
Waqf Amendment Bill के खिलाफ विरोध कर रहे विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों को एक बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने लोकसभा में आज पेश होने वाले वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया है। शम्स ने कहा कि जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं, वे असल में मुसलमान नहीं हैं। उनका कहना था कि कुछ मुस्लिम संगठन अपने राजनीतिक फायदे के लिए गरीब मुसलमानों को मोहरे के रूप में इस्तेमाल करना चाहते हैं।
PM मोदी की सराहना की
शादाब शम्स ने PM मोदी की सराहना करते हुए कहा, “गरीब मुसलमानों को PM मोदी से उम्मीदें हैं, और इसी कारण हमने इस संशोधन बिल का नाम ‘उम्मीद’ रखा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी हमारे लिए आशा की किरण हैं। पीएम मोदी सरकार ने यह तय किया है कि वह गरीब मुसलमानों को मुख्यधारा में लाएंगे। यह ’70 साल बनाम मोदी कार्यकाल’ है।”

#WATCH | Delhi: On Waqf Amendment Bill, Uttarakhand Waqf Board Chairman Shadab Shams says, "Poor Muslims have hopes from PM Modi, and that is why we have named this amendment bill as 'Ummeed'. Union Minister Kiren Rijiju is the ray of hope… PM Modi government has decided that… pic.twitter.com/ghOc3FzODB
— ANI (@ANI) April 2, 2025

विरोध कर रहे संगठनों पर शादाब शम्स का हमला
उन्होंने आगे कहा, “विपक्ष के पास 70 साल थे, और उन्होंने जो किया वह सब सामने है। उन्होंने वक्फ का शोषण किया, और अमीरों ने गरीबों के अधिकारों को लूटा। अब ये लोग डर फैला रहे हैं कि मस्जिदों को छीन लिया जाएगा। जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे असल में मुसलमान नहीं हैं, बल्कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आप और जनता दल के राजनीतिक मुसलमान हैं। इनके पीछे जमीअत उलमा-ए-हिंद और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसी एनजीओ और समितियां हैं, जो राजीव सभा के रास्ते जाना चाहती हैं। ये सभी वक्फ के लाभार्थी हैं, और इन्हें डर है कि वक्फ का लाभ अब उनसे छीन लिया जाएगा। हमें पूरा यकीन है कि पीएम मोदी वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करेंगे और इसे पास कर गरीब मुसलमानों को उनका अधिकार देंगे।”
एआईएमपीएलबी का विरोध और विरोधियों की रणनीति
वहीं, इस बीच, Waqf Amendment Bill के विरोधियों की रणनीति एक बार फिर नाकाम होती नजर आ रही है, क्योंकि JDU और TDP ने इस बिल पर एकजुटता दिखाई है। हालांकि, मुस्लिम संगठन हार मानने को तैयार नहीं हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों और उनके सांसदों को एक पत्र लिखा है, जिसमें उनसे वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ वोट देने की अपील की गई है। यह पत्र AIMPLB के अध्यक्ष खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने लिखा है।

