गाजियाबाद जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में हर घर से कूड़ा उठाने की नई व्यवस्था लागू की जाएगी। जिले की कुल 142 ग्राम पंचायतों में से फिलहाल केवल 20 ग्राम पंचायतों में यह सेवा उपलब्ध है। बाकी 122 ग्राम पंचायतों में भी जल्द ही हर घर से कूड़ा उठाने का काम शुरू किया जाएगा। इस सेवा के लिए प्रत्येक घर से 40 से 50 रुपये तक का शुल्क लिया जाएगा। इससे ग्राम पंचायतों की सफाई और स्वच्छता में सुधार होगा और कूड़ा-करकट की समस्या से निजात मिलेगी।
ग्राम पंचायतों में फैली गंदगी और उससे होने वाली समस्याएं
ग्राम पंचायतों में अक्सर सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, जिससे लोगों को बदबू की समस्या का सामना करना पड़ता है। गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। विकास कार्य होने के बावजूद अगर सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं होगी तो इसका असर गांव की छवि पर पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायतों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्र भी साफ-सुथरे और स्वास्थ्यकर बने रहें।
नई व्यवस्था लागू करने के लिए तैयारियां तेज
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने हर घर से कूड़ा उठाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस संदर्भ में ग्राम पंचायतों के प्रधानों और पंचायत सचिवों के साथ बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें इस योजना को सफल बनाने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा होगी। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए स्थानीय स्तर पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा ताकि वे इस पहल में सहयोग करें और अपने क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
ग्रामीण जागरूकता और सहयोग की जरूरत
नई सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीणों का सहयोग बहुत जरूरी है। इसलिए ग्राम पंचायतों में चौपालें और सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व और कूड़ा प्रबंधन के सही तरीकों के बारे में जागरूक किया जाएगा। जागरूकता अभियान से यह उम्मीद की जा रही है कि लोग अपने घरों से कूड़ा बाहर न फेंकें और कूड़ा संग्रहण सेवा का सही तरीके से उपयोग करें। इससे गांव की समग्र स्वच्छता में सुधार होगा।
स्वच्छता से जुड़े सकारात्मक प्रभाव और भविष्य की दिशा
गाजियाबाद की ग्राम पंचायतों में यह नई व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों की स्वच्छता के लिए एक बड़ा कदम साबित होगी। इससे न केवल ग्रामीणों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि पर्यावरण भी साफ-सुथरा रहेगा। कूड़ा उठाने के लिए निर्धारित शुल्क से यह सेवा नियमित और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगी। जिला प्रशासन इस योजना को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है ताकि गाजियाबाद के ग्रामीण क्षेत्र भी आधुनिक और स्वस्थ जीवन शैली की ओर बढ़ सकें।



