भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किए जाने के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के उरी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को निशाना बनाया। यह प्रोजेक्ट लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) से केवल कुछ किलोमीटर दूर स्थित है। पाकिस्तान की तरफ से भारी गोलीबारी के बीच CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के जवानों ने दुश्मन के ड्रोन को पूरी तरह नष्ट कर दिया और इस हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। यह हमला भारतीय सेना के ऑपरेशन के बाद आई जवाबी कार्रवाई का हिस्सा था।
CISF के 19 जवानों को बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया
मंगलवार को CISF ने अपने 19 बहादुर जवानों को डायरेक्टर जनरल की डिस्क से सम्मानित किया। यह जवान उरी हाइड्रोपावर प्लांट की सुरक्षा करते हुए भारी गोलीबारी के बीच असाधारण बहादुरी का परिचय देने में सफल रहे। कमांडेंट रवि यादव, डिप्टी कमांडेंट मनोहर सिंह, और असिस्टेंट कमांडेंट सुभाष कुमार के नेतृत्व में CISF की टीम ने प्रतिष्ठान और आस-पास के रिहायशी इलाकों की सुरक्षा के लिए तत्परता दिखाई। इन जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालने और दुश्मन के ड्रोन हमले को रोकने का कार्य किया।
रिहायशी इलाकों से लोगों की सुरक्षित निकासी
CISF के जवानों ने घर-घर जाकर नागरिकों को निकाला। महिलाओं, बच्चों, और NHPC स्टाफ समेत लगभग 250 लोगों को बंकर शेल्टर्स में पहुंचाकर सुरक्षित किया गया। जवानों ने आने वाली गोलीबारी का रियल टाइम विश्लेषण कर सुरक्षित जोन की पहचान की और तेजी से कार्रवाई करते हुए नागरिकों की जान बचाई। यह काम पूरी गोलीबारी के दौरान बिना किसी भय के किया गया। CISF की इस तत्परता और निडरता ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
ड्रोन हमला नाकाम, हथियारों की सुरक्षा सुनिश्चित
हमले के दौरान CISF जवानों ने न केवल नागरिकों की सुरक्षा की बल्कि दुश्मन के ड्रोन को भी निष्क्रिय कर दिया। उन्होंने महत्वपूर्ण हथियारों के स्टॉक को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाकर नष्ट होने से बचाया। इस बहादुरी के चलते प्रोजेक्ट और आसपास के इलाके सुरक्षित रह सके। यह कार्रवाई CISF के प्रशिक्षण, समर्पण और तत्परता का प्रतीक है।
CISF: देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का मजबूत कवच
CISF की स्थापना 10 मार्च 1969 को हुई थी। यह बल देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों, पावर प्लांट्स, एयरपोर्ट्स, स्मारकों जैसे ताजमहल और लाल किला, स्पेस संस्थानों और रक्षा उत्पादन यूनिट्स की सुरक्षा करता है। उरी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर CISF की सफलता ने यह साबित कर दिया कि यह बल देश की सुरक्षा की पहली पंक्ति में है। उनकी बहादुरी और प्रोफेशनलिज्म से देश की सुरक्षा और सुरक्षा प्रणाली मजबूत बनी रहती है।


