Tuesday, October 13, 2026
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National

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भव्य रामलीला एवं दशहरा महोत्सव 2026: श्री धार्मिक रामलीला मंचन 11 अक्टूबर 2026 से 20 अक्टूबर 2026 तक शायं 7 बजे

मुख्यतिथि:- आज के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी जी रहे हैं

13 अक्टूबर 2026 मंचन- रावण दरबार, प्रभु श्री राम जन्मोत्सव, माता जानकी जन्मोत्सव

परम श्रद्धेय परम पूज्य गोस्वामी सुशील जी महाराज जी के दिशा निर्देशन तथा हमारे युवा अध्यक्ष श्री आनंद भाटी जी के मार्गदर्शन में श्री धार्मिक रामलीला का भव्य मंचन

संस्था के अध्यक्ष श्री आनंद भाटी जी ने बताया कि आज प्रभु श्री राम के तीसरे दिन की लीला में जब तीनों लोकों में राक्षसों का अत्याचार शिखर पर पहुंच गया चारों तरफ देवता मनुष्य हर जीव जंतु दुख के कारण त्राहिमाम त्राहिमाम करने लगे जब बढ़े हुए पाप के कारण पृथ्वी भार उठाने में असमर्थ होने लगी तब सभी ऋषि मुनि देवताओं को लेकर ब्रह्मा जी की अगुवाई में भगवान विष्णु के पास सहायता की भिक्षा प्राप्त करने के लिए पहुंचे और स्तुति और अनेकों श्लोकों के माध्यम से भगवान विष्णु की आराधना करने लगे तब भगवान विष्णु प्रकट होकर पृथ्वी के साथ सभी मनुष्य देवताओं जीव जंतुओं को यह आश्वासन दिए कि वह बहुत ही शीघ्र पृथ्वी पर अवतार धारण करेंगे और इन सभी दुष्टों का नाश करके पूरी पृथ्वी को फिर से पाप मुक्त करेंगे अभय प्रदान करेगे असत्य पर सत्य की विजय होगी धर्म की पुनः स्थापना होगी
पृथ्वी पर अयोध्या में महाराज दशरथ अपने पुत्र होने की कामना लेकर कुलगुरु वशिष्ठ से मिलते हैं और उनके परामर्श पर शृंगी ऋषि से पुत्रेष्टि यज्ञ कराते हैं
फिर वह घड़ी आती है जब इस धरा धाम पर सरयू तट पर बसे अयोध्या नगरी में महाराज दशरथ के घर इस अनंत कोटि ब्रह्मांड के नायक प्रभु श्री राम का अवतरण होता है पूरी प्रकृति खुशी से झूम उठी वनस्पतियां वृक्ष लताएं सभी खुशी के कारण ऐसे स्वरूप धारण करते हैं जैसे पृथ्वी पर स्वर्ग उतर आया हो माता कौशल्या से प्रभु श्री राम की उत्पत्ति होती माता कैकेई से भैया भारत और माता सुमित्रा से भगवान लक्ष्मण और भगवान शत्रुघ्न इस धरा धाम पर अवतरित होते हैं ।
पूरा अयोध्या खुशी से झूम उठती है सभी देवी देवता अनंत अदृश्य शक्तियां मनुष्य ब्रह्मांड अलग अलग जीव जंतु का शरीर धारण कर कोई ना कोई स्वरुप बनकर भगवान श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या में उपस्थित होती हैं।
दूसरी तरफ जनकपुरी में दुख दरिद्रता और सूखा के कारण वहां की पूरी जनता बहुत दुखी और पीड़ित होती है पूरी जनकपुर की प्रजा महाराज जनक से प्रार्थना करती है कि इसका कोई समाधान निकालें। महाराज ऋषि मुनियों की सलाह से महारानी के साथ भुमि में हल चलाते हैं एक स्थान पर जाकर हल ठहर जाता है खुदाई करने पर वहां से एक लकड़ी की संदूक प्राप्त होती है जिसमें से एक दिव्य कन्या प्रकट होती है स्वयं माता लक्ष्मी जनकपुरी में जनक जी के घर उनकी पुत्री के रूप में अवतरित होती हैं ।
इन अद्भुत लीलाओं ने सभी दर्शकों का मन मोह लिया प्रभु श्री राम और माता जानकी के जन्मोत्सव में सभी दर्शक खुशी से झूम उठे प्रभु श्री राम और माता सीता के जयकारे से पूरा श्री धार्मिक रामलीला परिसर गूंज उठा।

यह सभी लीलाएं बड़ी ही मनमोहक रही सभी दर्शकों ने इन लीलाओं का अद्भुत आनंद लिया

*विशेष आकर्षण*
14 अक्टूबर ताड़का बध सीता स्वयंवर राम बारात, 15 अक्टूबर कैकई मंधरा संवाद राम बनवास चित्रकूट, 16 अक्टूबर ऋषि मिलन पंचवटी सुपर्णखा सीता हरण जटायु वध, 17 अक्टूबर राम भरत मिलाप सबरी, राम हनुमान मिलन किष्किंधा, बाली वध अशोक वाटिका, 18 अक्टूबर लंका दहन, सेतु निर्माण ,रावण और अंगद संवाद 19 अक्टूबर लक्ष्मण मेघनाथ, राम कुंभकरण रावण युद्ध
इस बार का दशहरा महोत्सव और रामलीला मंचन क्षेत्रवासियों के लिए अत्यधिक आनंददायक, यादगार और पीढ़ियों को संस्कारित करने वाला एक ऐतिहासिक आयोजन बनने जा रहा है।

इस मौके पर संस्था के संस्थापक गोस्वामी सुशील जी महाराज संस्थापक श्री राजकुमार नागर श्री प्रदीप शर्मा श्री शेर सिंह भाटी श्री हरवीर मावी मुख्य संरक्षक श्री नरेश गुप्ता संरक्षक श्री सुशील नागर श्री धीरेंद्र भाटी श्री धीरज शर्मा श्री बालकिशन सफीपुर श्री दिनेश गुप्ता श्री पवन नागर श्री मनोज गुप्ता श्री सतीश भाटी अध्यक्ष श्री आनंद भाटी महासचिव श्रीमती ममता तिवारी कोषाध्यक्ष श्री अजय नागर वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री महेश शर्मा बदौली श्री उमेश गौतम श्री सत्यवीर मुखिया श्रीमती रोशनी सिंह श्री महेश कमांडो श्री चैन पाल प्रधान श्री जितेंद्र भाटी श्री सुभाष भाटी श्री मनीष डाबर मीडिया प्रभारी श्री अतुल आनंद उपाध्यक्ष श्री फिरे प्रधान श्री पी पी शर्मा श्री श्याम सुंदर फौजी श्री यशपाल नागर सचिव श्रीमती ज्योति सिंह श्रीमती गीता शागर श्री राकेश भाटी श्री भगवत भाटी श्री तेज कुमार भाटी श्री सुंदर भाटी श्री पवन भाटी श्री वीरपाल मावी श्री जय शर्मा उपस्थित रहे हैं।

International

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भव्य रामलीला एवं दशहरा महोत्सव 2026: श्री धार्मिक रामलीला मंचन 11 अक्टूबर 2026 से 20 अक्टूबर 2026 तक शायं 7 बजे

मुख्यतिथि:- आज के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी जी रहे हैं

13 अक्टूबर 2026 मंचन- रावण दरबार, प्रभु श्री राम जन्मोत्सव, माता जानकी जन्मोत्सव

परम श्रद्धेय परम पूज्य गोस्वामी सुशील जी महाराज जी के दिशा निर्देशन तथा हमारे युवा अध्यक्ष श्री आनंद भाटी जी के मार्गदर्शन में श्री धार्मिक रामलीला का भव्य मंचन

संस्था के अध्यक्ष श्री आनंद भाटी जी ने बताया कि आज प्रभु श्री राम के तीसरे दिन की लीला में जब तीनों लोकों में राक्षसों का अत्याचार शिखर पर पहुंच गया चारों तरफ देवता मनुष्य हर जीव जंतु दुख के कारण त्राहिमाम त्राहिमाम करने लगे जब बढ़े हुए पाप के कारण पृथ्वी भार उठाने में असमर्थ होने लगी तब सभी ऋषि मुनि देवताओं को लेकर ब्रह्मा जी की अगुवाई में भगवान विष्णु के पास सहायता की भिक्षा प्राप्त करने के लिए पहुंचे और स्तुति और अनेकों श्लोकों के माध्यम से भगवान विष्णु की आराधना करने लगे तब भगवान विष्णु प्रकट होकर पृथ्वी के साथ सभी मनुष्य देवताओं जीव जंतुओं को यह आश्वासन दिए कि वह बहुत ही शीघ्र पृथ्वी पर अवतार धारण करेंगे और इन सभी दुष्टों का नाश करके पूरी पृथ्वी को फिर से पाप मुक्त करेंगे अभय प्रदान करेगे असत्य पर सत्य की विजय होगी धर्म की पुनः स्थापना होगी
पृथ्वी पर अयोध्या में महाराज दशरथ अपने पुत्र होने की कामना लेकर कुलगुरु वशिष्ठ से मिलते हैं और उनके परामर्श पर शृंगी ऋषि से पुत्रेष्टि यज्ञ कराते हैं
फिर वह घड़ी आती है जब इस धरा धाम पर सरयू तट पर बसे अयोध्या नगरी में महाराज दशरथ के घर इस अनंत कोटि ब्रह्मांड के नायक प्रभु श्री राम का अवतरण होता है पूरी प्रकृति खुशी से झूम उठी वनस्पतियां वृक्ष लताएं सभी खुशी के कारण ऐसे स्वरूप धारण करते हैं जैसे पृथ्वी पर स्वर्ग उतर आया हो माता कौशल्या से प्रभु श्री राम की उत्पत्ति होती माता कैकेई से भैया भारत और माता सुमित्रा से भगवान लक्ष्मण और भगवान शत्रुघ्न इस धरा धाम पर अवतरित होते हैं ।
पूरा अयोध्या खुशी से झूम उठती है सभी देवी देवता अनंत अदृश्य शक्तियां मनुष्य ब्रह्मांड अलग अलग जीव जंतु का शरीर धारण कर कोई ना कोई स्वरुप बनकर भगवान श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या में उपस्थित होती हैं।
दूसरी तरफ जनकपुरी में दुख दरिद्रता और सूखा के कारण वहां की पूरी जनता बहुत दुखी और पीड़ित होती है पूरी जनकपुर की प्रजा महाराज जनक से प्रार्थना करती है कि इसका कोई समाधान निकालें। महाराज ऋषि मुनियों की सलाह से महारानी के साथ भुमि में हल चलाते हैं एक स्थान पर जाकर हल ठहर जाता है खुदाई करने पर वहां से एक लकड़ी की संदूक प्राप्त होती है जिसमें से एक दिव्य कन्या प्रकट होती है स्वयं माता लक्ष्मी जनकपुरी में जनक जी के घर उनकी पुत्री के रूप में अवतरित होती हैं ।
इन अद्भुत लीलाओं ने सभी दर्शकों का मन मोह लिया प्रभु श्री राम और माता जानकी के जन्मोत्सव में सभी दर्शक खुशी से झूम उठे प्रभु श्री राम और माता सीता के जयकारे से पूरा श्री धार्मिक रामलीला परिसर गूंज उठा।

यह सभी लीलाएं बड़ी ही मनमोहक रही सभी दर्शकों ने इन लीलाओं का अद्भुत आनंद लिया

*विशेष आकर्षण*
14 अक्टूबर ताड़का बध सीता स्वयंवर राम बारात, 15 अक्टूबर कैकई मंधरा संवाद राम बनवास चित्रकूट, 16 अक्टूबर ऋषि मिलन पंचवटी सुपर्णखा सीता हरण जटायु वध, 17 अक्टूबर राम भरत मिलाप सबरी, राम हनुमान मिलन किष्किंधा, बाली वध अशोक वाटिका, 18 अक्टूबर लंका दहन, सेतु निर्माण ,रावण और अंगद संवाद 19 अक्टूबर लक्ष्मण मेघनाथ, राम कुंभकरण रावण युद्ध
इस बार का दशहरा महोत्सव और रामलीला मंचन क्षेत्रवासियों के लिए अत्यधिक आनंददायक, यादगार और पीढ़ियों को संस्कारित करने वाला एक ऐतिहासिक आयोजन बनने जा रहा है।

इस मौके पर संस्था के संस्थापक गोस्वामी सुशील जी महाराज संस्थापक श्री राजकुमार नागर श्री प्रदीप शर्मा श्री शेर सिंह भाटी श्री हरवीर मावी मुख्य संरक्षक श्री नरेश गुप्ता संरक्षक श्री सुशील नागर श्री धीरेंद्र भाटी श्री धीरज शर्मा श्री बालकिशन सफीपुर श्री दिनेश गुप्ता श्री पवन नागर श्री मनोज गुप्ता श्री सतीश भाटी अध्यक्ष श्री आनंद भाटी महासचिव श्रीमती ममता तिवारी कोषाध्यक्ष श्री अजय नागर वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री महेश शर्मा बदौली श्री उमेश गौतम श्री सत्यवीर मुखिया श्रीमती रोशनी सिंह श्री महेश कमांडो श्री चैन पाल प्रधान श्री जितेंद्र भाटी श्री सुभाष भाटी श्री मनीष डाबर मीडिया प्रभारी श्री अतुल आनंद उपाध्यक्ष श्री फिरे प्रधान श्री पी पी शर्मा श्री श्याम सुंदर फौजी श्री यशपाल नागर सचिव श्रीमती ज्योति सिंह श्रीमती गीता शागर श्री राकेश भाटी श्री भगवत भाटी श्री तेज कुमार भाटी श्री सुंदर भाटी श्री पवन भाटी श्री वीरपाल मावी श्री जय शर्मा उपस्थित रहे हैं।

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