
स्टैंड-अप कॉमेडियन Kunal Kamra, जो अक्सर अपने राजनीतिक व्यंग्य और विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं, इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लेकर सुर्खियों में हैं। कामरा ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक व्यंग्यात्मक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने गाने के माध्यम से वित्त मंत्री पर तंज कसा है। वीडियो में उन्होंने सरकार की नीतियों और देश में बढ़ती महंगाई को लेकर सवाल उठाए हैं।
वीडियो में कामरा ने क्या कहा?
करीब डेढ़ मिनट के वीडियो में कामरा ने व्यंग्य करते हुए कहा, “आपका टैक्स का पैसा बर्बाद हो रहा है। सरकार इन सड़कों को बर्बाद करने आई है। उनके दिमाग में सिर्फ मेट्रो है। वे पुल तोड़ने और ट्रैफिक बढ़ाने आए हैं। इसे तानाशाही कहते हैं।”

कामरा ने आगे गाया, “देश में सरकार के साथ इतनी महंगाई है। साड़ी पहनने वाली बहन लोगों की कमाई लूटने आई है। सैलरी चुराने आई है। मिडिल क्लास को दबाने आई है। पॉपकॉर्न खिलाने आई है। इसे कहते हैं निर्मला ताई।”

Kunal Kamra का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
Kunal Kamra का यह वीडियो यूट्यूब और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों ने उनकी इस प्रस्तुति को सरकार की नीतियों पर करारा व्यंग्य बताया, तो कुछ ने इसे अनावश्यक और अपमानजनक करार दिया।
ईकनाथ शिंदे को भी कहा था गद्दार
यह पहली बार नहीं है जब कुणाल कामरा ने किसी नेता पर निशाना साधा हो। इससे पहले उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भी अपने व्यंग्य का निशाना बनाया था। मुंबई के खार स्थित यूनिकॉन्टिनेंटल होटल के हैबिटैट स्टूडियो में हुए एक शो के दौरान कामरा ने बॉलीवुड फिल्म दिल तो पागल है के गाने की पैरोडी बनाकर शिंदे को गद्दार कहा था।
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने किया था विरोध प्रदर्शन
कामरा की इस प्रस्तुति के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं ने स्टूडियो में तोड़फोड़ की थी। इसके बाद मामला और गरमा गया था।
शिंदे का जवाब – बोलने की भी मर्यादा होनी चाहिए
कामरा की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा था कि हर बात की एक सीमा होती है। उन्होंने कहा, “हम व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन किसी के खिलाफ बोलते समय शिष्टाचार बनाए रखना चाहिए। नहीं तो फिर प्रतिक्रिया स्वाभाविक है।”
शिंदे ने कहा, “मैं इस बात पर ध्यान नहीं देता कि कौन क्या कहता है। हमारा काम हमारे लिए बोलता है। हम आलोचनाओं से डरते नहीं हैं, लेकिन व्यक्तिगत हमलों का विरोध करते हैं।”
वित्त मंत्री के खिलाफ इस तरह का व्यंग्य सही है या नहीं?
कुणाल कामरा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया है। कुछ लोगों का कहना है कि राजनीतिक व्यंग्य लोकतंत्र का हिस्सा है और कलाकारों को अपनी बात कहने की आजादी होनी चाहिए। वहीं, कुछ लोग इसे असंवेदनशील और अपमानजनक मान रहे हैं।
महंगाई और टैक्स नीतियों पर सवाल
वीडियो में कामरा ने सरकार की टैक्स नीतियों और महंगाई पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि सरकार मिडिल क्लास को दबा रही है और टैक्स का पैसा व्यर्थ जा रहा है।
राजनीतिक व्यंग्य में कितनी मर्यादा होनी चाहिए?
कामरा जैसे कलाकार अक्सर राजनीतिक व्यंग्य के जरिए सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हैं। हालांकि, कई बार यह व्यंग्य व्यक्तिगत हमले में बदल जाता है, जिससे विवाद बढ़ जाता है।
कुणाल कामरा का वीडियो एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर तंज कसते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इस वीडियो को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ लोग इसे सरकार के खिलाफ एक सटीक व्यंग्य मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे व्यक्तिगत हमले के रूप में देख रहे हैं।

