प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेडियो शो ‘Mann Ki Baat‘ का 128वां एपिसोड आज टेलीकास्ट हुआ। इस बार पीएम मोदी ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप और ब्लाइंड विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ये जीत देश के लिए गर्व का पल है। पिछले एपिसोड में उन्होंने GST बचत उत्सव और सरदार पटेल की 150वीं जयंती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बात की थी। नवंबर का महीना प्रेरणाओं से भरा रहा है और देश ने कई यादगार पल देखे हैं।
राष्ट्रीय आयोजन और विकास की झलक
नवंबर में कई राष्ट्रीय कार्यक्रम हुए जिनमें संविधान दिवस का विशेष आयोजन और वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशव्यापी कार्यक्रम शामिल थे। अयोध्या में राम मंदिर पर धर्म ध्वजा का आरोहण और कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में पांचजन्य स्मारक का लोकार्पण भी हुआ। पीएम मोदी ने हैदराबाद में दुनिया की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO सुविधा का उद्घाटन और भारतीय नौसेना में INS ‘माहे’ को शामिल किए जाने की जानकारी भी साझा की। साथ ही भारत के स्पेस क्षेत्र में Skyroot के Infinity Campus की नई उपलब्धि ने युवा शक्ति और नवाचार की चमक दिखाई।
खेलों में भारत का परचम और कॉमनवेल्थ की मेजबानी
पीएम मोदी ने खेल जगत में भारत की बढ़ती ताकत पर गर्व जताया। उन्होंने बताया कि भारत को हाल ही में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी का अधिकार मिला है। यह उपलब्धि देशवासियों की सामूहिक मेहनत और प्रतिबद्धता का परिणाम है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम ने इस तरह की उपलब्धियों को जनता के सामने लाने का काम किया है जिससे सभी को प्रेरणा मिलती है और देश के युवा प्रोत्साहित होते हैं।
कृषि में रिकॉर्ड और युवाओं की नयी सोच
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने इस बार 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह पिछले 10 सालों की तुलना में 100 मिलियन टन अधिक है। इसके अलावा उन्होंने ISRO की ड्रोन प्रतियोगिता का जिक्र किया जिसमें देश के युवा मंगल ग्रह जैसी कठिन परिस्थितियों में ड्रोन उड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पुणे की टीम के प्रयासों ने दिखाया कि हार न मानने वाले युवाओं में देश का भविष्य निहित है।
प्राकृतिक उपहार – शहद और उसकी विशेषता
पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के रामबन क्षेत्र के सुलाई फूलों से बनने वाले शहद की खासियत बताई जिसे GI टैग भी मिला है। कर्नाटक के पुत्तुर और तुमकुरु जिलों में किसान संस्थाएं शहद उत्पादन को बढ़ावा दे रही हैं। नागालैंड के चोकलांगन गांव में जनजाति सदियों से खतरनाक जगहों पर मधुमक्खी पालन करती आई है और वे मधुमक्खियों से सौम्यता से बात कर अनुमति लेकर शहद निकालते हैं। ये सभी बातें देश की विविधता और प्राकृतिक धरोहर की मिसाल हैं।



