Friday, October 2, 2026
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ग्रेटर नोएडा में 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 का भव्य प्रील्यूड, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने किया उद्घाटन

हस्तशिल्प क्षेत्र को नई ऊंचाई: सरकार का लक्ष्य हर कारीगर की आय 5 लाख रुपये सालाना

900 स्थायी मार्ट शोरूम और क्यूरेटेड पवेलियन बने मेले का खास आकर्षण

होम, लाइफस्टाइल, फर्नीचर और फैशन एक्सेसरीज़ का विशाल प्रदर्शन, खरीदारों के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म

ग्रेटर नोएडा | 13 फरवरी 2026
61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 का भव्य प्रील्यूड एवं उद्घाटन समारोह आज इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्घाटन माननीय केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। यह मेला हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा 14 से 18 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 भारत की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत और वैश्विक व्यापार क्षमता का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि देश का हर कारीगर आत्मनिर्भर बने और उसकी वार्षिक आय न्यूनतम 5 लाख रुपये तक पहुँचे। इसके लिए 40 नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों को लक्ष्य बनाया गया है और भविष्य में 60,000 करोड़ रुपये के निर्यात लक्ष्य की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक मंच

उन्होंने ईपीसीएच के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 आज एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सोर्सिंग डेस्टिनेशन बन चुका है। यह मेला दुनिया भर के खरीदारों, डिज़ाइनरों और उद्योग विशेषज्ञों को भारतीय उत्पादों से जोड़ने का काम कर रहा है। साथ ही उन्होंने इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट को वैश्विक स्तर का व्यापारिक केंद्र बताया।
उद्घाटन समारोह में ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, ईपीसीएच के मुख्य संरक्षक एवं आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, ईपीसीएच के मुख्य संयोजक अवधेश अग्रवाल, आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–स्प्रिंग 2026 के प्रेसिडेंट मोहित चोपड़ा, उपाध्यक्ष आनंद जलान सहित परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी, सदस्य निर्यातक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


सरकार के सहयोग से आगे बढ़ता हस्तशिल्प क्षेत्र

ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि सरकार के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से भारतीय हस्तशिल्प क्षेत्र लगातार प्रगति कर रहा है। 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 कारीगरों, निर्यातकों और उद्यमियों को नए व्यापारिक अवसर प्रदान करता है और वैश्विक खरीदारों में भारतीय उत्पादों के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है।
ईपीसीएच के मुख्य संरक्षक डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि यह मेला देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित व्यापार आयोजनों में से एक है। 900 से अधिक स्थायी मार्ट शोरूम अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को वर्षभर सोर्सिंग की सुविधा प्रदान करते हैं, जिससे दीर्घकालिक व्यापारिक संबंध बनते हैं।

109 देशों के खरीदारों की भागीदारी

ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने बताया कि इस संस्करण में डिज़ाइन-आधारित, वैल्यू-एडेड और सस्टेनेबल उत्पादों पर विशेष फोकस है। खरीदारों को लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन, क्यूरेटेड पवेलियन, ज्ञानवर्धक सत्र और नेटवर्किंग ज़ोन का अनुभव मिलेगा।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने जानकारी दी कि 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 में 109 से अधिक देशों के विदेशी खरीदारों, सोर्सिंग कंसल्टेंट्स और भारत के प्रमुख रिटेल व ऑनलाइन ब्रांड्स ने भागीदारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में भारत का हस्तशिल्प निर्यात 33,123 करोड़ रुपये रहा, जो इस क्षेत्र की वैश्विक मजबूती को दर्शाता है।

मेड इन इंडिया को नई पहचान

61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 भारतीय हस्तशिल्प की गुणवत्ता, नवाचार और विश्वसनीयता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करते हुए ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड को और सशक्त कर रहा है। यह मेला न केवल व्यापार का मंच है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और कारीगरों की मेहनत का अंतरराष्ट्रीय उत्सव भी है।

International

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ग्रेटर नोएडा में 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 का भव्य प्रील्यूड, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने किया उद्घाटन

हस्तशिल्प क्षेत्र को नई ऊंचाई: सरकार का लक्ष्य हर कारीगर की आय 5 लाख रुपये सालाना

900 स्थायी मार्ट शोरूम और क्यूरेटेड पवेलियन बने मेले का खास आकर्षण

होम, लाइफस्टाइल, फर्नीचर और फैशन एक्सेसरीज़ का विशाल प्रदर्शन, खरीदारों के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म

ग्रेटर नोएडा | 13 फरवरी 2026
61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 का भव्य प्रील्यूड एवं उद्घाटन समारोह आज इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्घाटन माननीय केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। यह मेला हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा 14 से 18 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 भारत की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत और वैश्विक व्यापार क्षमता का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि देश का हर कारीगर आत्मनिर्भर बने और उसकी वार्षिक आय न्यूनतम 5 लाख रुपये तक पहुँचे। इसके लिए 40 नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों को लक्ष्य बनाया गया है और भविष्य में 60,000 करोड़ रुपये के निर्यात लक्ष्य की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक मंच

उन्होंने ईपीसीएच के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 आज एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सोर्सिंग डेस्टिनेशन बन चुका है। यह मेला दुनिया भर के खरीदारों, डिज़ाइनरों और उद्योग विशेषज्ञों को भारतीय उत्पादों से जोड़ने का काम कर रहा है। साथ ही उन्होंने इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट को वैश्विक स्तर का व्यापारिक केंद्र बताया।
उद्घाटन समारोह में ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, ईपीसीएच के मुख्य संरक्षक एवं आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, ईपीसीएच के मुख्य संयोजक अवधेश अग्रवाल, आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–स्प्रिंग 2026 के प्रेसिडेंट मोहित चोपड़ा, उपाध्यक्ष आनंद जलान सहित परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी, सदस्य निर्यातक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


सरकार के सहयोग से आगे बढ़ता हस्तशिल्प क्षेत्र

ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि सरकार के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से भारतीय हस्तशिल्प क्षेत्र लगातार प्रगति कर रहा है। 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 कारीगरों, निर्यातकों और उद्यमियों को नए व्यापारिक अवसर प्रदान करता है और वैश्विक खरीदारों में भारतीय उत्पादों के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है।
ईपीसीएच के मुख्य संरक्षक डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि यह मेला देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित व्यापार आयोजनों में से एक है। 900 से अधिक स्थायी मार्ट शोरूम अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को वर्षभर सोर्सिंग की सुविधा प्रदान करते हैं, जिससे दीर्घकालिक व्यापारिक संबंध बनते हैं।

109 देशों के खरीदारों की भागीदारी

ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने बताया कि इस संस्करण में डिज़ाइन-आधारित, वैल्यू-एडेड और सस्टेनेबल उत्पादों पर विशेष फोकस है। खरीदारों को लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन, क्यूरेटेड पवेलियन, ज्ञानवर्धक सत्र और नेटवर्किंग ज़ोन का अनुभव मिलेगा।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने जानकारी दी कि 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 में 109 से अधिक देशों के विदेशी खरीदारों, सोर्सिंग कंसल्टेंट्स और भारत के प्रमुख रिटेल व ऑनलाइन ब्रांड्स ने भागीदारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में भारत का हस्तशिल्प निर्यात 33,123 करोड़ रुपये रहा, जो इस क्षेत्र की वैश्विक मजबूती को दर्शाता है।

मेड इन इंडिया को नई पहचान

61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 भारतीय हस्तशिल्प की गुणवत्ता, नवाचार और विश्वसनीयता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करते हुए ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड को और सशक्त कर रहा है। यह मेला न केवल व्यापार का मंच है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और कारीगरों की मेहनत का अंतरराष्ट्रीय उत्सव भी है।

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