फर्जी एडमिशन कंसल्टेंसी बनाकर छात्रों और अभिभावकों को बनाया निशाना
फर्जी एडमिशन लेटर और फीस रसीद देकर वसूली रकम
लखनऊ, 30 अगस्त 2026। लखनऊ में BITS Pilani के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में दाखिला दिलाने का झांसा देकर एक गिरोह ने कथित तौर पर लाखों रुपये की ठगी की। साइबर क्राइम पुलिस ने मामले में 21 वर्षीय यशराज बाजपेई को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी के जरिए छात्रों और अभिभावकों को निशाना बनाता था। मामले में कुल ₹46 लाख की धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई है।
BITS Pilani के नाम पर बनाया भरोसा
पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों का प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों को भरोसे में लेता था। सोशल मीडिया पर फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी की आईडी और प्रोफाइल तैयार की गई थीं। इनके जरिए छात्रों को प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में दाखिला दिलाने का दावा किया जाता था।
फर्जी दस्तावेजों से बढ़ाया विश्वास
आरोप है कि ठगी को अंजाम देने के लिए फर्जी एडमिशन लेटर, फीस रसीद और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार किए जाते थे। इसके बाद एडमिशन फीस और रजिस्ट्रेशन के नाम पर पीड़ितों से ऑनलाइन और नकद भुगतान कराया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों और फर्जी नामों का इस्तेमाल कर पीड़ितों के संपर्क में रहता था। ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों और अन्य माध्यमों से ट्रांसफर किए जाने की बात भी सामने आई है।
₹46 लाख की ठगी का मामला दर्ज
मामले में साइबर क्राइम थाने में ₹46 लाख की साइबर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद यशराज बाजपेई को गिरफ्तार किया गया।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी को लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उस समय पकड़ा गया, जब वह शहर से बाहर जाने की फिराक में था।
आरोपी के पास से नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹40,225 नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा एक Apple MacBook Pro लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, पांच डेबिट/एटीएम कार्ड और दो सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। इससे ठगी के नेटवर्क और संभावित अन्य पीड़ितों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
फर्जी कंसल्टेंसी के जरिए चलाया जा रहा था नेटवर्क
पूछताछ में पुलिस को कथित फर्जी एडमिशन कंसल्टेंसी चलाने के तरीके की जानकारी मिली है। आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों तक पहुंच बनाई जाती थी। इसके बाद प्रतिष्ठित कॉलेजों में सीट दिलाने का लालच देकर रकम मांगी जाती थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। साथ ही, अन्य पीड़ितों से हुई संभावित ठगी की भी जांच की जा रही है।
BITS Pilani ने भी फर्जी एडमिशन ऑफर से किया है सावधान
इस मामले के बीच छात्रों और अभिभावकों के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। BITS Pilani की आधिकारिक एडमिशन वेबसाइट पर भी फर्जी कॉल, ईमेल, SMS और सोशल मीडिया संदेशों के जरिए सीधे दाखिले का दावा करने वालों से सावधान रहने की चेतावनी दी गई है। संस्थान के अनुसार कोई व्यक्ति या एजेंसी पैसे लेकर दाखिला दिलाने की गारंटी देने के लिए अधिकृत नहीं है।
एडमिशन से पहले ऐसे करें आधिकारिक सत्यापन
छात्रों और अभिभावकों को किसी भी एजेंट या सोशल मीडिया अकाउंट के भरोसे एडमिशन फीस जमा नहीं करनी चाहिए। BITS Pilani के लिए एडमिशन से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक पोर्टल से ही जांचनी चाहिए।
BITS Pilani का आधिकारिक Admission Portal
आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट किया गया है कि सीधे दाखिले के नाम पर किए जाने वाले फर्जी दावों से सावधान रहें। किसी संदिग्ध व्यक्ति या एजेंसी द्वारा भुगतान की मांग किए जाने पर पहले संबंधित संस्थान से सीधे संपर्क करना चाहिए।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एडमिशन के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति, एजेंसी या सोशल मीडिया प्रोफाइल को भुगतान करने से पहले संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट से पूरी जानकारी सत्यापित करें।
पुलिस की जांच में अब यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के साथ कितने अन्य लोग जुड़े हैं और इस नेटवर्क ने कितने छात्रों या अभिभावकों को निशाना बनाया। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।


