61वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला 2026: तीसरे दिन भी कारोबार पूरे जोश में
61वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026, जो 14 से 18 फरवरी 2026 तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित हो रहा है, अपने तीसरे दिन भी जबरदस्त ऊर्जा और व्यावसायिक गतिविधियों से भरा रहा। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा आयोजित इस वैश्विक सोर्सिंग प्लेटफॉर्म पर खरीदार–प्रदर्शक बैठकों, प्रोडक्ट प्रेज़ेंटेशन और ज्ञानवर्धक सेमिनारों ने प्रतिभागियों को व्यस्त बनाए रखा।
मेले में 3000 से अधिक प्रदर्शक, 900 स्थायी शोरूम, थीम आधारित प्रेज़ेंटेशन्स और सहायक व्यवस्थाएं मिलकर इसे होम, लाइफस्टाइल, फर्नीचर, फैशन और हस्तशिल्प उत्पादों के लिए एक व्यापक और प्रभावी अंतरराष्ट्रीय मंच बना रही हैं।
ईपीसीएच–एक्सपो बाज़ार–टीआईसीए सहयोग पर विशेष सत्र
तीसरे दिन ईपीसीएच ने निर्यातकों और उद्योग हितधारकों के लिए एक विशेष सत्र आयोजित किया, जिसमें ईपीसीएच–एक्सपो बाज़ार–टीआईसीए के रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई। इस पहल का उद्देश्य वेयरहाउसिंग, फुलफिलमेंट और जस्ट-इन-टाइम डिलीवरी मॉडल के ज़रिये यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में भारतीय हस्तशिल्प को और मज़बूत बनाना है।
भारत-ईयू व्यापार ढांचे में हो रहे सकारात्मक बदलाव और टैरिफ रैशनलाइज़ेशन को देखते हुए इस सहयोग को समयानुकूल और भविष्य-उन्मुख बताया गया।
ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि यह साझेदारी भारतीय निर्यातकों को प्रत्यक्ष वैश्विक पहुंच और बेहतर मूल्य प्राप्ति में सक्षम बनाएगी। वहीं ईपीसीएच के मुख्य संरक्षक एवं आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने टीआईसीए के ‘कैश-एंड-कैरी’ और ‘प्रोजेक्ट’ बिज़नेस मॉडल की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि बदलती खरीदार अपेक्षाओं के अनुरूप ऐसे मॉडल कैसे लीड-टाइम घटाने और लाभप्रदता बढ़ाने में मदद करते हैं।
यूरोप और अमेरिका में दीर्घकालिक साझेदारी पर ज़ोर
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने बताया कि टीआईसीए का प्रतिनिधिमंडल मेले में चयनित भारतीय निर्माताओं को अपने यूरोपीय प्लेटफॉर्म पर दीर्घकालिक साझेदारी के लिए ऑनबोर्ड करने पर फोकस कर रहा है। इससे सप्लायर्स को नीदरलैंड्स और बेल्जियम में टीआईसीए के कैश-एंड-कैरी सेंटर्स के ज़रिये हज़ारों बी2बी खरीदारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।
टीआईसीए के सीईओ एवं सह-मालिक रोजियर यूवेल ने कहा कि विविधता और गुणवत्ता ही उनकी सफलता का आधार है, और इसी कारण वे ऐसे भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं जो अलग पहचान रखते हों।
अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की सकारात्मक प्रतिक्रिया

ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, बेल्जियम और जापान सहित कई देशों से आए खरीदारों ने भारतीय उत्पादों की कारीगरी, फिनिशिंग और डिज़ाइन विविधता की सराहना की। कई खरीदारों ने इसे सुव्यवस्थित, प्रेरणादायक और दीर्घकालिक सहयोग के लिए उपयुक्त मंच बताया।
डिज़ाइन फ्यूचर्स 2027 और खरीदार अपेक्षाओं पर सेमिनार
ज्ञान सत्रों की श्रृंखला में ‘डिज़ाइन फ्यूचर्स 2027’ सेमिनार में एस/एस 2027 और ए/डब्ल्यू 2027 के वैश्विक ट्रेंड्स, सस्टेनेबिलिटी और नवाचार पर चर्चा हुई। वहीं ‘व्हाट बायर्स वांट’ विषयक सत्र में प्रोडक्ट प्रेज़ेंटेशन, कम्युनिकेशन और कम्प्लायंस को खरीदार विश्वास और ऑर्डर कन्वर्ज़न से जोड़कर समझाया गया।
वैश्विक मंच पर भारत की सशक्त उपस्थिति
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने कहा कि यह मेला बड़े खरीदारों के साथ-साथ छोटे और मध्यम रिटेल नेटवर्क्स को भी समान अवसर प्रदान कर रहा है। टेक-ड्रिवन निर्यात इकोसिस्टम और युवा उद्यमियों की भागीदारी से 61वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 भारतीय हस्तशिल्प निर्यात के भविष्य को नई दिशा दे रहा है।



