अग्नि दुर्घटनाओं, बिजली के शॉर्ट सर्किट और वायु प्रदूषण से बचाव के लिए जारी किए दिशा-निर्देश
आपातकालीन स्थिति में जिला कंट्रोल रूम के 0120-2978231 और 0120-2978232 नंबर पर दें सूचना
गौतमबुद्ध नगर में दीपावली और छठ पूजा समेत आगामी त्योहारों को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जनपदवासियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें आगजनी की घटनाओं से बचाव, विद्युत सुरक्षा, वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गौतमबुद्ध नगर अजीत कुमार सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान अपनी सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व सामूहिक सहयोग, सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए मनाया जाना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दीपावली और छठ पूजा को लेकर एडवाइजरी जारी की।
- पटाखे जलाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील।
- बिजली के खुले तारों और ओवरलोडेड कनेक्शन से बचने की सलाह।
- वायु प्रदूषण रोकने के लिए अनावश्यक पटाखों से दूरी बनाने का सुझाव।
- आपातकालीन कंट्रोल रूम के दो हेल्पलाइन नंबर जारी।
आगजनी की घटनाओं से बचने के लिए बरतें सावधानी
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दीपावली के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने कहा है कि दीपक, मोमबत्ती और पूजा में इस्तेमाल होने वाली अन्य जलती सामग्री को पर्दों, कपड़ों, कागज, लकड़ी और दूसरी ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।
घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में दीपक एवं मोमबत्तियां सुरक्षित स्थान पर जलाएं। उन्हें जलता हुआ छोड़कर कहीं न जाएं। पटाखे जलाने के लिए खुले और सुरक्षित स्थान का चयन करें। संकरी गलियों, बाजारों, पार्किंग स्थलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पटाखे जलाने से बचें।
पटाखे जलाते समय अपने पास पानी से भरी बाल्टी, रेत और प्राथमिक अग्निशमन उपकरण जरूर रखें। पटाखों को हाथ में पकड़कर न जलाएं और न ही जलते हुए पटाखों के ऊपर झुकें। यदि कोई पटाखा नहीं जलता है तो उसे दोबारा जलाने का प्रयास न करें।
इसके अलावा पटाखों को घर के अंदर, रसोईघर, गैस सिलेंडर, पेट्रोल पंप और अन्य ज्वलनशील पदार्थों के आसपास रखने से बचें। बच्चों को अकेले पटाखे जलाने की अनुमति न दें। हमेशा किसी जिम्मेदार वयस्क की निगरानी में ही पटाखों का इस्तेमाल कराएं।
विद्युत सुरक्षा को लेकर भी जारी किए निर्देश
त्योहारों पर घरों, दुकानों और बाजारों में सजावटी लाइटों एवं झालरों का इस्तेमाल बढ़ जाता है। ऐसे में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका भी रहती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने विद्युत सुरक्षा के लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
एडवाइजरी में कहा गया है कि सजावटी लाइटों और झालरों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले प्रमाणित विद्युत उपकरणों का ही इस्तेमाल करें। बिजली के खुले तारों, खराब प्लग, ओवरलोडेड एक्सटेंशन बोर्ड और अस्थायी विद्युत कनेक्शन से बचें।
विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल नहीं होने पर मुख्य स्विच बंद कर दें। बिजली के तारों और उपकरणों के आसपास पटाखे न जलाएं।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगती है तो उस पर पानी का इस्तेमाल न करें। सबसे पहले सुरक्षित तरीके से बिजली की आपूर्ति बंद कराएं और उचित अग्निशमन उपकरण का उपयोग करें।
वायु प्रदूषण रोकने और पर्यावरण संरक्षण की अपील
दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए भी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से सहयोग मांगा है। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित न्यायालयीय दिशा-निर्देशों का पालन करने और पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाने की अपील की है।
एडवाइजरी के अनुसार अनावश्यक रूप से पटाखे जलाने से बचना चाहिए। पटाखों से निकलने वाला धुआं और तेज आवाज स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से प्रभावित लोगों का ध्यान रखना जरूरी है।
पटाखे जलाने के बाद निकलने वाले कचरे को सड़कों, खुले स्थानों और नालियों में न फेंकें। उसका उचित निस्तारण करें। इसके साथ ही कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री को खुले में जलाने से भी बचें।
प्रशासन ने नागरिकों से वायु गुणवत्ता और प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में समय-समय पर जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है।
आपातकालीन स्थिति में घबराएं नहीं, प्रशासन को दें सूचना
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने किसी भी आगजनी, दुर्घटना, विद्युत हादसे या अन्य आपातकालीन स्थिति में नागरिकों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
प्रशासन के अनुसार किसी भी दुर्घटना की स्थिति में सबसे पहले स्वयं और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। इसके बाद तत्काल संबंधित विभाग और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दें।
आग या अन्य आपदा की स्थिति में घटनास्थल पर अनावश्यक भीड़ एकत्रित न करें। इससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों और अधिकारियों को अपना काम करने दें।
अफवाहों से बचने और सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की अपील
त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट सूचना से बचने की अपील भी की गई है। प्रशासन ने कहा है कि नागरिक बिना पुष्टि के किसी भी खबर, संदेश या सूचना को सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से प्रसारित न करें।
आपातकालीन परिस्थितियों में केवल प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। अफवाहों से अनावश्यक भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
जिला आपातकालीन कंट्रोल रूम के नंबर जारी
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गौतमबुद्ध नगर ने जनपद के नागरिकों, व्यापारियों, आवासीय सोसायटियों, बाजार समितियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों से सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है।
प्राधिकरण के अनुसार सामूहिक जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार से आगजनी, दुर्घटनाओं और अन्य संभावित आपदाओं को रोका जा सकता है।
किसी भी आपातकालीन स्थिति, दुर्घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों एवं आपातकालीन सेवाओं को दें। इसके लिए जिला आपातकालीन कंट्रोल रूम के निम्नलिखित नंबर जारी किए गए हैं:
जिला आपातकालीन कंट्रोल रूम:
- 0120-2978231
- 0120-2978232
जिला प्रशासन ने सभी जनपदवासियों से अपील की है कि दीपावली और छठ पूजा का पर्व सावधानी, जिम्मेदारी और आपसी सौहार्द के साथ मनाएं, ताकि त्योहारों की खुशियों के बीच किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
सौजन्य: सूचना विभाग, गौतमबुद्ध नगर।



