Friday, October 2, 2026
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कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम ग्रेटर नोएडा में आयोजित

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम ग्रेटर नोएडा में आयोजित

ग्रेटर नोएडा में आज कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम का विशेष आयोजन ग्रेटर नोएडा जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में हुआ। यह कार्यक्रम साहित्य, कला, संस्कृति और विश्व कीर्तिमानों को समर्पित रहा। कार्यक्रम में कई नामी साहित्यकार, कवि, कलाकार और विभिन्न राज्यों से आए हुए सम्मानित अतिथि मौजूद रहे। कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम में पुस्तक विमोचन, काव्य पाठ, प्रतिभा सम्मान और प्रेस कॉन्फ्रेंस जैसे कई महत्वपूर्ण सत्रों का आयोजन किया गया।

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम में पुस्तक विमोचन

कार्यक्रम की शुरुआत कपिलश प्रकाशन से प्रकाशित कई महत्वपूर्ण पुस्तकों के लोकार्पण से हुई। यह विमोचन आचार्य रजनीश (ओशो) के जन्म दिवस पर आयोजित किया गया था, जिसे और भी ऐतिहासिक बना दिया उनके दीक्षा प्राप्त शिष्य बिहार मुंगेर के स्वामी विजयानंद भारती की पुस्तकों ने।

विमोचित पुस्तकों में शामिल हैं—

द ग्रेट नॉन थिंकर्स ऑफ द वर्ल्ड

ओशो जेन: जी—द ग्रेस ऑफ होल एक्ज़िस्टेंस वॉल्यूम 2

माई रिलीज़न इस द फर्स्ट एंड परहैप्स द लास्ट रिलीज़न

इसके साथ ही गाज़ियाबाद की मंजरी श्रीवास्तव ‘लज्जा’ की दो काव्य पुस्तकों—प्रज्ञा पुंज और प्रेरणा पुंज, नोएडा की डॉ सूक्ष्मलता महाजन की पुस्तक कैसा है ये चित्रकार, और व्यंग्यकार श्रीकांत तिवारी ‘कांत’ की दिन कस्तूरी हो गए तथा कपिलश के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री भगवती प्रसाद मिश्र ‘बेधड़क’ की बेधड़क हुंडलियां का भी विमोचन किया गया।

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम में प्रतिभा सम्मान

कार्यक्रम के दौरान दो विशेष प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया

हरप्रीत कौर (हनुमानगढ़, राजस्थान) — चावल के दाने पर सबसे कम समय में चित्रकारी कर विश्व रिकॉर्ड बनाने पर कपिलश युवा तूलिका सम्मान

रजिंदर महाजन (नोएडा) — साहित्यिक योगदान के लिए कपिलश साहित्य श्री सम्मान

यह सम्मान संस्था की संस्थापक अध्यक्ष शिप्रा खरे और कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा प्रदान किए गए।

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम में रिकॉर्डधारक संस्थान की उपलब्धियाँ

कार्यक्रम के संयोजक यतीश शुक्ला ने बताया कि अब तक कपिलश फाउंडेशन 11 विश्व रिकॉर्ड आयोजन कर चुका है, जिनमें संस्था के नाम 5 स्वतंत्र विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं। उल्लेखनीय रिकॉर्ड

154 घंटे का अनवरत कवि सम्मेलन (विश्व रिकॉर्ड)

54 घंटे का अनवरत कवयित्री सम्मेलन (ऑफलाइन विश्व रिकॉर्ड)

इन उपलब्धियों ने कपिलश फाउंडेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला और साहित्य की दुनिया में पहचान दिलाई है।

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और शामिल अधिकारी

कार्यक्रम में कई सम्मानित अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई—

सुरेंद्र शर्मा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष, खुर्जा

डॉ आशीष श्रीवास्तव, डायरेक्टर, फिजिक्स वाला

ओमप्रकाश प्रजापति, संपादक, ट्रू मीडिया

कविता मल्होत्रा, इशरत सुल्ताना, बी डी अवस्थी

इसके अलावा कपिलश फाउंडेशन की पूरी कार्यकारिणी टीम मौजूद रही, जिनमें शामिल हैं—

नानक चंद वर्मा, डॉ वी बी धुरिया, जय किशन जय, डॉ साधना अग्रवाल साधिका, रवि सुत शुक्ल, शुचि खरे, अनूप त्रिपाठी, पूनम शर्मा, पुष्टी अग्रवाल ‘परी’ और कार्यक्रम संचालक मनीषा जोशी।

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम में काव्य पाठ ने बांधा समां

काव्य गोष्ठी में कई कवियों और रचनाकारों ने अपनी कविताओं से वातावरण को साहित्यिक बना दिया। काव्य पाठ करने वालों में शामिल थे—

सचिन मेहरोत्रा, अभिषेक लंकेश, ज्योति जुल्का, गोल्डी गीतकार, अभिलाषा रूहेला, स्वाति गोयल, विभा त्रिपाठी, बबिता अग्रवाल, संगीता अहलावत, दीपिका वल्दिया और डॉ दीप्ति मिश्रा।

सांस्कृतिक और साहित्यिक समृद्धि का मंच: कार्यक्रम का प्रभाव

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम न केवल साहित्य और कला को बढ़ावा देता है, बल्कि नई प्रतिभाओं को भी मंच प्रदान करता है। इस कार्यक्रम ने ग्रेटर नोएडा में सांस्कृतिक जागरूकता को और भी मजबूत किया।

यह आयोजन कलाकारों, लेखकों, कवियों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक प्रेरणादायक मंच साबित हुआ।

सर्जनात्मकता को बढ़ावा देने का संदेश

कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि साहित्य, कला और संस्कृति समाज की आत्मा हैं। इस तरह के आयोजन नए विचारों को प्रेरित करते हैं और युवा पीढ़ी को रचनात्मकता की ओर उन्मुख करते हैं।

International

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कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम ग्रेटर नोएडा में आयोजित

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम ग्रेटर नोएडा में आयोजित

ग्रेटर नोएडा में आज कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम का विशेष आयोजन ग्रेटर नोएडा जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में हुआ। यह कार्यक्रम साहित्य, कला, संस्कृति और विश्व कीर्तिमानों को समर्पित रहा। कार्यक्रम में कई नामी साहित्यकार, कवि, कलाकार और विभिन्न राज्यों से आए हुए सम्मानित अतिथि मौजूद रहे। कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम में पुस्तक विमोचन, काव्य पाठ, प्रतिभा सम्मान और प्रेस कॉन्फ्रेंस जैसे कई महत्वपूर्ण सत्रों का आयोजन किया गया।

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम में पुस्तक विमोचन

कार्यक्रम की शुरुआत कपिलश प्रकाशन से प्रकाशित कई महत्वपूर्ण पुस्तकों के लोकार्पण से हुई। यह विमोचन आचार्य रजनीश (ओशो) के जन्म दिवस पर आयोजित किया गया था, जिसे और भी ऐतिहासिक बना दिया उनके दीक्षा प्राप्त शिष्य बिहार मुंगेर के स्वामी विजयानंद भारती की पुस्तकों ने।

विमोचित पुस्तकों में शामिल हैं—

द ग्रेट नॉन थिंकर्स ऑफ द वर्ल्ड

ओशो जेन: जी—द ग्रेस ऑफ होल एक्ज़िस्टेंस वॉल्यूम 2

माई रिलीज़न इस द फर्स्ट एंड परहैप्स द लास्ट रिलीज़न

इसके साथ ही गाज़ियाबाद की मंजरी श्रीवास्तव ‘लज्जा’ की दो काव्य पुस्तकों—प्रज्ञा पुंज और प्रेरणा पुंज, नोएडा की डॉ सूक्ष्मलता महाजन की पुस्तक कैसा है ये चित्रकार, और व्यंग्यकार श्रीकांत तिवारी ‘कांत’ की दिन कस्तूरी हो गए तथा कपिलश के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री भगवती प्रसाद मिश्र ‘बेधड़क’ की बेधड़क हुंडलियां का भी विमोचन किया गया।

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम में प्रतिभा सम्मान

कार्यक्रम के दौरान दो विशेष प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया

हरप्रीत कौर (हनुमानगढ़, राजस्थान) — चावल के दाने पर सबसे कम समय में चित्रकारी कर विश्व रिकॉर्ड बनाने पर कपिलश युवा तूलिका सम्मान

रजिंदर महाजन (नोएडा) — साहित्यिक योगदान के लिए कपिलश साहित्य श्री सम्मान

यह सम्मान संस्था की संस्थापक अध्यक्ष शिप्रा खरे और कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा प्रदान किए गए।

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम में रिकॉर्डधारक संस्थान की उपलब्धियाँ

कार्यक्रम के संयोजक यतीश शुक्ला ने बताया कि अब तक कपिलश फाउंडेशन 11 विश्व रिकॉर्ड आयोजन कर चुका है, जिनमें संस्था के नाम 5 स्वतंत्र विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं। उल्लेखनीय रिकॉर्ड

154 घंटे का अनवरत कवि सम्मेलन (विश्व रिकॉर्ड)

54 घंटे का अनवरत कवयित्री सम्मेलन (ऑफलाइन विश्व रिकॉर्ड)

इन उपलब्धियों ने कपिलश फाउंडेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला और साहित्य की दुनिया में पहचान दिलाई है।

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और शामिल अधिकारी

कार्यक्रम में कई सम्मानित अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई—

सुरेंद्र शर्मा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष, खुर्जा

डॉ आशीष श्रीवास्तव, डायरेक्टर, फिजिक्स वाला

ओमप्रकाश प्रजापति, संपादक, ट्रू मीडिया

कविता मल्होत्रा, इशरत सुल्ताना, बी डी अवस्थी

इसके अलावा कपिलश फाउंडेशन की पूरी कार्यकारिणी टीम मौजूद रही, जिनमें शामिल हैं—

नानक चंद वर्मा, डॉ वी बी धुरिया, जय किशन जय, डॉ साधना अग्रवाल साधिका, रवि सुत शुक्ल, शुचि खरे, अनूप त्रिपाठी, पूनम शर्मा, पुष्टी अग्रवाल ‘परी’ और कार्यक्रम संचालक मनीषा जोशी।

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम में काव्य पाठ ने बांधा समां

काव्य गोष्ठी में कई कवियों और रचनाकारों ने अपनी कविताओं से वातावरण को साहित्यिक बना दिया। काव्य पाठ करने वालों में शामिल थे—

सचिन मेहरोत्रा, अभिषेक लंकेश, ज्योति जुल्का, गोल्डी गीतकार, अभिलाषा रूहेला, स्वाति गोयल, विभा त्रिपाठी, बबिता अग्रवाल, संगीता अहलावत, दीपिका वल्दिया और डॉ दीप्ति मिश्रा।

सांस्कृतिक और साहित्यिक समृद्धि का मंच: कार्यक्रम का प्रभाव

कपिलश फाउंडेशन ध्यान सूत्र कार्यक्रम न केवल साहित्य और कला को बढ़ावा देता है, बल्कि नई प्रतिभाओं को भी मंच प्रदान करता है। इस कार्यक्रम ने ग्रेटर नोएडा में सांस्कृतिक जागरूकता को और भी मजबूत किया।

यह आयोजन कलाकारों, लेखकों, कवियों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक प्रेरणादायक मंच साबित हुआ।

सर्जनात्मकता को बढ़ावा देने का संदेश

कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि साहित्य, कला और संस्कृति समाज की आत्मा हैं। इस तरह के आयोजन नए विचारों को प्रेरित करते हैं और युवा पीढ़ी को रचनात्मकता की ओर उन्मुख करते हैं।

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