नियमों पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा और अग्नि संबंधित नियमों की सख्ती पर सवाल उठाए हैं। विशेष रूप से त्योहारों के मौसम के दौरान, जब ये दुकानें ज्यादा चलती हैं, अवैध पटाखों की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता है। यह आवश्यक है कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।
प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी
पुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद अवैध दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की योजना बनाई है। सभी पटाखों की दुकानों के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी दुकान बिना उचित लाइसेंस के संचालित न हो।
इसके साथ ही, अग्निशामक उपाय और सुरक्षा कदम लागू किए जाएंगे ताकि आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके। यह महत्वपूर्ण है कि त्योहारों के समय नागरिकों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए, जब आतिशबाजी की गतिविधियाँ बढ़ जाती हैं।
स्थानीय निवासियों की चिंताएँ
इस बीच, स्थानीय निवासियों ने घटना के बाद अपनी चिंताओं को व्यक्त किया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि वह अग्नि सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू करे और अवैध दुकानों को बंद करे ताकि ऐसी दुर्घटनाएँ न हों।
यह आग से संबंधित घटना सभी को याद दिलाती है कि हमें हमेशा सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए और अवैध गतिविधियों की निंदा करनी चाहिए। सुरक्षा सबसे प्राथमिकता होनी चाहिए, विशेषकर जब हम त्योहार मना रहे हैं।
इस प्रकार, सुल्तान बाजार में हुई इस आग की घटना ने सुरक्षा नियमों की अनुपालना की आवश्यकता को एक बार फिर से उजागर किया है। यह समय है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन अवैध दुकानों के खिलाफ कठोर कदम उठाए और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय लागू करे। केवल इसी तरह हम एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण बना सकते हैं।

