G-20 Summit: दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई प्रमुख विश्व नेताओं से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बैठकें कीं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली-जे-म्यूंग, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा सहित संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटरेस और अन्य कई देशों के शीर्ष नेताओं से हुई इन बैठकों में वैश्विक समस्याओं के समाधान और सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया।
वैश्विक मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी का फोकस
पीएम मोदी ने इन बैठकों के दौरान वैश्विक तरक्की और खुशहाली के लिए साझा प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने ‘एक्स’ प्लेटफॉर्म पर बताया कि भारत-ब्रिटेन के संबंधों में इस साल नई ऊर्जा आई है और वे इसे कई क्षेत्रों में और आगे बढ़ाना चाहते हैं। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ उनकी बातचीत भी बहुत सकारात्मक रही। मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से हुई चर्चा को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि भारत-फ्रांस के रिश्ते विश्व के भले के लिए एक मजबूत ताकत बन चुके हैं।
A very productive conversation with the Secretary General of the United Nations, Mr. António Guterres on the sidelines of the G20 Johannesburg Summit.@UN @antonioguterres pic.twitter.com/aPtCzWGXDJ
— Narendra Modi (@narendramodi) November 22, 2025
दक्षिण कोरिया और ब्राजील के साथ रणनीतिक साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यूंग से इस साल दूसरी बार मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह बातचीत भारत और कोरिया के विशेष रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत करेगी। आर्थिक और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों ने अपने दृष्टिकोण साझा किए। वहीं, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा से मुलाकात के बाद मोदी ने कहा कि भारत और ब्राजील व्यापार और सांस्कृतिक क्षेत्रों में गहरा सहयोग बनाए रखेंगे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटरेस के साथ भी सार्थक बातचीत की।
अन्य विश्व नेताओं से हुई विस्तारपूर्ण बातचीत
जी-20 सम्मेलन के मुख्य सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंजाल्वेस लौरेंको, सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग और वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन से भी मुलाकात की। मोदी ने इन बैठकों को भारत के लिए द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि भारत-सिंगापुर और भारत-वियतनाम की साझेदारी विकास और स्थिरता का मजबूत आधार है।
With fellow G20 leaders at the Johannesburg Summit.
Together, we reaffirm our shared commitment to global progress and prosperity. pic.twitter.com/Fj6Yc7gbEM
— Narendra Modi (@narendramodi) November 22, 2025
भारत-जर्मनी संबंधों को प्रधानमंत्री का विशेष महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ हुई मुलाकात को ‘शानदार’ बताया। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच रिश्ते खासकर व्यापार, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष के क्षेत्रों में मजबूत हो रहे हैं। इस तरह मोदी ने जोहान्सबर्ग में जी-20 सम्मेलन के अवसर पर न केवल वैश्विक स्तर पर भारत की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया, बल्कि देश के द्विपक्षीय संबंधों को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।


