संस्कृत सामान्य ज्ञान और गीत प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा, 30 अगस्त 2026। संस्कृत प्रतिभा खोज–2026 का जनपद स्तरीय आयोजन महर्षि पाणिनि वेद-वेदाङ्ग विद्यापीठ गुरुकुल, आर.बी.-22, सेक्टर-36, ग्रेटर नोएडा में भव्य एवं गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। प्रतियोगिता में गौतम बुद्ध नगर के 50 से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति और ज्ञान-परंपरा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ाना रहा।
संस्कृत प्रतिभा खोज–2026 में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

प्रतियोगिता के अंतर्गत संस्कृत सामान्य ज्ञान एवं संस्कृत गीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति और भारतीय ज्ञान-परंपरा से जुड़े विषयों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। साथ ही, उन्होंने स्मरणशक्ति, ज्ञान और अभिव्यक्ति-कौशल का भी परिचय दिया।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा संचालित संस्कृत प्रतिभा खोज–2026 में जनपद स्तर से लेकर मंडल और राज्य स्तर तक विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार जनपद स्तरीय प्रतियोगिताएं 24 अगस्त से 3 सितंबर 2026 के बीच आयोजित होनी हैं।
संस्कृत भाषा को लेकर आचार्य रविकान्त दीक्षित ने कही महत्वपूर्ण बात
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महर्षि पाणिनि वेद-वेदाङ्ग विद्यापीठ गुरुकुल के संस्थापक आचार्य श्री रविकान्त दीक्षित जी ने संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि भारत की समृद्ध ज्ञान-परंपरा, संस्कृति और संस्कारों की आधारशिला है। इसलिए नई पीढ़ी को संस्कृत से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
उन्होंने संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। साथ ही, उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में संचालित यह गुरुकुल संस्कृत और भारतीय संस्कृति के संरक्षण की व्यापक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
गुरुकुल के निर्माण में सहयोग की अपील
आचार्य रविकान्त दीक्षित ने समाज के सभी वर्गों से गुरुकुल के विकास और निर्माण कार्य में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भाषा के माध्यम से वे भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
पूर्व जिला जज आर.बी. शर्मा ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि श्री आर.बी. शर्मा, पूर्व जिला जज ने प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संस्कृत प्रतिभा खोज विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच है।
उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को जानने का अवसर मिलता है। साथ ही, उनमें आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना भी विकसित होती है।
गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश संस्कृत प्रतिभा खोज राज्य समिति के सदस्य श्री लव शर्मा, विशिष्ट अतिथि श्रीमती ललिता शर्मा, अध्यक्षा, इनरव्हील क्लब, ग्रेटर नोएडा तथा श्रीमती अमिता सिंह, पूर्व अध्यक्षा, इनरव्हील क्लब सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की। साथ ही, संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए इस तरह के आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया।
आयोजन की व्यवस्थाओं में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम के सफल संचालन में श्री रविशंकर शर्मा, अध्यक्ष, गुरुकुल निर्माण समिति एवं सह-संयोजक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, गौतम बुद्ध नगर जनपद के जिला संयोजक श्री प्रेमकांत शर्मा के संयोजन एवं समन्वय में प्रतियोगिता की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सम्पन्न हुईं।
आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों और विद्यालयों की सहभागिता उत्साहजनक रही। इससे आयोजन का उद्देश्य भी प्रभावी रूप से पूरा हुआ।
निर्णायक मंडल ने किया प्रतिभागियों का मूल्यांकन
संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में श्री अलंकार शर्मा एवं श्रीमती अर्चना आर्य ने निर्णायक की भूमिका निभाई। वहीं, संस्कृत गीत प्रतियोगिता में श्रीमती कुसुम कौशिक एवं श्रीमती दिव्या मेहरा ने निर्णायक के रूप में विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।
निर्णायकों ने विद्यार्थियों के ज्ञान, प्रस्तुति, स्मरणशक्ति और अभिव्यक्ति के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन किया।
संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के परिणाम
संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे—
प्रथम स्थान: दिव्या तोमर — राणा संग्राम सिंह इंटर कॉलेज, दादरी
द्वितीय स्थान: पुष्कर — राम-ईश इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा
तृतीय स्थान: सोनू — महर्षि पाणिनि वेद-वेदाङ्ग विद्यापीठ गुरुकुल, ग्रेटर नोएडा
विजेता विद्यार्थियों ने अपनी सफलता से विद्यालय और परिवार का नाम रोशन किया। वहीं, अन्य प्रतिभागियों ने भी प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
संस्कृत गीत प्रतियोगिता में इन विद्यार्थियों ने मारी बाजी
संस्कृत गीत प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी। परिणाम इस प्रकार रहे—
प्रथम स्थान: देवर्षि सिंह चौहान — प्रज्ञान स्कूल
द्वितीय स्थान: आदर्श रथ — राम-ईश इंटरनेशनल स्कूल
तृतीय स्थान: गौरिका — राम-ईश इंटरनेशनल स्कूल
गीत प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। इसके अलावा, संस्कृत भाषा के प्रति विद्यार्थियों का उत्साह भी देखने को मिला।
विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विजेताओं को शुभकामनाएं दीं और सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इसके साथ ही, आयोजकों ने प्रतियोगिता में शामिल सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
50 से अधिक विद्यालयों की सहभागिता बनी आयोजन की खासियत
संस्कृत प्रतिभा खोज–2026 में गौतम बुद्ध नगर के 50 से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों की सहभागिता रही। इससे आयोजन की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक, शिक्षक और संस्कृत-प्रेमी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद रहे। उनकी उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने आयोजन को और जीवंत बनाया।
संस्कृत और भारतीय संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ने की पहल
संस्कृत प्रतिभा खोज–2026 का आयोजन विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि विकसित करने और भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव की भावना जागृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।
वहीं, इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ भारतीय ज्ञान-परंपरा को समझने का अवसर भी देती हैं। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के अनुसार संस्कृत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता जिले, मंडल और राज्य स्तर पर आयोजित की जाती है।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि यदि विद्यार्थियों को सही मंच और अवसर मिले, तो वे संस्कृत जैसी प्राचीन भाषा के प्रति भी गहरी रुचि विकसित कर सकते हैं। यही प्रयास भारतीय संस्कृति और ज्ञान-परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आधिकारिक जानकारी: संस्कृत प्रतिभा खोज–2026 से संबंधित नियम, प्रतियोगिता की जानकारी और अन्य सामग्री उत्तर प्रदेश संस्कृत प्रतिभा खोज पोर्टल पर उपलब्ध है।



