नए पद मिलने पर ग्रामीणों ने पगड़ी पहनाकर किया सम्मान
गांव की समस्याओं को लेकर प्राधिकरण घेराव की चेतावनी
ग्रेटर नोएडा के बिरोडी गांव में भारतीय किसान यूनियन (BKU) की एक महत्वपूर्ण पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन के वरिष्ठ नेता पवन खटाना को राष्ट्रीय संगठन महामंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता बनाए जाने पर जोरदार स्वागत किया गया।
इस मौके पर परविंदर मावी ने अपने आवास पर पवन खटाना का फूल-मालाओं और पगड़ी पहनाकर भव्य सम्मान किया। पंचायत की अध्यक्षता राजपाल मावी ने की, जबकि संचालन जिला अध्यक्ष रॉबिन नागर और सुनील प्रधान द्वारा किया गया।
🚜 ग्रामीणों ने उठाई मूलभूत समस्याएं
पंचायत के दौरान गांव के लोगों ने अपनी कई प्रमुख समस्याओं को किसान यूनियन के नेताओं के सामने रखा। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
मुख्य समस्याएं इस प्रकार रहीं:
बारात घर की टूटी हुई बाउंड्री
बिजली के अनाप-शनाप बिल
श्मशान घाट की उचित व्यवस्था का अभाव
गांव में जगह-जगह जलभराव
पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं
टूटी हुई सड़कें
आबादी का निस्तारण न होना (सबसे बड़ा मुद्दा)
ग्रामीणों ने इन समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
⚠️ प्राधिकरण घेराव की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन के नेता पवन खटाना ने पंचायत में आश्वासन दिया कि गांव की सभी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो प्राधिकरण का घेराव किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि गौतम बुद्ध नगर में पंचायत व्यवस्था खत्म होने से गांवों का अस्तित्व कमजोर हुआ है। प्रतिनिधित्व के अभाव में विकास कार्य ठप पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
👥 बड़ी संख्या में किसान-मजदूर रहे मौजूद
इस पंचायत में सैकड़ों की संख्या में किसान और मजदूर शामिल हुए। कार्यक्रम में सुनील प्रधान, अनित कसना, ओमबीर प्रधान, अजीत अधाना, रॉबिन नागर, गजेंद्र चौधरी, लाला यादव, अमित डेढा, पवन नागर, ललित चौहान, अजीत जोगिंदर, बेगराज प्रधान, जगत प्रधान, संदीप खटाना, अरविंद लोहिया, धर्मपाल स्वामी, भरत अवाना, सुरेंद्र मावी, नागेश चपराना, प्रिंस गैराठी, प्रकाश फौजी, राकेश चौधरी, वीरू नागर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
📌 गांव के विकास को लेकर बढ़ी उम्मीदें
इस पंचायत के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी आवाज उठाने का मंच मिला। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि प्रशासन और प्राधिकरण इन समस्याओं का समाधान कब तक करता है।


