Friday, October 2, 2026
spot_img

National

spot_img

विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह: ग्रेटर नोएडा में भव्य आयोजन

ऐच्छर के रामलीला मैदान में आयोजित संगोष्ठी में बड़ी संख्या में जुटे लोग

जयंत चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने क्रांतिकारी किसान नेता को दी श्रद्धांजलि

ग्रेटर नोएडा में महान क्रांतिकारी, किसान नेता और समाज सुधारक Vijay Singh Pathik की स्मृति में विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। ऐच्छर (सेक्टर पीआई-1) स्थित रामलीला मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में संगोष्ठी और सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

यह आयोजन Akhil Bharatiya Gurjar Mahasabha के तत्वावधान में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के बुद्धिजीवी, किसान, युवा और ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य महान क्रांतिकारी के जीवन, संघर्ष और विचारों को समाज तक पहुंचाना और युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह केवल एक स्मरण कार्यक्रम नहीं बल्कि किसानों के अधिकारों और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है।

जयंत चौधरी ने पथिक को बताया क्रांति और किसान चेतना का प्रतीक

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Jayant Chaudhary उपस्थित रहे, जो भारत सरकार में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं।

उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विजय सिंह पथिक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे महान सेनानी थे, जिन्होंने कम उम्र में ही अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष शुरू कर दिया था।

जयंत चौधरी ने कहा कि 1916 में उन्होंने राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में किसानों के अधिकारों के लिए बिजोलिया किसान आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसने पूरे देश में किसान आंदोलनों को नई दिशा दी।

उन्होंने कहा कि विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह हमें यह याद दिलाता है कि समाज में न्याय और अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने पथिक को “क्रांति, स्वाभिमान और किसान चेतना का अमर प्रतीक” बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

स्वतंत्रता आंदोलन और किसान संघर्ष में ऐतिहासिक योगदान

विजय सिंह पथिक जयंती समारोह ग्रेटर नोएडा रामलीला मैदान ऐच्छर

संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने बताया कि विजय सिंह पथिक का जन्म 1882 में हुआ था और उनका मूल नाम भूप सिंह था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ-साथ किसानों के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया।

उन्होंने राजस्थान में किसानों पर लगाए गए भारी कर और बेगार जैसी व्यवस्थाओं के खिलाफ किसानों को संगठित किया। यही आंदोलन आगे चलकर देश के प्रमुख किसान आंदोलनों में शामिल हुआ।

वक्ताओं ने कहा कि विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह के माध्यम से युवाओं को यह बताया जा रहा है कि देश की आजादी केवल राजनीतिक आंदोलन नहीं थी, बल्कि इसमें किसानों, मजदूरों और आम लोगों के संघर्ष भी शामिल थे।

कई प्रमुख जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में हुए शामिल

इस अवसर पर कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद Chandan Chauhan, उत्तर प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री Somendra Tomar, दादरी विधायक Tejpal Singh Nagar, पूर्व सांसद Malook Singh Nagar, अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. यशवीर सिंह और पूर्व मंत्री कालू राम चौधरी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

इन सभी वक्ताओं ने विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह के दौरान उनके जीवन और संघर्षों को याद करते हुए समाज से उनके आदर्शों को अपनाने की अपील की।

समाज सुधार और शिक्षा के लिए भी किया कार्य

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि विजय सिंह पथिक केवल किसान नेता ही नहीं थे, बल्कि समाज सुधार के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, सामाजिक समानता और छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई। उनके विचारों ने समाज में जागरूकता फैलाने में बड़ी भूमिका निभाई।

संगोष्ठी में यह भी कहा गया कि विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह के माध्यम से युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए आगे आने का संदेश दिया जा रहा है।

36 बिरादरी की एकता का दिया गया संदेश

कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने समाज के सभी वर्गों और 36 बिरादरी के लोगों को एकजुट होकर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महान क्रांतिकारी के विचार हमें यह सिखाते हैं कि जब समाज एकजुट होता है, तब बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव हो सकता है।

आयोजकों का मानना है कि विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह समाज में एकता, किसान चेतना और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने वाला आयोजन साबित हो रहा है।

हर्षोल्लास और उत्साह के माहौल में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और उपस्थित लोगों ने महान क्रांतिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

International

spot_img

विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह: ग्रेटर नोएडा में भव्य आयोजन

ऐच्छर के रामलीला मैदान में आयोजित संगोष्ठी में बड़ी संख्या में जुटे लोग

जयंत चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने क्रांतिकारी किसान नेता को दी श्रद्धांजलि

ग्रेटर नोएडा में महान क्रांतिकारी, किसान नेता और समाज सुधारक Vijay Singh Pathik की स्मृति में विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। ऐच्छर (सेक्टर पीआई-1) स्थित रामलीला मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में संगोष्ठी और सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

यह आयोजन Akhil Bharatiya Gurjar Mahasabha के तत्वावधान में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के बुद्धिजीवी, किसान, युवा और ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य महान क्रांतिकारी के जीवन, संघर्ष और विचारों को समाज तक पहुंचाना और युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह केवल एक स्मरण कार्यक्रम नहीं बल्कि किसानों के अधिकारों और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है।

जयंत चौधरी ने पथिक को बताया क्रांति और किसान चेतना का प्रतीक

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Jayant Chaudhary उपस्थित रहे, जो भारत सरकार में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं।

उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विजय सिंह पथिक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे महान सेनानी थे, जिन्होंने कम उम्र में ही अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष शुरू कर दिया था।

जयंत चौधरी ने कहा कि 1916 में उन्होंने राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में किसानों के अधिकारों के लिए बिजोलिया किसान आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसने पूरे देश में किसान आंदोलनों को नई दिशा दी।

उन्होंने कहा कि विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह हमें यह याद दिलाता है कि समाज में न्याय और अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने पथिक को “क्रांति, स्वाभिमान और किसान चेतना का अमर प्रतीक” बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

स्वतंत्रता आंदोलन और किसान संघर्ष में ऐतिहासिक योगदान

विजय सिंह पथिक जयंती समारोह ग्रेटर नोएडा रामलीला मैदान ऐच्छर

संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने बताया कि विजय सिंह पथिक का जन्म 1882 में हुआ था और उनका मूल नाम भूप सिंह था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ-साथ किसानों के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया।

उन्होंने राजस्थान में किसानों पर लगाए गए भारी कर और बेगार जैसी व्यवस्थाओं के खिलाफ किसानों को संगठित किया। यही आंदोलन आगे चलकर देश के प्रमुख किसान आंदोलनों में शामिल हुआ।

वक्ताओं ने कहा कि विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह के माध्यम से युवाओं को यह बताया जा रहा है कि देश की आजादी केवल राजनीतिक आंदोलन नहीं थी, बल्कि इसमें किसानों, मजदूरों और आम लोगों के संघर्ष भी शामिल थे।

कई प्रमुख जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में हुए शामिल

इस अवसर पर कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद Chandan Chauhan, उत्तर प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री Somendra Tomar, दादरी विधायक Tejpal Singh Nagar, पूर्व सांसद Malook Singh Nagar, अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. यशवीर सिंह और पूर्व मंत्री कालू राम चौधरी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

इन सभी वक्ताओं ने विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह के दौरान उनके जीवन और संघर्षों को याद करते हुए समाज से उनके आदर्शों को अपनाने की अपील की।

समाज सुधार और शिक्षा के लिए भी किया कार्य

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि विजय सिंह पथिक केवल किसान नेता ही नहीं थे, बल्कि समाज सुधार के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, सामाजिक समानता और छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई। उनके विचारों ने समाज में जागरूकता फैलाने में बड़ी भूमिका निभाई।

संगोष्ठी में यह भी कहा गया कि विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह के माध्यम से युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए आगे आने का संदेश दिया जा रहा है।

36 बिरादरी की एकता का दिया गया संदेश

कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने समाज के सभी वर्गों और 36 बिरादरी के लोगों को एकजुट होकर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महान क्रांतिकारी के विचार हमें यह सिखाते हैं कि जब समाज एकजुट होता है, तब बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव हो सकता है।

आयोजकों का मानना है कि विजय सिंह पथिक 144वीं जयंती समारोह समाज में एकता, किसान चेतना और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने वाला आयोजन साबित हो रहा है।

हर्षोल्लास और उत्साह के माहौल में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और उपस्थित लोगों ने महान क्रांतिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES