Monday, October 19, 2026
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ग्रेटर नोएडा: लंका पर चढ़ाई से गूंजा रामलीला मैदान, लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध के मंचन ने बांधा समां

डॉ. महेश शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ, भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने का दिया संदेश

20 अक्टूबर को होगा रावण दहन, 70 फीट ऊंचे रावण और 65-65 फीट के कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का होगा दहन

ग्रेटर नोएडा, 19 अक्टूबर। साइट-4 स्थित रामलीला मैदान में श्री रामलीला कमेटी, ग्रेटर नोएडा की ओर से आयोजित विजय महोत्सव 2026 में सोमवार को लंका पर चढ़ाई, लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध के रोमांचक मंचन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामलीला के दौरान विभीषण आगमन, सेतु बंधन और अंगद-रावण संवाद जैसे महत्वपूर्ण प्रसंग भी प्रस्तुत किए गए। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय, संवाद और युद्ध के दृश्यों ने रामलीला मैदान में उत्साह का माहौल बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा और भाजपा उत्तर प्रदेश पिछड़ा मोर्चा के महामंत्री प्रणीत भाटी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर अतिथियों ने भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण भी किया।

डॉ. महेश शर्मा ने रामलीला कमेटी को दी शुभकामनाएं

मुख्य अतिथि डॉ. महेश शर्मा ने श्री रामलीला कमेटी को पिछले 21 वर्षों से रामलीला का मंचन कराने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को मजबूत करने और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए।

उन्होंने लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। साथ ही कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों और बुरी आदतों को छोड़कर सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन को अच्छे कार्यों में लगाने का प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम में एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय महामंत्री पवन खटाना, राजीव मलिक, भारत सरकार के पूर्व महानिदेशक डॉ. शीतला प्रसाद, प्रायोजक विकास गर्ग (विक्की), मनवीर भाटी, गौरव गोयल, एनसी शर्मा, आरके सिंह, जितेंद्र चौहान और करमवीर मंडार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

विभीषण आगमन और सेतु बंधन ने दिखाया धर्म का मार्ग

कमेटी के महासचिव बिजेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि सोमवार की रामलीला में रामायण के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया। इनमें विभीषण आगमन, सेतु बंधन, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध प्रमुख रहे।

विभीषण आगमन के प्रसंग में दिखाया गया कि रावण की नीतियों से असहमत होकर विभीषण भगवान श्रीराम की शरण में पहुंचते हैं। यह प्रसंग सत्य, न्याय और धर्म के पक्ष में खड़े होने का संदेश देता है। इसके बाद वानर सेना द्वारा समुद्र पर सेतु निर्माण और लंका की ओर प्रस्थान का दृश्य प्रस्तुत किया गया।

अंगद-रावण संवाद में अंगद ने रावण को समझाने का प्रयास किया, लेकिन रावण अपने अहंकार के कारण उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुआ। इस प्रसंग ने दर्शकों को यह संदेश दिया कि अहंकार व्यक्ति को सही निर्णय लेने से रोकता है और अंततः उसके पतन का कारण बन सकता है।

लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध के दृश्यों ने बांधा समां

रामलीला के दौरान लक्ष्मण शक्ति का प्रसंग दर्शकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। इसके बाद कुंभकर्ण वध के मंचन ने युद्ध के दृश्यों को और रोमांचक बना दिया। कलाकारों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से रामायण के इन प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कमेटी के कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि इन प्रसंगों के माध्यम से धर्म और अधर्म के बीच संघर्ष को दर्शाया गया। वहीं, संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने कहा कि रामलीला भगवान श्रीराम की मर्यादा, विभीषण की सत्यनिष्ठा और रामसेना के साहस को सामने लाती है।

उन्होंने बताया कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को नैतिक मूल्यों और अच्छे आचरण की प्रेरणा देने का माध्यम भी है। इसके प्रसंग लोगों को सत्य, धैर्य, साहस और न्याय के रास्ते पर चलने का संदेश देते हैं।

20 अक्टूबर को होगा रावण दहन, तीन विशाल पुतले रहेंगे आकर्षण

कमेटी के मीडिया प्रभारी विनोद कसाना के अनुसार, मंगलवार, 20 अक्टूबर को रामलीला में मेघनाद वध, सुलोचना विलाप, अहिरावण वध और रावण वध के प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इन प्रसंगों के साथ रामलीला का युद्ध निर्णायक चरण में पहुंचेगा।

दशहरे के अवसर पर रात 9 बजे रावण दहन का आयोजन होगा। इस दौरान 70 फीट ऊंचे रावण और 65-65 फीट ऊंचे कुंभकर्ण तथा मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। आयोजन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। कमेटी ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामलीला और दशहरा महोत्सव में भाग लेने की अपील की है। दर्शकों से समय पर पहुंचने का अनुरोध किया गया है, ताकि वे सुविधाजनक स्थान पर बैठकर कार्यक्रम देख सकें।

कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद

इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह, महासचिव बिजेंद्र सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग, संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल और मीडिया प्रभारी विनोद कसाना सहित ओमप्रकाश अग्रवाल, धर्मपाल भाटी, हरेन्द्र भाटी, कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, केके शर्मा, मुकुल गोयल, सुभाष चंदेल, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, श्यामवीर भाटी, मनोज यादव, अनिल कसाना, सुनील प्रधान, अनुज उपाध्याय, अतुल जैन, अरुण गुप्ता, अंकुर गर्ग, विशाल जैन, उमंग, दीपक, विकास आर्य, रिंकू आर्य और प्रमोद मास्टर सहित कमेटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

साइट-4 में आयोजित विजय महोत्सव के अंतिम चरण में 20 अक्टूबर को होने वाला रावण दहन दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहेगा। रामलीला के माध्यम से लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और जीवन में सत्य तथा सदाचार का मार्ग चुनने का संदेश दिया जा रहा है।

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डॉ. महेश शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ, भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने का दिया संदेश

20 अक्टूबर को होगा रावण दहन, 70 फीट ऊंचे रावण और 65-65 फीट के कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का होगा दहन

ग्रेटर नोएडा, 19 अक्टूबर। साइट-4 स्थित रामलीला मैदान में श्री रामलीला कमेटी, ग्रेटर नोएडा की ओर से आयोजित विजय महोत्सव 2026 में सोमवार को लंका पर चढ़ाई, लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध के रोमांचक मंचन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामलीला के दौरान विभीषण आगमन, सेतु बंधन और अंगद-रावण संवाद जैसे महत्वपूर्ण प्रसंग भी प्रस्तुत किए गए। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय, संवाद और युद्ध के दृश्यों ने रामलीला मैदान में उत्साह का माहौल बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा और भाजपा उत्तर प्रदेश पिछड़ा मोर्चा के महामंत्री प्रणीत भाटी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर अतिथियों ने भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण भी किया।

डॉ. महेश शर्मा ने रामलीला कमेटी को दी शुभकामनाएं

मुख्य अतिथि डॉ. महेश शर्मा ने श्री रामलीला कमेटी को पिछले 21 वर्षों से रामलीला का मंचन कराने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को मजबूत करने और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए।

उन्होंने लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। साथ ही कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों और बुरी आदतों को छोड़कर सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन को अच्छे कार्यों में लगाने का प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम में एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय महामंत्री पवन खटाना, राजीव मलिक, भारत सरकार के पूर्व महानिदेशक डॉ. शीतला प्रसाद, प्रायोजक विकास गर्ग (विक्की), मनवीर भाटी, गौरव गोयल, एनसी शर्मा, आरके सिंह, जितेंद्र चौहान और करमवीर मंडार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

विभीषण आगमन और सेतु बंधन ने दिखाया धर्म का मार्ग

कमेटी के महासचिव बिजेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि सोमवार की रामलीला में रामायण के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया। इनमें विभीषण आगमन, सेतु बंधन, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध प्रमुख रहे।

विभीषण आगमन के प्रसंग में दिखाया गया कि रावण की नीतियों से असहमत होकर विभीषण भगवान श्रीराम की शरण में पहुंचते हैं। यह प्रसंग सत्य, न्याय और धर्म के पक्ष में खड़े होने का संदेश देता है। इसके बाद वानर सेना द्वारा समुद्र पर सेतु निर्माण और लंका की ओर प्रस्थान का दृश्य प्रस्तुत किया गया।

अंगद-रावण संवाद में अंगद ने रावण को समझाने का प्रयास किया, लेकिन रावण अपने अहंकार के कारण उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुआ। इस प्रसंग ने दर्शकों को यह संदेश दिया कि अहंकार व्यक्ति को सही निर्णय लेने से रोकता है और अंततः उसके पतन का कारण बन सकता है।

लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध के दृश्यों ने बांधा समां

रामलीला के दौरान लक्ष्मण शक्ति का प्रसंग दर्शकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। इसके बाद कुंभकर्ण वध के मंचन ने युद्ध के दृश्यों को और रोमांचक बना दिया। कलाकारों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से रामायण के इन प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कमेटी के कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि इन प्रसंगों के माध्यम से धर्म और अधर्म के बीच संघर्ष को दर्शाया गया। वहीं, संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने कहा कि रामलीला भगवान श्रीराम की मर्यादा, विभीषण की सत्यनिष्ठा और रामसेना के साहस को सामने लाती है।

उन्होंने बताया कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को नैतिक मूल्यों और अच्छे आचरण की प्रेरणा देने का माध्यम भी है। इसके प्रसंग लोगों को सत्य, धैर्य, साहस और न्याय के रास्ते पर चलने का संदेश देते हैं।

20 अक्टूबर को होगा रावण दहन, तीन विशाल पुतले रहेंगे आकर्षण

कमेटी के मीडिया प्रभारी विनोद कसाना के अनुसार, मंगलवार, 20 अक्टूबर को रामलीला में मेघनाद वध, सुलोचना विलाप, अहिरावण वध और रावण वध के प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इन प्रसंगों के साथ रामलीला का युद्ध निर्णायक चरण में पहुंचेगा।

दशहरे के अवसर पर रात 9 बजे रावण दहन का आयोजन होगा। इस दौरान 70 फीट ऊंचे रावण और 65-65 फीट ऊंचे कुंभकर्ण तथा मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। आयोजन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। कमेटी ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामलीला और दशहरा महोत्सव में भाग लेने की अपील की है। दर्शकों से समय पर पहुंचने का अनुरोध किया गया है, ताकि वे सुविधाजनक स्थान पर बैठकर कार्यक्रम देख सकें।

कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद

इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह, महासचिव बिजेंद्र सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग, संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल और मीडिया प्रभारी विनोद कसाना सहित ओमप्रकाश अग्रवाल, धर्मपाल भाटी, हरेन्द्र भाटी, कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, केके शर्मा, मुकुल गोयल, सुभाष चंदेल, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, श्यामवीर भाटी, मनोज यादव, अनिल कसाना, सुनील प्रधान, अनुज उपाध्याय, अतुल जैन, अरुण गुप्ता, अंकुर गर्ग, विशाल जैन, उमंग, दीपक, विकास आर्य, रिंकू आर्य और प्रमोद मास्टर सहित कमेटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

साइट-4 में आयोजित विजय महोत्सव के अंतिम चरण में 20 अक्टूबर को होने वाला रावण दहन दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहेगा। रामलीला के माध्यम से लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और जीवन में सत्य तथा सदाचार का मार्ग चुनने का संदेश दिया जा रहा है।

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