मेघनाद वध, अहिरावण वध और रावण वध के मंचन ने मोहा मन, 21 अक्टूबर को होगा विजय महोत्सव का समापन
साइट-4 रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब, 65-65 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का भी हुआ दहन
20 अक्टूबर, ग्रेटर नोएडा। श्री रामलीला कमेटी, ग्रेटर नोएडा की ओर से साइट-4 स्थित रामलीला मैदान में आयोजित विजय महोत्सव 2026 के अंतर्गत दशहरे पर विशेष रामलीला मंचन और रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 70 फीट ऊंचे रावण तथा 65-65 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। कार्यक्रम में रामायण के प्रमुख प्रसंगों के मंचन के साथ बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।
श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह ने बताया कि रामलीला मंचन कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक नॉर्थविंड के निदेशक राजीव जैन, मनोज गर्ग, शौर्य गर्ग, कीर्त गर्ग, आर्जव जैन और समयक जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गणमान्य व्यक्तियों ने भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण किया, जिसके बाद रामलीला का मंचन प्रारंभ हुआ।
महासचिव विजेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि मंगलवार को आयोजित लीला में मेघनाद वध, सुलोचना विलाप, अहिरावण वध और रावण वध के प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने इन प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद रात नौ बजे 70 फीट ऊंचे रावण और 65-65 फीट ऊंचे कुंभकर्ण एवं मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया।
कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। रावण दहन के माध्यम से समाज को अहंकार, अन्याय और बुराइयों का त्याग कर सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने कहा कि रामलीला के मंचन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, साहस और मर्यादा को दर्शाया गया। रावण दहन का आयोजन इस बात का प्रतीक है कि अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित है तथा सत्य की सदैव विजय होती है।
मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि रावण दहन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मैदान में पुलिस बल तैनात रहा और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की गई। उन्होंने दशहरा महोत्सव में शामिल होने वाले क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।
21 अक्टूबर को होगा विजय महोत्सव का समापन
श्री रामलीला कमेटी, ग्रेटर नोएडा की ओर से 21 अक्टूबर को विजय महोत्सव 2026 के अंतिम दिन विभीषण का राजतिलक, भरत मिलाप, श्रीराम राज्याभिषेक, पुरस्कार वितरण और समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने, भाई भरत से मिलन और श्रीराम के राज्याभिषेक के प्रसंगों की भावपूर्ण प्रस्तुति होगी। साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
कार्यक्रम में अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह, महासचिव विजेंद्र सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग, संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल, मीडिया प्रभारी विनोद कसाना सहित ओमप्रकाश अग्रवाल, धर्मपाल भाटी, हरेंद्र भाटी, कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, केके शर्मा, मुकुल गोयल, सुभाष चंदेल, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, श्यामवीर भाटी, मनोज यादव, अनिल कसाना, सुनील प्रधान, अनुज उपाध्याय, अतुल जैन, अरुण गुप्ता, अंकुर गर्ग, विशाल जैन, उमंग, दीपक, विकास आर्य, रिंकू आर्य, प्रमोद मास्टर सहित कमेटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


