Friday, November 6, 2026
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आज की टॉप 10 राष्ट्रीय खबरें: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण और दिल्ली में जहरीली हवा

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: हिरासत के समय से शुरू होगी 24 घंटे की समयसीमा

प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण, दिल्ली में प्रदूषण और UPSC के नतीजों समेत देश की 10 बड़ी खबरें

देश में 6 नवंबर 2026 को राजनीति, रक्षा, न्यायपालिका, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और तकनीक से जुड़ी कई महत्वपूर्ण खबरें सुर्खियों में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़े एक अहम मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। वहीं, DRDO ने स्वदेशी प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। दिल्ली में दिवाली से पहले प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं। इसके अलावा रेलवे की विशेष ट्रेनें, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष में मलबा कम करने की भारत की पहल भी चर्चा में है।

मुख्य बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत से 24 घंटे की समयसीमा की गणना करने का निर्देश दिया।
  • DRDO ने प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
  • दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचा।
  • UPSC मुख्य परीक्षा में 2,526 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए सफल हुए।
  • अमित शाह ने राहुल गांधी को SIR पर संसद में बहस की चुनौती दी।
  • केंद्र सरकार UGC के नए इक्विटी नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनाने पर विचार कर रही है।
  • दिवाली और छठ के लिए रेलवे ने विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की।
  • CERT-In ने Crafty Falcon साइबर हमले को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की।
  • केंद्र ने राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ का टैक्स हस्तांतरण किया।
  • भारत का लक्ष्य 2030 तक अपने अंतरिक्ष अभियानों को मलबा-मुक्त बनाना है।

1. सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: हिरासत के समय से शुरू होगी 24 घंटे की समयसीमा

सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने के वास्तविक समय से ही 24 घंटे की समयसीमा शुरू मानी जाएगी। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की औपचारिक कार्रवाई दर्ज करने के समय से इसकी गणना नहीं की जाएगी।

संविधान के अनुच्छेद 22(2) के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है। इस अवधि में यात्रा का आवश्यक समय शामिल नहीं होता।

5 नवंबर को न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने NDPS मामले में चार लोगों की अपील पर सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण व्यवस्था दी।

इस फैसले का उद्देश्य हिरासत में लिए गए लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। इससे पुलिस के लिए हिरासत के वास्तविक समय का रिकॉर्ड रखना और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।

2. DRDO ने स्वदेशी प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में DRDO को बड़ी सफलता मिली है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने स्वदेशी सतह से सतह पर मार करने वाली प्रलय मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया।

यह परीक्षण 5 नवंबर को सुबह लगभग 11:10 बजे ओडिशा तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया।

प्रलय एक क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे भारत में ही विकसित किया गया है। यह विभिन्न पारंपरिक वारहेड ले जाने में सक्षम है। इसकी विशेष तकनीक और उड़ान क्षमता इसे भारत की महत्वपूर्ण सामरिक रक्षा प्रणालियों में शामिल करती है।

इस सफल परीक्षण से देश के स्वदेशी मिसाइल विकास कार्यक्रम को मजबूती मिली है। साथ ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की क्षमता का प्रदर्शन हुआ है।

3. दिल्ली में जहरीली हवा का कहर, कई इलाकों में AQI 400 के पार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। दिवाली से पहले हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया।

5 नवंबर को दिल्ली का समग्र AQI लगभग 369 रहा, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। हालांकि, कई निगरानी केंद्रों पर AQI 400 से ऊपर पहुंच गया। जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, नरेला और रोहिणी जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया।

प्रदूषण बढ़ने के पीछे प्रतिकूल मौसम, कम हवा की गति, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियां और पराली जलाने जैसे कारणों पर चर्चा हो रही है।

दिवाली के दौरान पटाखों से प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को बाहर निकलते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

4. UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा में सफल 2,526 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू यानी व्यक्तित्व परीक्षण के लिए चयनित किया गया है।

मुख्य परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर अपना परिणाम देख सकते हैं। परिणाम रोल नंबर के आधार पर जारी किया गया है।

अब सफल उम्मीदवारों को व्यक्तित्व परीक्षण की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इंटरव्यू में अभ्यर्थियों की प्रशासनिक समझ, निर्णय लेने की क्षमता, सामान्य ज्ञान, व्यक्तित्व और समसामयिक विषयों की जानकारी का आकलन किया जाएगा।

सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है। इसके माध्यम से IAS, IPS, IFS और अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है।

5. SIR पर अमित शाह और राहुल गांधी के बीच राजनीतिक टकराव तेज

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को SIR के मुद्दे पर संसद में बहस करने की चुनौती दी है।

5 नवंबर को हरियाणा के करनाल में आयोजित भाजपा की रैली में अमित शाह ने कहा कि यदि राहुल गांधी इस मुद्दे पर गंभीर हैं तो उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।

दूसरी ओर, विपक्ष SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है। विपक्ष की चिंता है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका हो सकती है।

SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जारी बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

6. UGC के इक्विटी नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनाने पर विचार

उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और भेदभाव से जुड़े विवाद के बीच केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 2026 के इक्विटी नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनाने की बात सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी है।

5 नवंबर को केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सरकार इन नियमों पर दोबारा विचार करने के लिए समिति गठित करने पर विचार कर रही है।

UGC के Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 को लेकर अलग-अलग छात्र संगठनों और वर्गों की ओर से आपत्तियां उठाई गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में इन नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगाई थी। अदालत ने कुछ प्रावधानों की भाषा को अस्पष्ट बताते हुए उनके दुरुपयोग की आशंका जताई थी। फिलहाल 2012 के पुराने नियम लागू हैं।

अदालत ने कहा है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रत्येक विद्यार्थी के हितों की रक्षा होनी चाहिए। इस मामले में आगे की सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

7. दिवाली और छठ पर रेलवे की विशेष व्यवस्था, 106 स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को राहत

दिवाली और छठ पूजा के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है।

बिहार और पूर्वी भारत की ओर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष रेल सेवाएं चलाई जा रही हैं। इनमें दिल्ली, चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना, कोलकाता और देश के अन्य प्रमुख शहरों से चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं।

रेलवे की विशेष व्यवस्था में वंदे भारत स्पेशल ट्रेनें भी शामिल हैं। दिल्ली और पटना के बीच भी विशेष वंदे भारत सेवाओं का संचालन किया जा रहा है।

रेलवे के अनुसार, पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र में विभिन्न मार्गों पर बड़ी संख्या में विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन का नंबर, समय और उपलब्धता IRCTC या रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांच लें।

त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना रेलवे की प्राथमिकता है।

8. भारतीय फिनटेक कंपनियों पर AI साइबर हमले, CERT-In ने जारी की चेतावनी

भारत की वित्तीय और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को निशाना बनाने वाले साइबर हमलों को लेकर भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) ने गंभीर चेतावनी जारी की है।

4 नवंबर को जारी एडवाइजरी में Crafty Falcon नाम से पहचाने गए AI-सहायता प्राप्त साइबर खतरे को गंभीर बताया गया है।

इस अभियान के निशाने पर नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (NBFC), डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म, फिनटेक कंपनियां, पेमेंट एग्रीगेटर और क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज शामिल हैं।

CERT-In के अनुसार, हमलावर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल का इस्तेमाल कर तेजी से साइबर हमले कर रहे हैं। इनका उद्देश्य वित्तीय संस्थानों के पेमेंट और डिस्बर्समेंट API का दुरुपयोग करके अनधिकृत लेनदेन करना है।

एजेंसी ने कंपनियों को 24 घंटे साइबर निगरानी रखने, सुरक्षा खामियों को तुरंत दूर करने और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी है।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

9. केंद्र सरकार ने राज्यों को जारी किए ₹1.09 लाख करोड़

त्योहारी सीजन में राज्यों के विकास कार्यों और वित्तीय जरूरतों को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने ₹1,09,019 करोड़ का टैक्स हस्तांतरण जारी किया है।

यह राशि 5 नवंबर को राज्यों को जारी की गई। सामान्य तौर पर यह किस्त 10 नवंबर को जारी होनी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे पांच दिन पहले जारी कर दिया।

इस राशि से राज्य सरकारों को बुनियादी ढांचे, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर खर्च करने में मदद मिलेगी।

इस हस्तांतरण में उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक ₹19,208 करोड़ मिले हैं। इसके बाद बिहार को ₹10,845 करोड़ और मध्य प्रदेश को ₹8,010 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

राजस्थान को ₹6,460 करोड़ मिले हैं। वहीं पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र को भी बड़ी राशि जारी की गई है।

केंद्र सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त वित्तीय उपलब्धता से राज्यों को विकास और पूंजीगत खर्च में तेजी लाने में मदद मिलेगी।

10. भारत का 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष मिशन का लक्ष्य

अंतरिक्ष में बढ़ते मलबे और उपग्रहों की सुरक्षा को लेकर भारत ने अपनी दीर्घकालिक योजना पर काम तेज किया है। भारत का लक्ष्य 2030 तक सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी भारतीय अंतरिक्ष अभियानों को मलबा-मुक्त बनाना है।

भारत की Debris Free Space Mission (DFSM) पहल की घोषणा वर्ष 2024 में की गई थी। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष अभियानों के दौरान नए मलबे के निर्माण को रोकना और मिशन समाप्त होने के बाद उपग्रहों तथा रॉकेट के हिस्सों का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करना है।

5 नवंबर को हैदराबाद में Cosmoserve Space की सुविधा के उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष के भारत के लक्ष्य को फिर रेखांकित किया।

अंतरिक्ष में मौजूद अनुपयोगी उपग्रह और रॉकेट के हिस्से सक्रिय उपग्रहों तथा भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।

ISRO इस दिशा में अंतरिक्ष वस्तुओं की निगरानी, टकराव से बचाव, उपग्रहों को सुरक्षित कक्षा से बाहर निकालने और मलबे को कम करने वाली तकनीकों पर काम कर रहा है।

यह पहल भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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आज की टॉप 10 राष्ट्रीय खबरें: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण और दिल्ली में जहरीली हवा

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: हिरासत के समय से शुरू होगी 24 घंटे की समयसीमा

प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण, दिल्ली में प्रदूषण और UPSC के नतीजों समेत देश की 10 बड़ी खबरें

देश में 6 नवंबर 2026 को राजनीति, रक्षा, न्यायपालिका, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और तकनीक से जुड़ी कई महत्वपूर्ण खबरें सुर्खियों में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़े एक अहम मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। वहीं, DRDO ने स्वदेशी प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। दिल्ली में दिवाली से पहले प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं। इसके अलावा रेलवे की विशेष ट्रेनें, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष में मलबा कम करने की भारत की पहल भी चर्चा में है।

मुख्य बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत से 24 घंटे की समयसीमा की गणना करने का निर्देश दिया।
  • DRDO ने प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
  • दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचा।
  • UPSC मुख्य परीक्षा में 2,526 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए सफल हुए।
  • अमित शाह ने राहुल गांधी को SIR पर संसद में बहस की चुनौती दी।
  • केंद्र सरकार UGC के नए इक्विटी नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनाने पर विचार कर रही है।
  • दिवाली और छठ के लिए रेलवे ने विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की।
  • CERT-In ने Crafty Falcon साइबर हमले को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की।
  • केंद्र ने राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ का टैक्स हस्तांतरण किया।
  • भारत का लक्ष्य 2030 तक अपने अंतरिक्ष अभियानों को मलबा-मुक्त बनाना है।

1. सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: हिरासत के समय से शुरू होगी 24 घंटे की समयसीमा

सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने के वास्तविक समय से ही 24 घंटे की समयसीमा शुरू मानी जाएगी। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की औपचारिक कार्रवाई दर्ज करने के समय से इसकी गणना नहीं की जाएगी।

संविधान के अनुच्छेद 22(2) के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है। इस अवधि में यात्रा का आवश्यक समय शामिल नहीं होता।

5 नवंबर को न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने NDPS मामले में चार लोगों की अपील पर सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण व्यवस्था दी।

इस फैसले का उद्देश्य हिरासत में लिए गए लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। इससे पुलिस के लिए हिरासत के वास्तविक समय का रिकॉर्ड रखना और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।

2. DRDO ने स्वदेशी प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में DRDO को बड़ी सफलता मिली है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने स्वदेशी सतह से सतह पर मार करने वाली प्रलय मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया।

यह परीक्षण 5 नवंबर को सुबह लगभग 11:10 बजे ओडिशा तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया।

प्रलय एक क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे भारत में ही विकसित किया गया है। यह विभिन्न पारंपरिक वारहेड ले जाने में सक्षम है। इसकी विशेष तकनीक और उड़ान क्षमता इसे भारत की महत्वपूर्ण सामरिक रक्षा प्रणालियों में शामिल करती है।

इस सफल परीक्षण से देश के स्वदेशी मिसाइल विकास कार्यक्रम को मजबूती मिली है। साथ ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की क्षमता का प्रदर्शन हुआ है।

3. दिल्ली में जहरीली हवा का कहर, कई इलाकों में AQI 400 के पार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। दिवाली से पहले हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया।

5 नवंबर को दिल्ली का समग्र AQI लगभग 369 रहा, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। हालांकि, कई निगरानी केंद्रों पर AQI 400 से ऊपर पहुंच गया। जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, नरेला और रोहिणी जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया।

प्रदूषण बढ़ने के पीछे प्रतिकूल मौसम, कम हवा की गति, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियां और पराली जलाने जैसे कारणों पर चर्चा हो रही है।

दिवाली के दौरान पटाखों से प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को बाहर निकलते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

4. UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा में सफल 2,526 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू यानी व्यक्तित्व परीक्षण के लिए चयनित किया गया है।

मुख्य परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर अपना परिणाम देख सकते हैं। परिणाम रोल नंबर के आधार पर जारी किया गया है।

अब सफल उम्मीदवारों को व्यक्तित्व परीक्षण की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इंटरव्यू में अभ्यर्थियों की प्रशासनिक समझ, निर्णय लेने की क्षमता, सामान्य ज्ञान, व्यक्तित्व और समसामयिक विषयों की जानकारी का आकलन किया जाएगा।

सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है। इसके माध्यम से IAS, IPS, IFS और अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है।

5. SIR पर अमित शाह और राहुल गांधी के बीच राजनीतिक टकराव तेज

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को SIR के मुद्दे पर संसद में बहस करने की चुनौती दी है।

5 नवंबर को हरियाणा के करनाल में आयोजित भाजपा की रैली में अमित शाह ने कहा कि यदि राहुल गांधी इस मुद्दे पर गंभीर हैं तो उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।

दूसरी ओर, विपक्ष SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है। विपक्ष की चिंता है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका हो सकती है।

SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जारी बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

6. UGC के इक्विटी नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनाने पर विचार

उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और भेदभाव से जुड़े विवाद के बीच केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 2026 के इक्विटी नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनाने की बात सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी है।

5 नवंबर को केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सरकार इन नियमों पर दोबारा विचार करने के लिए समिति गठित करने पर विचार कर रही है।

UGC के Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 को लेकर अलग-अलग छात्र संगठनों और वर्गों की ओर से आपत्तियां उठाई गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में इन नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगाई थी। अदालत ने कुछ प्रावधानों की भाषा को अस्पष्ट बताते हुए उनके दुरुपयोग की आशंका जताई थी। फिलहाल 2012 के पुराने नियम लागू हैं।

अदालत ने कहा है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रत्येक विद्यार्थी के हितों की रक्षा होनी चाहिए। इस मामले में आगे की सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

7. दिवाली और छठ पर रेलवे की विशेष व्यवस्था, 106 स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को राहत

दिवाली और छठ पूजा के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है।

बिहार और पूर्वी भारत की ओर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष रेल सेवाएं चलाई जा रही हैं। इनमें दिल्ली, चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना, कोलकाता और देश के अन्य प्रमुख शहरों से चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं।

रेलवे की विशेष व्यवस्था में वंदे भारत स्पेशल ट्रेनें भी शामिल हैं। दिल्ली और पटना के बीच भी विशेष वंदे भारत सेवाओं का संचालन किया जा रहा है।

रेलवे के अनुसार, पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र में विभिन्न मार्गों पर बड़ी संख्या में विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन का नंबर, समय और उपलब्धता IRCTC या रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांच लें।

त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना रेलवे की प्राथमिकता है।

8. भारतीय फिनटेक कंपनियों पर AI साइबर हमले, CERT-In ने जारी की चेतावनी

भारत की वित्तीय और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को निशाना बनाने वाले साइबर हमलों को लेकर भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) ने गंभीर चेतावनी जारी की है।

4 नवंबर को जारी एडवाइजरी में Crafty Falcon नाम से पहचाने गए AI-सहायता प्राप्त साइबर खतरे को गंभीर बताया गया है।

इस अभियान के निशाने पर नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (NBFC), डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म, फिनटेक कंपनियां, पेमेंट एग्रीगेटर और क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज शामिल हैं।

CERT-In के अनुसार, हमलावर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल का इस्तेमाल कर तेजी से साइबर हमले कर रहे हैं। इनका उद्देश्य वित्तीय संस्थानों के पेमेंट और डिस्बर्समेंट API का दुरुपयोग करके अनधिकृत लेनदेन करना है।

एजेंसी ने कंपनियों को 24 घंटे साइबर निगरानी रखने, सुरक्षा खामियों को तुरंत दूर करने और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी है।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

9. केंद्र सरकार ने राज्यों को जारी किए ₹1.09 लाख करोड़

त्योहारी सीजन में राज्यों के विकास कार्यों और वित्तीय जरूरतों को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने ₹1,09,019 करोड़ का टैक्स हस्तांतरण जारी किया है।

यह राशि 5 नवंबर को राज्यों को जारी की गई। सामान्य तौर पर यह किस्त 10 नवंबर को जारी होनी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे पांच दिन पहले जारी कर दिया।

इस राशि से राज्य सरकारों को बुनियादी ढांचे, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर खर्च करने में मदद मिलेगी।

इस हस्तांतरण में उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक ₹19,208 करोड़ मिले हैं। इसके बाद बिहार को ₹10,845 करोड़ और मध्य प्रदेश को ₹8,010 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

राजस्थान को ₹6,460 करोड़ मिले हैं। वहीं पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र को भी बड़ी राशि जारी की गई है।

केंद्र सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त वित्तीय उपलब्धता से राज्यों को विकास और पूंजीगत खर्च में तेजी लाने में मदद मिलेगी।

10. भारत का 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष मिशन का लक्ष्य

अंतरिक्ष में बढ़ते मलबे और उपग्रहों की सुरक्षा को लेकर भारत ने अपनी दीर्घकालिक योजना पर काम तेज किया है। भारत का लक्ष्य 2030 तक सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी भारतीय अंतरिक्ष अभियानों को मलबा-मुक्त बनाना है।

भारत की Debris Free Space Mission (DFSM) पहल की घोषणा वर्ष 2024 में की गई थी। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष अभियानों के दौरान नए मलबे के निर्माण को रोकना और मिशन समाप्त होने के बाद उपग्रहों तथा रॉकेट के हिस्सों का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करना है।

5 नवंबर को हैदराबाद में Cosmoserve Space की सुविधा के उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2030 तक मलबा-मुक्त अंतरिक्ष के भारत के लक्ष्य को फिर रेखांकित किया।

अंतरिक्ष में मौजूद अनुपयोगी उपग्रह और रॉकेट के हिस्से सक्रिय उपग्रहों तथा भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।

ISRO इस दिशा में अंतरिक्ष वस्तुओं की निगरानी, टकराव से बचाव, उपग्रहों को सुरक्षित कक्षा से बाहर निकालने और मलबे को कम करने वाली तकनीकों पर काम कर रहा है।

यह पहल भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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