Monday, November 2, 2026
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ग्रेटर नोएडा के 44 गांवों के किसानों का बड़ा ऐलान, 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना और परी चौक पर चक्का जाम

15 नवंबर तक 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्लॉट की मांग पूरी करने का अल्टीमेटम

पाली गांव में 600 किसानों की महापंचायत, आंदोलन तेज करने पर बनी सहमति

ग्रेटर नोएडा में चार प्रतिशत अतिरिक्त प्लॉट की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। रविवार को गांव पाली में 44 गांवों के किसानों की महापंचायत आयोजित हुई। इसमें करीब 600 किसानों ने हिस्सा लिया। महापंचायत में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि यदि 15 नवंबर तक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने उनकी मांग पूरी नहीं की तो 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही परी चौक पर चक्का जाम करने का भी ऐलान किया गया।

मुख्य बिंदु

  • 44 गांवों के करीब 600 किसान महापंचायत में शामिल हुए।
  • 15 नवंबर तक 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्लॉट देने की मांग।
  • 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का फैसला।
  • परी चौक पर चक्का जाम करने की चेतावनी।
  • किसानों का कहना है कि वे करीब 20 वर्षों से मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

20 साल से अतिरिक्त प्लॉट के लिए संघर्ष कर रहे किसान

महापंचायत में किसानों ने कहा कि चार प्रतिशत अतिरिक्त प्लॉट की मांग को लेकर उनका संघर्ष करीब दो दशक से जारी है। इस दौरान कई बार आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किए गए। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर गिरफ्तारियां भी दी हैं। इसके बावजूद अब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बाद उन्हें मिलने वाले अधिकारों और अतिरिक्त आवासीय भूखंडों का मामला लंबे समय से लंबित है। इसलिए अब वे अपनी मांग को लेकर निर्णायक आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

22 अक्टूबर को प्राधिकरण घेराव से पहले हिरासत में लिए गए थे किसान

किसानों ने महापंचायत में 22 अक्टूबर की घटना का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, उस दिन किसान अपनी मांगों को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का घेराव करने जा रहे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही हिरासत में लेकर रोक दिया था।

किसानों का आरोप है कि बार-बार आंदोलन करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी वजह से अब महापंचायत में आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया गया है।

प्राधिकरण और प्रशासन को 15 नवंबर तक का समय

महापंचायत में किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि 15 नवंबर तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। यदि निर्धारित समय तक समाधान नहीं हुआ तो 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा।

इसके साथ ही परी चौक पर चक्का जाम करने की भी घोषणा की गई है। परी चौक ग्रेटर नोएडा का प्रमुख यातायात केंद्र है। यहां जाम की स्थिति बनने पर नोएडा और दिल्ली की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

किसानों ने एकजुट होकर कहा कि चार प्रतिशत अतिरिक्त प्लॉट की मांग पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

महापंचायत में ये किसान और गणमान्य लोग रहे मौजूद

गांव पाली में आयोजित महापंचायत में बाबा संतराम, बीडीसी मुखिया, रूपा भाटी, रघुराज भाटी, ब्रह्मपाल प्रधान और भीम सिंह सहित क्षेत्र के अनेक किसान एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

महापंचायत में शामिल किसानों ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया। अब सभी की नजर 15 नवंबर तक प्राधिकरण के रुख और किसानों की मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर रहेगी।

International

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ग्रेटर नोएडा के 44 गांवों के किसानों का बड़ा ऐलान, 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना और परी चौक पर चक्का जाम

15 नवंबर तक 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्लॉट की मांग पूरी करने का अल्टीमेटम

पाली गांव में 600 किसानों की महापंचायत, आंदोलन तेज करने पर बनी सहमति

ग्रेटर नोएडा में चार प्रतिशत अतिरिक्त प्लॉट की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। रविवार को गांव पाली में 44 गांवों के किसानों की महापंचायत आयोजित हुई। इसमें करीब 600 किसानों ने हिस्सा लिया। महापंचायत में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि यदि 15 नवंबर तक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने उनकी मांग पूरी नहीं की तो 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही परी चौक पर चक्का जाम करने का भी ऐलान किया गया।

मुख्य बिंदु

  • 44 गांवों के करीब 600 किसान महापंचायत में शामिल हुए।
  • 15 नवंबर तक 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्लॉट देने की मांग।
  • 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का फैसला।
  • परी चौक पर चक्का जाम करने की चेतावनी।
  • किसानों का कहना है कि वे करीब 20 वर्षों से मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

20 साल से अतिरिक्त प्लॉट के लिए संघर्ष कर रहे किसान

महापंचायत में किसानों ने कहा कि चार प्रतिशत अतिरिक्त प्लॉट की मांग को लेकर उनका संघर्ष करीब दो दशक से जारी है। इस दौरान कई बार आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किए गए। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर गिरफ्तारियां भी दी हैं। इसके बावजूद अब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बाद उन्हें मिलने वाले अधिकारों और अतिरिक्त आवासीय भूखंडों का मामला लंबे समय से लंबित है। इसलिए अब वे अपनी मांग को लेकर निर्णायक आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

22 अक्टूबर को प्राधिकरण घेराव से पहले हिरासत में लिए गए थे किसान

किसानों ने महापंचायत में 22 अक्टूबर की घटना का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, उस दिन किसान अपनी मांगों को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का घेराव करने जा रहे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही हिरासत में लेकर रोक दिया था।

किसानों का आरोप है कि बार-बार आंदोलन करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी वजह से अब महापंचायत में आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया गया है।

प्राधिकरण और प्रशासन को 15 नवंबर तक का समय

महापंचायत में किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि 15 नवंबर तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। यदि निर्धारित समय तक समाधान नहीं हुआ तो 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा।

इसके साथ ही परी चौक पर चक्का जाम करने की भी घोषणा की गई है। परी चौक ग्रेटर नोएडा का प्रमुख यातायात केंद्र है। यहां जाम की स्थिति बनने पर नोएडा और दिल्ली की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

किसानों ने एकजुट होकर कहा कि चार प्रतिशत अतिरिक्त प्लॉट की मांग पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

महापंचायत में ये किसान और गणमान्य लोग रहे मौजूद

गांव पाली में आयोजित महापंचायत में बाबा संतराम, बीडीसी मुखिया, रूपा भाटी, रघुराज भाटी, ब्रह्मपाल प्रधान और भीम सिंह सहित क्षेत्र के अनेक किसान एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

महापंचायत में शामिल किसानों ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया। अब सभी की नजर 15 नवंबर तक प्राधिकरण के रुख और किसानों की मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर रहेगी।

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