Magh Mela 2026: प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेले की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया भूमि आवंटन का काम 2 दिसंबर से शुरू होगा। परंपरागत रूप से, 2 दिसंबर को संगम पर गंगा पूजन के बाद सबसे पहले दंडी स्वामी नगर और दंडी बड़ा को भूमि आवंटित की जाएगी। यह भूमि आवंटन 2, 3 और 4 दिसंबर को किया जाएगा। इसके बाद 5 और 6 दिसंबर को आचार्य स्वामी नगर (आचार्य बड़ा) को, जबकि 7 से 9 दिसंबर तक खाक चौक के संतो को भूमि आवंटित की जाएगी। प्रशासन ने अन्य संगठनों और प्रयागवालों के लिए अलग से तारीखें बाद में घोषित करने का आश्वासन दिया है।
सुविधा स्लिप और आवश्यक दस्तावेज
प्रयागराज मेला प्राधिकरण के उप मेले अधिकारी विवेक शुक्ला ने बताया कि भूमि आवंटन के दो दिन बाद आवेदनकर्ताओं को सुविधा स्लिप जारी की जाएगी। सुविधा स्लिप प्राप्त करने के लिए फोटो पहचान पत्र और आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों के कुंभ, माघ और महा कुंभ मेलों में जो संगठनों ने टीन, तंबू और फर्नीचर प्राप्त किया था और लौटाया नहीं है, उन्हें इस वर्ष भूमि या अन्य सुविधाएं नहीं मिलेंगी। हर शिविर मालिक को मेला पूर्णिमा तक अपने शिविर की देखभाल करनी होगी।
विशाल माघ मेला: 800 हेक्टेयर में फैलेगा मेला क्षेत्र
इस वर्ष माघ मेला लगभग 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सात सेक्टरों में फैला होगा। मेला प्रशासन के अनुसार माघ मेला के प्रमुख स्नान त्योहारों और अन्य दिनों में लगभग 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान करेंगे। इसके लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके और मेला शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो।
स्वामी संतो की बढ़ती संख्या और भूमि की मांग
ऑल इंडिया दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमल देव आश्रम और ऑल इंडिया दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम ने बताया कि इस बार संन्यासियों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ी है। इसलिए वे प्रशासन से अधिक भूमि आवंटित करने की मांग कर रहे हैं ताकि सभी संन्यासी बिना किसी समस्या के अपने शिविर लगा सकें। यह मांग माघ मेले की भव्यता और बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए उचित मानी जा रही है।
बस सेवा की विस्तृत योजना: 3,800 डीजल बसें चलेंगी
माघ मेले के लिए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम 3,800 डीजल बसों का संचालन करेगा। इन बसों में से 200 बसें प्रयागराज जिले के अंदर या आवश्यकतानुसार अंतर-जिला मार्गों पर चलेंगी। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभुनारायण सिंह ने इस योजना को अंतिम रूप देते हुए बताया कि बस सेवा की तैयारी में सभी संबंधित अधिकारी जैसे डिविजनल कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर और मेले अधिकारी मौजूद रहे। इस योजना का उद्देश्य माघ मेले में आने वाले विशाल संख्या के श्रद्धालुओं को सुचारू और सुविधाजनक परिवहन सेवा प्रदान करना है।



