शौक से शुरू हुआ सफर बना सफल उद्यम, महिलाओं ने संभाली ब्रांडिंग से बिक्री तक की जिम्मेदारी
स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, दूसरी महिलाओं को भी दे रहीं रोजगार
ग्रेटर नोएडा, 26 सितंबर। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में उत्तर प्रदेश की महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपने हुनर और उत्पादों के जरिए अलग पहचान बनाई है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंची महिलाओं ने ट्रेड शो में हस्तशिल्प, कपड़े, बेडशीट, जूट बैग, सजावटी उत्पाद और अन्य घरेलू उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। इन महिलाओं की कहानियां बताती हैं कि किस तरह छोटे स्तर से शुरू हुआ काम आज कारोबार का रूप ले रहा है।
खास बात यह है कि महिलाएं अब केवल उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं हैं। वे अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, बिक्री, ग्राहकों से संपर्क और बाजार विस्तार की जिम्मेदारी भी खुद संभाल रही हैं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उनके लिए नए ग्राहकों और बड़े बाजारों से जुड़ने का अवसर बन रहा है।
यूपी ट्रेड शो में महिला उद्यमियों को मिला बड़ा बाजार
ग्रेटर नोएडा में आयोजित ट्रेड शो में प्रदेश के विभिन्न जिलों से महिला उद्यमी अपने उत्पाद लेकर पहुंची हैं। इनमें कई महिलाएं व्यक्तिगत स्तर पर कारोबार कर रही हैं, जबकि कई स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से दूसरी महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ रही हैं।
मेरठ के कंकरखेड़ा से आईं हरप्रीत कौर अपनी फर्म सॉल फॉर अर्थ के माध्यम से पीतल से बनी विभिन्न कलाकृतियां और ट्रॉफी लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनके अनुसार, ऐसे बड़े मंच महिलाओं को अपने उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं।
हरप्रीत का कहना है कि उनके उत्पाद अब दूसरे देशों के बाजारों तक भी पहुंच बना रहे हैं। उनके मुताबिक ट्रेड शो जैसे मंच और सरकार की योजनाओं से मिले अवसरों ने उनके कारोबार के विस्तार में मदद की है।
शौक को कारोबार में बदलकर सात महिलाओं को रोजगार
गाजियाबाद के बजरिया से आईं अंजली ने चित्रकारी के अपने शौक को कारोबार में बदल दिया। वह अंजली क्रिएशन के माध्यम से कपड़ों पर की गई चित्रकारी से तैयार उत्पाद लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं।
अंजली ने जिला ग्रामोद्योग विकास से ऋण लेकर सादे कपड़ों पर चित्रकारी का काम शुरू किया था। धीरे-धीरे उनके उत्पादों की मांग बढ़ी और उनका काम कारोबार में बदल गया।
आज उनके तैयार किए गए सूट, दुपट्टे, जींस और ट्राउजर की कीमत 10 हजार रुपये तक पहुंचती है। कारोबार बढ़ने के साथ अंजली ने सात अन्य महिलाओं को भी नियमित रोजगार से जोड़ा है।
यह बदलाव इस बात को दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर शुरू किया गया छोटा उद्यम भी सही अवसर मिलने पर रोजगार देने वाले कारोबार में बदल सकता है।
प्रतिभा डिजाइनर हब से हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार
गाजियाबाद के वसुंधरा से आईं प्रतिभा त्यागी प्रतिभा डिजाइनर हब के माध्यम से हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार से जोड़ने का काम कर रही हैं।
वह ट्रेड शो में हैंडमेड सूट, दुपट्टे, लहंगे और जूट से बने विभिन्न प्रकार के बैग लेकर पहुंची हैं। उनके उत्पादों में हस्तनिर्मित काम और स्थानीय हुनर की झलक देखने को मिलती है।
ट्रेड शो में प्रतिभा को नए ग्राहकों और संभावित बाजारों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। ऐसे आयोजनों के जरिए हस्तनिर्मित उत्पादों को स्थानीय बाजार से आगे नए खरीदारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
स्वयं सहायता समूहों ने बदली महिलाओं की आर्थिक तस्वीर
उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। ट्रेड शो में भी ऐसे समूहों से जुड़ी कई महिलाएं अपने उत्पादों के साथ पहुंची हैं।
बुलंदशहर के नंगला गोविंदपुर की सितारा बेडशीट लेकर ट्रेड शो में आई हैं। वह आजीविका स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं। उनके समूह में 13 महिलाएं जुड़ी हैं।
सितारा के अनुसार, समूह से जुड़ी महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने काम को आगे बढ़ा रही हैं। इससे उन्हें अपने उत्पाद तैयार करने और आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है।
उनके लिए स्वयं सहायता समूह केवल उत्पाद तैयार करने का माध्यम नहीं है। यह महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और आय का स्थायी जरिया विकसित करने का मंच भी बन रहा है।
सहारनपुर की सुधा सैनी लगातार चौथी बार ट्रेड शो में
सहारनपुर के नांगल क्षेत्र से आईं सुधा सैनी विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों के साथ ट्रेड शो में शामिल हुई हैं। वह चलोरी स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं।
सुधा लगातार चौथी बार नोएडा में आयोजित ट्रेड शो में हिस्सा ले रही हैं। उनके अनुसार, इस मंच ने उनके उत्पादों को स्थानीय बाजार से आगे ले जाने में मदद की है।
उनका कहना है कि ट्रेड शो के जरिए हस्तशिल्प उत्पादों को व्यापक बाजार और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिलता है। इससे समूह से जुड़ी महिलाओं के काम को नई पहचान मिल रही है।
उत्पाद बनाने से आगे बढ़कर बाजार संभाल रहीं महिलाएं
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहुंची इन महिला उद्यमियों की कहानियों में एक समान बदलाव दिखाई देता है। महिलाएं अब केवल उत्पादन की भूमिका तक सीमित नहीं हैं। वे कारोबार के दूसरे महत्वपूर्ण हिस्सों को भी संभाल रही हैं।
उत्पाद तैयार करना, उसकी गुणवत्ता बनाए रखना, ब्रांडिंग करना, ग्राहकों से संपर्क करना, बिक्री करना और नए बाजार तलाशना—इन सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं इससे एक कदम आगे बढ़कर दूसरी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार कर रही हैं। इस तरह एक महिला की आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रभाव दूसरी महिलाओं तक भी पहुंच रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ने का बन रहा अवसर
ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो महिला उद्यमियों के लिए केवल बिक्री का मंच नहीं है। यहां उन्हें नए ग्राहकों, कारोबारी संपर्कों और संभावित बाजारों से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है।
हस्तनिर्मित उत्पादों, स्थानीय शिल्प और महिला उद्यमिता को बड़े मंच पर प्रदर्शित किए जाने से इन उत्पादों की पहुंच बढ़ सकती है। वहीं, खरीदारों से सीधे संपर्क मिलने से उद्यमियों को बाजार की मांग और ग्राहकों की पसंद समझने का अवसर भी मिलता है।
इन महिला उद्यमियों की यात्रा यह दिखाती है कि जब स्थानीय हुनर को कारोबार, बाजार और उचित अवसर से जोड़ा जाता है, तो महिलाएं अपने लिए ही नहीं बल्कि दूसरी महिलाओं के लिए भी रोजगार के रास्ते तैयार कर सकती हैं।


